आजकल विदेश (US) के शेयर खरीदना बहुत आसान हो गया है. आप आसानी से Apple, Tesla या Nvidia जैसी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं. लेकिन निवेश जितना आसान है, टैक्स उतना आसान नहीं है. सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं वो है विदेश से मिलने वाले डिविडेंड (Dividend) को ITR में दिखाना भूल जाना. यही छोटी सी गलती आगे चलकर नोटिस और भारी पेनल्टी बन सकती है.
1/8अगर आप भारत के निवासी हैं, तो आपको अपनी ग्लोबल इनकम (Global Income) पर टैक्स देना होता है. इसमें विदेश से मिलने वाला डिविडेंड भी शामिल है.
2/8US कंपनियां आमतौर पर डिविडेंड पर करीब 25% टैक्स पहले ही काट लेती हैं. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आपका काम खत्म हो गया. आपको ITR में पूरा डिविडेंड (Full Amount) दिखाना ही पड़ेगा. हां, आप Foreign Tax Credit (FTC) लेकर डबल टैक्स से बच सकते हैं.
3/8मान लीजिए आपको $10 का डिविडेंड मिला. US ने 25 फीसदी यानी $2.5 टैक्स काट लिया. इस तरह आपको $7.5 मिला. अब भारत में आपको पूरे $10 पर टैक्स देना होगा. अगर आप 30% टैक्स स्लैब में हैं तो टैक्स $3 बनता है. आपने पहले ही $2.5 दे दिया है, तो अब आपको सिर्फ $0.5 और देना होगा.
4/8कई लोग ये गलती करते हैं कि वह Foreign shares को Schedule FA में दिखा देते हैं, लेकिन डिविडेंड इनकम अलग से नहीं दिखाते. याद रखें Schedule FA सिर्फ शेयर की जानकारी देता है. Dividend को “Income from Other Sources” में दिखाना जरूरी है.
5/8हां, बिल्कुल पकड़ सकता है. भारत कई देशों के साथ डेटा शेयर करता है. इससे सरकार को पता चल जाता है कि आपने विदेश से कितना कमाया. अगर ITR और असली डेटा में फर्क हुआ तो नोटिस आ सकता है.
6/8अगर आपने शेयर तो दिखाए हैं, लेकिन डिविडेंड भूल गए हैं, तो यह आमतौर पर Black Money केस नहीं होता. लेकिन फिर भी टैक्स का 50% से 200% तक पेनल्टी लग सकती है. हालांकि, अगर आपने कोई विदेश इनकम जानबूझकर छुपाई हुई है तो वह ब्लैक मनी का केस हो जाता है, जिसके लिए आप पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है.
7/8घबराने की जरूरत नहीं है. आप Updated Return भर सकते हैं. आप 4 सालों तक अपडेटेड रिटर्न भर के अपनी अघोषित विदेशी आय दिखा सकते हैं. हालांकि, आपको कुछ जुर्माना तो चुकाना ही होगा. जितनी जल्दी सुधार करेंगे, उतना कम जुर्माना लगेगा, यानी उतना ही ज्यादा फायदा होगा.
8/8हमेशा ये डॉक्यूमेंट्स सुरक्षित रखें- Broker statement, Dividend report, Form 1099 (US टैक्स डॉक्यूमेंट). इससे सही रिपोर्टिंग और टैक्स क्रेडिट लेना आसान हो जाता है.