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जल्द ही इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो सकता है. संसद में हाल ही में पेश की गई एक रिपोर्ट में ऐसे कई सुझाव दिए गए हैं जो टैक्सपेयर्स के अनुभव को बेहतर बना सकते हैं. संसद में एक सिलेक्ट कमेटी ने 4,500 पन्नों की रिपोर्ट पेश की है, जिसमें नए इनकम टैक्स बिल 2025 को लेकर 285 सुझाव शामिल हैं. ये नया कानून 1961 के पुराने टैक्स एक्ट की जगह लेगा. रिपोर्ट में कुछ ऐसे प्रस्ताव हैं जो आम टैक्सपेयर्स को सीधा फायदा पहुंचा सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में.
अभी तक अगर कोई टैक्सपेयर सिर्फ रिफंड के लिए ITR फाइल करता है और समय पर फाइल नहीं कर पाता, तो उस पर ₹1000 तक का जुर्माना लग सकता है. कमेटी ने इस नियम को बदलने का सुझाव दिया है.
अगर किसी की कुल इनकम टैक्स योग्य सीमा से कम है और वह केवल रिफंड क्लेम करने के लिए रिटर्न फाइल कर रहा है, तो उस पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाए. इससे लाखों छोटे टैक्सपेयर्स और सैलरीड कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जो सिर्फ रिफंड के लिए ITR भरते हैं लेकिन समय चूक जाने पर फाइन भरना पड़ता है.
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अगर आपकी कमाई मकान किराए पर देने से होती है, तो भी नए बिल में राहत के कुछ प्रावधान हैं. पहला, प्रॉपर्टी इनकम पर मिलने वाला 30% स्टैंडर्ड डिडक्शन नए कानून में साफ-साफ लिखा जाएगा, जिससे अब कोई भ्रम नहीं रहेगा. दूसरा, होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली छूट जो अभी सिर्फ खुद द्वारा उपयोग की गई प्रॉपर्टी पर मिलती है, वह अब किराए पर दी गई प्रॉपर्टी पर भी मिले, ऐसा सुझाव दिया गया है.
TDS और TCS के रिफंड में देर होना आम बात है. कई लोग महीनों इंतज़ार करते हैं. इस पर भी कमेटी ने ध्यान दिया है और कहा है कि रिफंड की प्रक्रिया को आसान, तेज़ और पारदर्शी बनाया जाए. CBDT ने भी कहा है कि एक नई नीति "Enforcement with Empathy" के तहत ऐसे नियम बनाए जा रहे हैं जिससे ईमानदार टैक्सपेयर्स को कम दिक्कत हो. अगर ये बदलाव लागू हो जाते हैं, तो रिफंड का लंबा इंतजार बीते समय की बात बन सकता है.