Form 121 के बारे में 6 खास बातें, जो हर टैक्सपेयर को होनी चाहिए पता, जानिए किसके लिए है और कैसे करता है काम

आयकर विभाग ने एक बड़ा बदलाव करते हुए पुराने फॉर्म 15G और 15H को खत्म कर दिया है. इनकी जगह अब नया 'फॉर्म 121' (Form 121) लाया गया है, जो पूरी तरह डिजिटल और 'स्मार्ट' है. यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जिनकी सालाना आय टैक्स स्लैब से कम है और वे अपने बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या अन्य निवेशों पर कटने वाले टीडीएस (TDS) को बचाना चाहते हैं.
Form 121 के बारे में 6 खास बातें, जो हर टैक्सपेयर को होनी चाहिए पता, जानिए किसके लिए है और कैसे करता है काम

Income Tax: भारत सरकार ने टैक्स प्रणाली को और अधिक आधुनिक और सरल बनाने के लिए 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' के तहत पुराने फॉर्मों को अलविदा कह दिया है. अब बैंक डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स या अन्य निवेशों पर होने वाली ब्याज की कमाई पर टीडीएस (TDS) न कटे, इसके लिए आपको फॉर्म 121 भरना होगा. यह एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है जो यह प्रमाणित करता है कि आपकी कुल आय टैक्स लगने योग्य सीमा से कम है.

यह बदलाव केवल नाम का नहीं है, बल्कि तकनीक का भी है. आयकर नियम 2026 के नियम 211 के तहत पेश किया गया यह नया फॉर्म पूरी तरह 'स्मार्ट' है, जो आपके डेटा को पहले से ही भर देता है और गलतियों की गुंजाइश को खत्म करता है. अगर आप एक निवेशक हैं, तो आपको इस नए फॉर्म के बारे में 6 महत्वपूर्ण बातें जरूर जान लेनी चाहिए.

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1. फॉर्म 121: दो फॉर्मों की एक शक्ति

अब तक हम अपनी उम्र के हिसाब से 15G (सामान्य नागरिकों के लिए) या 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) भरते थे. लेकिन अब सरकार ने इन दोनों को मिलाकर एक ही 'फॉर्म 121' कर दिया है. यह नया फॉर्म सभी के लिए एक समान है और 'पे-एज-यू-अर्न' के सिद्धांत पर काम करता है.

2. कौन फाइल कर सकता है यह फॉर्म?

फॉर्म 121 भरने के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं:

निवासी व्यक्ति (Resident Individuals): भारत में रहने वाले नागरिक इसे भर सकते हैं.

वरिष्ठ नागरिक: 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग.

HUF: हिंदू अविभाजित परिवार भी इसके पात्र हैं.

किसे अनुमति नहीं है: कंपनियां (Companies) और पार्टनरशिप फर्म्स (Firms) इस फॉर्म का उपयोग नहीं कर सकतीं. साथ ही, अनिवासी भारतीय (NRIs) भी फॉर्म 121 भरने के पात्र नहीं हैं.

3. कब और कैसे करें सबमिट?

फॉर्म 121 को वित्त वर्ष की शुरुआत में ही जमा कर देना सबसे अच्छा माना जाता है. इसे ब्याज मिलने से पहले या खाते में पैसा क्रेडिट होने से पहले जमा करना जरूरी है. आजकल अधिकतर बैंक इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप के जरिए इसे ऑनलाइन जमा करने की सुविधा दे रहे हैं, जिससे आपको बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ते.

4. जरूरी दस्तावेज और जानकारी

इसे भरने के लिए आपके पास कुछ दस्तावेज और जानकारी होनी चाहिए:

PAN कार्ड: यह सबसे अनिवार्य दस्तावेज है.

TAN डीटेल्स: जिस संस्था (बैंक/पेयर) को आप फॉर्म दे रहे हैं, उसका TAN नंबर.

इनकम की जानकारी: उस निवेश या फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी जिस पर आप टीडीएस बचाना चाहते हैं.

उम्र का सर्टिफिकेट: विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए.

बैंक खाते की जानकारी: संबंधित खाता नंबर और अनुमानित सालाना आय.

5. जमा करने के बाद क्या होता है?

जैसे ही आप फॉर्म सबमिट करते हैं, बैंक या वित्तीय संस्थान आपकी जानकारियों की जांच करता है. इसके बाद हर डिक्लेरेशन को एक UIN (Unique Identification Number) दिया जाता है. बैंक इस डेटा को हर महीने इनकम टैक्स विभाग को रिपोर्ट करता है. इससे टैक्स विभाग के पास आपकी आय का सटीक रिकॉर्ड रहता है और टीडीएस की धोखाधड़ी रुकती है.

6. क्यों अलग है यह 'स्मार्ट' फॉर्म?

पुराने फॉर्म्स के मुकाबले फॉर्म 121 काफी एडवांस है. इसमें कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं:

प्री-फिलिंग: आपके प्रोफाइल से नाम, पता और पैन जैसी जानकारी खुद-ब-खुद भर जाती है.

रीयल-टाइम वैलिडेशन: अगर आप कोई जानकारी गलत भरते हैं, तो फॉर्म तुरंत एरर दिखा देगा.

ड्रॉप-डाउन: तारीख और अन्य विकल्पों के लिए आपको टाइप करने की जरूरत नहीं, बस सिलेक्ट करना होगा.

चेक बॉक्स वेरिफिकेशन: हस्ताक्षर के बजाय स्मार्ट चेक बॉक्स के जरिए वेरिफिकेशन की सुविधा.

Conclusion

फॉर्म 121 का आना टैक्सपेयर्स के लिए 'इज ऑफ लिविंग' (Ease of Living) की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह न केवल कागजी कार्रवाई को कम करता है, बल्कि टीडीएस की प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाता है. यदि आपकी आय टैक्स छूट की सीमा के भीतर है, तो समय पर फॉर्म 121 भरकर आप अपनी मेहनत की कमाई पर बेवजह कटने वाले टीडीएस को बचा सकते हैं.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या अब फॉर्म 15G और 15H पूरी तरह बंद हो गए हैं?

हां, नए नियमों के तहत अब केवल फॉर्म 121 ही मान्य होगा.

Q2 क्या NRI व्यक्ति फॉर्म 121 भर सकता है?

नहीं, फॉर्म 121 केवल भारतीय निवासियों और पात्र संस्थाओं के लिए है.

Q3 UIN (यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर) क्या है?

यह एक विशेष नंबर है जो बैंक आपके फॉर्म 121 को स्वीकार करने के बाद जेनरेट करता है.

Q4 क्या मैं साल के बीच में फॉर्म 121 भर सकता हूं?

हां, लेकिन टीडीएस कटौती शुरू होने से पहले इसे भरना जरूरी है, वरना कटा हुआ टैक्स रिफंड ही लेना पड़ेगा.

Q5 अगर मेरे पास पैन (PAN) नहीं है तो क्या होगा?

बिना पैन के फॉर्म 121 मान्य नहीं होता और बैंक अधिकतम दर (आमतौर पर 20%) से टैक्स काट सकता है.

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