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Income Tax Rules 2026 के तहत कई पुराने Tax Forms को बदलकर नए और Unified Forms लाए गए हैं. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
Income Tax Rules 2026 के तहत सरकार ने Tax Compliance को आसान और ज्यादा व्यवस्थित बनाने के लिए कई पुराने फॉर्म को बदल दिया है. इन बदलावों का सीधा असर करोड़ों टैक्सपेयर्स, कर्मचारियों, बिजनेस करने वालों और निवेशकों पर पड़ेगा. नए नियमों का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग Forms को एक साथ जोड़कर पेपरवर्क कम करना और आईटीआर फाइल करने की प्रोसेस को तेज बनाना है.
नए Tax Framework में PAN Application, TDS Certificates, Employee Deduction Declarations और Annual Information Statement जैसे कई जरूरी दस्तावेजों को नया रूप दिया गया है. इससे टैक्स डिपार्टमेंट को डेटा शेयरिंग और मॉनिटरिंग में आसानी होगी, वहीं टैक्सपेयर्स को भी कम कनफ्यूजन और बेहतर ट्रांसपेरेंसी मिलेगी. आइए जानते हैं इन 6 फॉर्म के बारे में:
पहले किराए (Rent), संपत्ति की खरीद-बिक्री, तकनीकी सेवाओं और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) के लिए अलग-अलग टीडीएस सर्टिफिकेट (16B, 16C, 16D, 16E) की जरूरत होती थी. अब इन सबको मिलाकर फॉर्म 132 बना दिया गया है. इससे करदाताओं को अलग-अलग दस्तावेज संभालने की झंझट से मुक्ति मिलेगी.
पैन कार्ड बनवाने के लिए अब पुराने फॉर्म 49A और 49AA का इस्तेमाल नहीं होगा. भारतीय नागरिकों, संस्थाओं, विदेशी नागरिकों और विदेशी संस्थाओं के लिए अब अलग-अलग कैटेगरी में फॉर्म 93, 94, 95 और 96 तक के फॉर्म्स निर्धारित किए गए हैं. इससे पैन से जुड़ी पारदर्शिता बढ़ेगी.
अब आपका वार्षिक सूचना विवरण (AIS) 'फॉर्म 168' के रूप में जाना जाएगा. इसमें 'टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी' (TIS) के साथ आपके पैन से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन का व्यापक रिकॉर्ड होगा. यह आयकर विभाग की तरफ से ऑटो-जेनरेट होता है, जिससे ITR भरते समय गलतियों की संभावना कम हो जाती है.
वरिष्ठ नागरिकों और अन्य लोगों के लिए टीडीएस न कटने के लिए दिए जाने वाले घोषणा फॉर्म 15G और 15H को अब खत्म कर दिया गया है. इनकी जगह अब एक सिंगल फॉर्म 121 होगा. चाहे डिविडेंड हो या ब्याज, अब आपको केवल एक ही फॉर्म जमा करना होगा.
कर्मचारियों को अपने नियोक्ता (Employer) को HRA, LTA, होम लोन ब्याज और अन्य टैक्स-बचत निवेशों की जानकारी देने के लिए अब 'फॉर्म 12BB' की जगह फॉर्म 124 का उपयोग करना होगा.
अगर आपको सैलरी का एरियर, ग्रेच्युटी या पेंशन कम्यूटेशन मिला है और आप उस पर टैक्स राहत (Tax Relief) चाहते हैं, तो अब आपको फॉर्म 10E की जगह फॉर्म 39 भरना होगा. इससे बकाया राशि पर टैक्स छूट का दावा करना पहले से अधिक सरल हो गया है.
आयकर नियम 2026 का मुख्य लक्ष्य "Ease of Compliance" है. फॉर्म 168 जैसे दस्तावेजों के माध्यम से विभाग अब आपके लेन-देन पर अधिक बारीकी से नजर रख पाएगा, जिससे टैक्स चोरी कम होगी. करदाताओं के लिए यह जरूरी है कि वे समय रहते इन नए नंबरों और फॉर्म्स को समझ लें ताकि अंतिम समय में ITR फाइलिंग के दौरान कोई गड़बड़ी न हो.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 नए फॉर्म 132 का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
यह चार अलग-अलग टीडीएस सर्टिफिकेट्स को एक ही फॉर्म में समाहित करता है, जिससे कागजी कार्रवाई कम होती है.
Q2 क्या पुराने 15G और 15H फॉर्म अभी भी चलेंगे?
नहीं, 2026 के नए नियमों के तहत इनकी जगह अब केवल 'फॉर्म 121' ही मान्य होगा.
Q3 फॉर्म 168 (AIS) में कौन सी जानकारी होती है?
इसमें आपके बैंक ब्याज, शेयर बाजार के लेन-देन, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री और टीडीएस से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी होती है.
Q4 क्या फॉर्म 168 को मैन्युअल रूप से भरना पड़ता है?
नहीं, यह आयकर विभाग द्वारा आपके पैन से जुड़े ट्रांजेक्शन के आधार पर ऑटो-जेनरेट होता है.
Q5 कर्मचारियों के लिए टैक्स से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण बदलाव कौन सा है?
कर्मचारियों के लिए अब इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन के लिए 'फॉर्म 124' सबसे महत्वपूर्ण हो गया है.