New Tax Regime: Home Loan के ब्याज पर भी मिलती है छूट, बस 'स्मार्ट' लोगों के आता है काम, इक्का-दुक्का लोग ही जानते हैं!

नई इनकम टैक्स व्यवस्था को लेकर भले ही राय बंटी हुई हो, लेकिन इसमें सभी डिडक्शन खत्म नहीं हुए हैं. Section 24(b) के तहत किराए पर दिए गए घर पर होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट अब भी मिलती है. हालांकि यह छूट सीमित है और नुकसान को सैलरी से एडजस्ट या आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता.
New Tax Regime: Home Loan के ब्याज पर भी मिलती है छूट, बस 'स्मार्ट' लोगों के आता है काम, इक्का-दुक्का लोग ही जानते हैं!

जब से नई टैक्स व्यवस्था की शुरुआत हुई है, तब से इसकी खूब चर्चा होती है. कुछ लोग इसके बेहद आसान कैल्कुलेशन को बहुत ही शानदार मानते हैं तो कुछ लोगों का कहना है कि इसमें कोई डिडक्शन नहीं मिलता. खैर, भले ही नई इनकम टैक्स व्यवस्था पर लोगों की राय बंटी हुई है, लेकिन सरकारी आंकड़े बताते हैं कि अधिकतर लोग तो नई इनकम टैक्स व्यवस्था को ही चुन रहे हैं.

अब सवाल ये है कि क्या नई टैक्स व्यवस्था में क्या-क्या डिडक्शन मिलते हैं. यकीनन आपके दिमाग में स्टैंडर्ड डिडक्शन और एनपीएस ही आ रहे होंगे. हालांकि, ऐसा है नहीं. एक और बहुत ही अहम डिडक्शन है, जो नई टैक्स व्यवस्था में मिलता है, लेकिन उसका इस्तेमाल आज के वक्त में कुछ पैसे वाले लोग ही कर सकते हैं. यह डिडक्शन है होम लोन के ब्याज से जुड़ा है, लेकिन इसका फायदा उठाने के लिए आपको थोड़ा स्मार्ट होना पड़ेगा. हैरान ना हों, आइए जानते हैं क्या कहता है इनकम टैक्स का नियम.

Section 24(b) के तहत मिलेगा फायदा

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इसके तहत हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम पर होम लोन के लिए दिए गए ब्याज जितने अमाउंट पर टैक्स छूट मिल सकती है. यहां आपको बता दें कि यह डिडक्शन 'Income from House Property' हेड के तहत आती है, ना कि सैलरी या इन्वेस्टमेंट वाले डिडक्शन की तरह.

Section 24(b) वाला डिडक्शन कब मिलेगा?

आपके सामने दो स्थितियां हो सकती हैं. पहली ये कि आपने होम लोन लेकर जो घर बनाया है, उसमें आप खुद ही रह रहे हों. इस हालत में आपको Section 24(b) के तहत टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा.

वहीं दूसरी स्थिति ये हो सकती है कि उस घर को आपने किराए पर दे दिया हो. भले ही यह आपका दूसरा घर हो या आप खुद किराए के घर में रह रहे हों और अपना खुद का घर किराए पर दिया हो. ऐसी स्थिति में आप टैक्स छूट पाने के हकदार हैं, लेकिन कैलकुलेशन थोड़ा अलग होगी.

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कितने रुपये तक पर मिलेगी छूट?

आपको घर किराए पर देकर जितनी कमाई हुई है, होम लोन के ब्याज में आप ज्यादा से ज्यादा उस ब्याज जितनी रकम पर टैक्स छूट पा सकते हैं. हालांकि, आप अपना नुकसान ना तो सैलरी वाली कमाई के साथ एडजस्ट कर सकते हैं ना ही अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं.

अब समझिए इसका कैलकुलेशन

मान लीजिए आपके होम लोन का ब्याज 5 लाख रुपये बनता है. वहीं आपने जो घर किराए पर दिया है उससे आपकी सालाना कमाई 4 लाख रुपये है. ऐसे में आप उस 5 लाख रुपये के ब्याज में से 4 लाख रुपये तक पर टैक्स छूट पा सकते हैं. वहीं 1 लाख रुपये के ब्याज का आपको नुकसान महसूस होगा.

अब कई लोग सोचेंगे कि इसे अपनी सैलरी या अन्य सोर्स से हुई कमाई वाले टैक्स के साथ एडजस्ट कर लें, तो ऐसा नहीं हो सकता है. इतना ही नहीं, अगर आप चाहें कि इसे अगले साल कैरी फॉरवर्ड कर लें, तो वह भी नहीं कर सकते.

अब एक दूसरा उदाहरण लेते हैं. मान लीजिए आपके होम लोन का ब्याज 5 लाख रुपये बनता है. वहीं किराए के घर से आपको 6 लाख रुपये की कमाई होती है. ऐसे में होम लोन के 5 लाख रुपये तक के ब्याज पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा. वहीं बचते हैं सिर्फ 1 लाख रुपये, जिस पर आपको अपने स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा.

ITR Filing के वक्त क्या-क्या जानकारी देनी होगी?

इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त आपको बताना होगा कि आपने होम लोन कहां से लिया है. आपको बैंक या संस्था का नाम बताना होगा और अपनी बात को सपोर्ट करने वाले दस्तावेज जमा करने होंगे. आपको लोन अकाउंट नंबर, लोन मंजूर होने की तारीख, लोन का कुल अमाउंट, कितना लोन बचा है सब बताना होगा. अगर इनमें से कोई जानकारी गलत या अधूरी हुई तो आपका डिडक्शन रिजेक्ट हो सकता है या फिर आपको इनकम टैक्स विभाग की तरफ से नोटिस आ सकता है.

Conclusion

नई टैक्स व्यवस्था को पूरी तरह “डिडक्शन-फ्री” मान लेना एक बड़ी भूल है. Section 24(b) के तहत किराए पर दिए गए घर पर होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट आज भी मिलती है. हालांकि इसमें नुकसान को न सैलरी से एडजस्ट किया जा सकता है और न ही अगले साल ले जाया जा सकता है. इसलिए नई टैक्स व्यवस्था चुनने से पहले अपनी प्रॉपर्टी, किराया और ब्याज का सही कैलकुलेशन करना बेहद जरूरी है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्या नई टैक्स व्यवस्था में होम लोन पर कोई टैक्स छूट मिलती है?

हां, लेकिन सिर्फ किराए पर दिए गए घर के लिए. खुद रहने वाले घर पर Section 24(b) की छूट नहीं मिलती.

2- क्या होम लोन के ब्याज पर कोई लिमिट है?

नहीं, Let-out property में वास्तविक ब्याज राशि तक छूट मिल सकती है, लेकिन सिर्फ किराए की इनकम तक.

3- क्या नुकसान को सैलरी से एडजस्ट किया जा सकता है?

नहीं. नई टैक्स व्यवस्था में हाउस प्रॉपर्टी का नुकसान सैलरी या अन्य इनकम से एडजस्ट नहीं किया जा सकता.

4- क्या बचा हुआ नुकसान अगले साल कैरी फॉरवर्ड होगा?

नहीं, Section 24(b) के तहत हुआ नुकसान Carry Forward भी नहीं किया जा सकता.

5- ITR भरते वक्त कौन-कौन सी जानकारी जरूरी है?

लोन देने वाले बैंक/संस्था का नाम, लोन अकाउंट नंबर, लोन मंजूरी की तारीख, कुल लोन राशि, बकाया लोन और दिए गए ब्याज की पूरी जानकारी देना जरूरी है.

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