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आयकर रिटर्न फाइल (ITR Filing) करने की आज आखिरी तारीख (ITR Filing last date) है. अगर आज भी आप इससे चूक जाते हैं तो वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आपको बीलेटेड आईटीआर भरना होगा. बीलेटेड आईटीआर (Belated ITR) भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर है, जिसमें आपको कुछ जुर्माना भी चुकाना पड़ेगा. आईटीआर भरने में देरी होने पर सिर्फ जुर्माना (Penalty) ही नहीं लगता, बल्कि आपको 5 तरह के नुकसान होते हैं.
देरी से आईटीआर फाइल करने पर आपको एक नुकसान ये होता है कि आपको लेट फीस चुकानी होती है. सेक्शन 234एफ के तहत आपको 5000 रुपये लेट फीस देनी होगी. हालांकि, अगर आपकी इनकम 5 लाख रुपये से कम है तो आप पर 1000 रुपये की लेट फीस लगेगी.
सेक्शन 234ए के तहत आपको देरी से आईटीआर भरने पर ना चुकाए गए टैक्स अमाउंट पर 1 फीसदी प्रति महीने के हिसाब से ब्याज भी चुकाना होगा. यानी आप जितने ज्यादा महीनों की देरी करेंगे, उतना ही ज्यादा आप पर ब्याज लगेगा.
इनकम टैक्स नियमों के तहत आप कुछ नुकसान को भी अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं. हालांकि, अगर आप देरी से आईटीआर फाइल करते हैं तो आप नुकसान को कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकेंगे.
आम तौर पर इनकम टैक्स विभाग की तरफ से रिफंड आने में करीब 4-5 हफ्तों का वक्त लग जाता है. अगर आप देरी से आईटीआर भरते हैं तो आपको रिफंड भी देरी से ही मिलेगा. वहीं जितनी जल्दी आप आईटीआर भरेंगे, रिफंड उतनी ही जल्दी प्रोसेस हो जाएगा.
अगर आपने आईटीआर आज भी नहीं भरा तो आप वित्त वर्ष 2023-24 के लिए ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) का चुनाव भी नहीं कर पाएंगे. 1 अगस्त से फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत ITR भरने का ऑप्शन बंद हो जाएगा. ऐसे में अगर आपने काफी निवेश किया है और आप पुराने टैक्स रिजीम के तहत आईटीआर फाइल करना चाहते थे तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है.