ओल्ड vs न्यू टैक्स सिस्टम: 4 कारण जो बताते हैं क्यों पुराना रेजीम अब भी है टैक्सपेयर्स के लिए असली 'पैसा वसूल' ऑप्शन! समझें गणित

नया टैक्स रेजीम भले ही कम टैक्स दरों और आसान प्रक्रिया का दावा करता हो, लेकिन हर टैक्सपेयर के लिए यह फायदेमंद नहीं होता.तो अगर आप 80C, HRA, होम लोन या अन्य डिडक्शन का लाभ लेते हैं, तो कई मामलों में पुराना टैक्स रेजीम ज्यादा टैक्स बचत दे सकता है.
ओल्ड vs न्यू टैक्स सिस्टम: 4 कारण जो बताते हैं क्यों पुराना रेजीम अब भी है टैक्सपेयर्स के लिए असली 'पैसा वसूल' ऑप्शन! समझें गणित

जब सरकार ने नया टैक्स सिस्टम लागू किया, तब टैक्सपेयर्स को दो ऑप्शन दिए गए,पहला पुराना टैक्स रेजीम, जिसमें कई तरह की छूट और डिडक्शन मिलते हैं, और दूसरा नया टैक्स रेजीम, जिसमें टैक्स दरें कम हैं लेकिन ज्यादातर छूट और लाभ खत्म कर दिए गए हैं. हालांकि नया टैक्स सिस्टम प्रोसेस को आसान बनाने के लिए लाया गया है, लेकिन यह हर इंसान के लिए फायदेमंद नहीं होता.

खासकर उन लोगों के लिए, जो आयकर कानून की अलग-अलग धाराओं के तहत नियमित रूप से टैक्स छूट का लाभ लेते हैं.तो आइए जानते हैं चार ऐसी वजहें, जिनके कारण कई लोगों के लिए पुराना टैक्स रेजीम अभी भी बेहतर विकल्प हो सकता है.

1. अगर आप ज्यादातर टैक्स छूट और डिडक्शन का लाभ लेते हैं

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  • पुराने टैक्स रेजीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कई तरह की टैक्स छूट और डिडक्शन मिलते हैं.
  • अगर आप आयकर कानून की धारा 80C के तहत इन्वेस्टेंट करते हैं
  • जैसे EPF, PPF, जीवन बीमा प्रीमियम, होम लोन की मूल राशि का भुगतान या ELSS म्यूचुअल फंड
  • इनमें आपको ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिल सकती है.
  • इसके अलावा धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस, धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज और HRA जैसी छूट भी मिलती है.
  • अगर पहले से इन सभी लाभों का पूरा यूज करेंगे, तो नए टैक्स रेजीम में जाने से टैक्स बचत कम हो सकती है.

2. अगर आपके ऊपर होम लोन है या आप किराए के घर में रहते हैं

  • अगर होम लोन लिया हुआ है या आप किराए के घर में रहते हैं, तो पुराना टैक्स सिस्टम ज्यादा फायदेमंद हो सकता है.
  • होम लोन लेने वाले लोग धारा 24(b) के तहत ब्याज पर ₹2 लाख तक की टैक्स छूट ले सकते हैं.
  • इसके अलावा होम लोन की मूल राशि पर धारा 80C के तहत भी छूट मिल सकती है.
  • किराए के घर में रहने वाले कर्मचारी HRA (हाउस रेंट अलाउंस) के जरिए टैक्स बचा सकते हैं.
  • नए टैक्स सिस्टम में ये फायदे मौजूद नहीं हैं, इसलिए कई सैलरीड लोगों के लिए पुराना रेजीम बेहतर साबित हो सकता है.tax

3. अगर आप सैलरीड कर्मचारी हैं और भत्ते मिलते हैं

  • ज्यादातर सैलरीड कर्मचारियों को HRA, LTA (लीव ट्रैवल अलाउंस), कन्वेयंस अलाउंस या प्रोफेशनल टैक्स जैसी सुविधाएं मिलती हैं.
  • पुराने टैक्स सिस्टम में इन भत्तों पर आंशिक या पूरी टैक्स छूट मिल सकती है, जिससे टैक्सेबल इनकम कम हो जाती है.
  • नए टैक्स रेजीम में इन भत्तों की छूट नहीं मिलती, जिससे कई मामलों में टैक्स का बोझ बढ़ सकता है.

4. अगर आप टैक्स प्लानिंग में लचीलापन चाहते हैं

-पुराना टैक्स रेजीम टैक्स प्लानिंग के लिए ज्यादा विकल्प देता है। इसमें आप सही निवेश और योजनाबद्ध तरीके से टैक्स कम कर सकते हैं

-PPF, ELSS और NPS जैसे निवेश विकल्प न सिर्फ टैक्स बचाते हैं बल्कि लंबी अवधि में बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग बनाने में भी मदद करते हैं

-जो लोग अपने इन्वेस्टमेंट और टैक्स प्लानिंग पर नियंत्रण रखना चाहते हैं, उनके लिए पुराना टैक्स सिस्टम ज्यादा उपयुक्त हो सकता है, नया टैक्स रेजीम भले ही आसान है, लेकिन इसमें टैक्स बचत के ऑप्शन सीमित हैं,

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कम शब्दों में समझें पूरी बात

नया टैक्स रेजीम सरल प्रक्रिया और कम टैक्स दरों के कारण आकर्षक लग सकता है, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए सही ऑप्शन नहीं है.तो अगर आपने टैक्स बचाने वाली योजनाओं में निवेश किया है, होम लोन चुका रहे हैं या आपकी सैलरी में कई तरह के भत्ते शामिल हैं, तो नया सिस्टम चुनने से पहले पूरा गणित जरूर समझ लें. कई मामलों में पुराना टैक्स रेजीम अभी भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है.

FAQs
1. पुराना टैक्स रेजीम क्या है?

पुराने टैक्स सिस्टम में टैक्स दरें थोड़ी ज्यादा होती हैं, लेकिन 80C, HRA, होम लोन और अन्य डिडक्शन का फायदा मिलता है

2. नया टैक्स रेजीम क्या है?
नए टैक्स सिस्टम में टैक्स दरें कम हैं, लेकिन ज्यादातर छूट और डिडक्शन खत्म कर दिए गए हैं

3. किसे पुराना टैक्स रेजीम चुनना चाहिए?
जो लोग 80C निवेश, हेल्थ इंश्योरेंस, होम लोन या HRA जैसी टैक्स छूट का पूरा लाभ लेते हैं, उनके लिए पुराना सिस्टम बेहतर हो सकता है

4. क्या सैलरीड कर्मचारियों को पुराने सिस्टम में ज्यादा फायदा मिलता है?
हाँ,HRA, LTA और अन्य भत्तों पर मिलने वाली टैक्स छूट के कारण कई सैलरीड कर्मचारियों के लिए पुराना टैक्स सिस्टम ज्यादा फायदेमंद हो सकता है

5. नया या पुराना टैक्स सिस्टम कैसे चुनें?
दोनों सिस्टम में अपनी कुल टैक्सेबल इनकम का कैलकुलेशन करके देखें। जिस सिस्टम में कम टैक्स बनता है, वही आपके लिए बेहतर विकल्प है

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