चूक गए Advance Tax की आखिरी किस्त देने से? जानिए अब आपके पास क्या हैं विकल्प, तुरंत करें ये काम, वरना होगा बड़ा नुकसान!

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एडवांस टैक्स (Advance Tax) की चौथी और अंतिम किस्त जमा करने की समय सीमा 15 मार्च को समाप्त हो गई है. अगर आप यह डेडलाइन चूक गए हैं, तो पैनिक करने के बजाय तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत है. 31 मार्च तक भुगतान करने पर इसे अभी भी 'एडवांस टैक्स' माना जाएगा, लेकिन देरी के कारण Section 234B और 234C के तहत ब्याज का जुर्माना भरना पड़ सकता है.
चूक गए Advance Tax की आखिरी किस्त देने से? जानिए अब आपके पास क्या हैं विकल्प, तुरंत करें ये काम, वरना होगा बड़ा नुकसान!

Income Tax: हर साल 15 मार्च की तारीख टैक्सपेयर्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यह एडवांस टैक्स (Advance Tax) की आखिरी किस्त जमा करने का आखिरी दिन होता है. लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में कई बार हम ये डेडलाइन चूक जाते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो परेशान न हों. खिड़की अभी पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन हां, अब हर एक दिन की देरी आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है.

आइए समझते हैं कि 15 मार्च की डेडलाइन निकलने के बाद आपके पास क्या कानूनी विकल्प हैं, कितना ब्याज लग सकता है और आपको तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए.

15 मार्च बीत गई, अब आपके पास क्या विकल्प है?

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अगर आपने 15 मार्च तक भुगतान नहीं किया है, तो आपके पास 31 मार्च तक का समय है.

31 मार्च की अहमियत: अगर आप 31 मार्च या उससे पहले अपना टैक्स बकाया जमा कर देते हैं, तो आयकर विभाग इसे अभी भी 'एडवांस टैक्स' के रूप में ही गिनेगा.

ग्रेस पीरियड का खर्च: हालांकि, 15 मार्च के बाद भुगतान करने पर आपको ब्याज देना होगा, लेकिन यह 31 मार्च के बाद भुगतान करने (जिसे सेल्फ-असेसमेंट टैक्स कहा जाता है) की तुलना में कम नुकसानदेह है.

देरी की कीमत: ब्याज का गणित

इनकम टैक्स एक्ट के तहत देरी से भुगतान करने पर दो प्रमुख धाराओं (Sections) के तहत ब्याज लगाया जाता है. इसे समझना बहुत जरूरी है क्योंकि यह आपके कुल टैक्स बिल को काफी बढ़ा सकता है.

A. सेक्शन 234C: किस्त में देरी पर ब्याज

यह ब्याज तब लगता है जब आप तय तिमाही डेडलाइन (जैसे 15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर और 15 मार्च) पर निर्धारित प्रतिशत जमा नहीं करते.

दर: बकाया राशि पर 1% प्रति माह की दर से साधारण ब्याज.

नियम: अगर आपने 15 मार्च की डेडलाइन सिर्फ 2 दिन से भी चूकी है, तो भी विभाग आपसे पूरे एक महीने का 1% ब्याज वसूलेगा. टैक्स गणना में महीने के किसी भी हिस्से को 'पूरा महीना' माना जाता है.

B. सेक्शन 234B: 90% से कम भुगतान पर ब्याज

यह ब्याज तब लागू होता है जब आपने 31 मार्च तक अपनी कुल टैक्स देनदारी का कम से कम 90% हिस्सा जमा नहीं किया होता है.

दर: 1% प्रति माह.

अवधि: यह ब्याज 1 अप्रैल से लगना शुरू होता है और तब तक लगता है जब तक आप पूरा टैक्स जमा नहीं कर देते.

किसे देना होता है एडवांस टैक्स?

बहुत से लोग यह सोचते हैं कि केवल बिजनेस करने वालों को ही एडवांस टैक्स देना है, लेकिन यह सच नहीं है. एडवांस टैक्स उन सभी के लिए जरूरी है जिनकी टीडीएस (TDS) काटने के बाद नेट टैक्स देनदारी ₹10,000 या उससे अधिक है. इसमें शामिल हैं:

फ्रीलांसर और कंसल्टेंट्स: जो प्रोजेक्ट आधारित कमाई करते हैं.

मकान मालिक: जिन्हें प्रॉपर्टी से अच्छा किराया (Rental Income) मिलता है.

निवेशक: जिन्हें शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या क्रिप्टो से कैपिटल गेन हुआ है.

बचतकर्ता: जिन्हें बैंक एफडी (FD) या अन्य स्रोतों से मोटा ब्याज मिलता है.

सैलरी वाले लोग: यदि आपकी सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों से ऐसी आय है जिस पर पूरा टीडीएस नहीं कटा है.

एडवांस टैक्स की किस्तों का शेड्यूल

सरकार साल भर में 4 किस्तों में टैक्स लेती है ताकि करदाताओं पर एक साथ बोझ न पड़े:

डेडलाइन (Deadline)भुगतान की राशि (Cumulative Amount)
15 जून तककुल टैक्स का 15%
15 सितंबर तककुल टैक्स का 45%
15 दिसंबर तककुल टैक्स का 75%
15 मार्च तककुल टैक्स का 100%

अब आपको तुरंत क्या करना चाहिए?

अगर आप 15 मार्च की तारीख भूल गए थे, तो इन 4 स्टेप्स को आज ही फॉलो करें:

कुल आय का आकलन करें: अपनी सैलरी, रेंट, बैंक ब्याज और शेयर बाजार से हुए मुनाफे को जोड़ें.

कटौतियों (Deductions) को घटाएं: 80C, 80D और अन्य निवेशों पर मिलने वाली छूट को कम करें.

TDS चेक करें: अपना Form 26AS या AIS चेक करें कि अब तक कितना टैक्स पहले ही कट चुका है.

बकाया भुगतान करें: यदि बची हुई देनदारी ₹10,000 से ज्यादा है, तो बिना देरी किए आयकर विभाग के पोर्टल पर जाएं और नेट बैंकिंग, UPI या डेबिट कार्ड से भुगतान करें.

भुगतान कैसे करें?

  • आयकर विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट (incometax.gov.in) पर जाएं.
  • e-Pay Tax विकल्प चुनें.
  • अपना पैन (PAN) नंबर डालें और उसे ओटीपी के जरिए वेरिफाई करें.
  • असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 चुनें और Advance Tax (100) माइनर हेड के तहत भुगतान करें.

उदाहरण: देर का असर

मान लीजिए आपका कुल टैक्स ₹1,00,000 बनता है और आपने 15 मार्च तक कुछ भी जमा नहीं किया.

स्थितिब्याज का कारणअनुमानित ब्याज (1 माह के लिए)
15 मार्च चूकाSection 234C₹1,000 (₹1,00,000 का 1%)
31 मार्च के बाद भुगतानSection 234B + 234C₹2,000+ (ब्याज बढ़ता जाएगा)

Conclusion

एडवांस टैक्स की डेडलाइन चूकना कोई अपराध नहीं है, लेकिन यह एक महंगा आलस्य साबित हो सकता है. 15 मार्च निकल जाने के बाद भी आपके पास 31 मार्च तक का मौका है कि आप अपनी गलती सुधार लें और 1 अप्रैल से लगने वाले भारी ब्याज (Section 234B) से खुद को बचा लें. याद रखें, टैक्स की सही गणना और समय पर भुगतान न केवल आपको कानूनी पचड़ों से बचाता है, बल्कि आपकी मेहनत की कमाई को जुर्माने के रूप में बर्बाद होने से भी रोकता है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्या वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को भी एडवांस टैक्स देना होता है?

नहीं, ऐसे वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष या अधिक) जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से कोई आय नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स देने की जरूरत नहीं होती.

2- अगर मेरा टैक्स ₹10,000 से कम है तो?

अगर आपकी कुल टैक्स देनदारी (TDS घटाने के बाद) ₹10,000 से कम है, तो आपको एडवांस टैक्स देने की जरूरत नहीं है. आप इसे रिटर्न फाइल करते समय जमा कर सकते हैं.

3- क्या मैं 15 मार्च के बाद भी ऑनलाइन भुगतान कर सकता हूं?

हां, आप 31 मार्च तक पोर्टल पर जाकर 'Advance Tax' हेड के तहत भुगतान कर सकते हैं.

4- क्या ब्याज माफ किया जा सकता है?

आमतौर पर 234B और 234C का ब्याज माफ नहीं होता है, यह सिस्टम द्वारा ऑटो-कैलकुलेट किया जाता है. केवल विशेष परिस्थितियों में (जैसे प्राकृतिक आपदा) ही विभाग कुछ छूट दे सकता है.

5- शेयर बाजार के मुनाफे पर टैक्स कैसे दें?

चूंकि शेयर बाजार का मुनाफा अनिश्चित होता है, इसलिए जिस तिमाही में आपको मुनाफा हुआ है, उसी तिमाही की अगली डेडलाइन तक उसका टैक्स जमा कर देना चाहिए.

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