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15 जून फॉर्म-16 जारी होने की आखिरी तारीख होती है. यानी 15 जून तक हर नौकरीपेशा कर्मचारी को फॉर्म-16 मिल जाता है. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
Income Tax: हर साल लाखों सैलरीड कर्मचारी आयकर रिटर्न फाइलिंग शुरू होते ही अपना ITR भरने की तैयारी शुरू कर देते हैं. लेकिन टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि नौकरीपेशा लोगों को कम से कम 15 जून तक इंतजार करना ही चाहिए. अब सवाल ये है कि आखिर 15 जून नौकरीपेशा लोगों के लिए खास क्यों होता है?
दरअसल, 15 जून फॉर्म-16 जारी होने की आखिरी तारीख होती है. यानी 15 जून तक हर नौकरीपेशा कर्मचारी को फॉर्म-16 मिल जाता है. यही वजह है कि 15 जून की तारीख तमाम नौकरीपेशा लोगों के लिए बहुत अहम होती है.
Form 16 आपके वेतन, TDS, टैक्स छूट और टैक्स कटौती का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है. अगर आपने Form 16 मिलने से पहले रिटर्न फाइल कर दिया और बाद में डेटा में अंतर निकल आया, तो रिवाइज्ड रिटर्न भरने या विभागीय नोटिस का सामना करना पड़ सकता है.
Form 16 एक TDS प्रमाणपत्र है, जिसे नियोक्ता अपने कर्मचारियों को जारी करता है.
इसमें यह जानकारी होती है कि कर्मचारी की सैलरी से कितना टैक्स काटा गया और सरकार के पास जमा कराया गया.
Part A में क्या होता है?
Part B में क्या होता है?
कई करदाता हर साल इस बात को लेकर भ्रमित रहते हैं.
| टर्म | अवधि |
| Financial Year (FY) 2025-26 | 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 |
| Assessment Year (AY) 2026-27 | FY 2025-26 की आय का आकलन और रिटर्न फाइलिंग वर्ष |
यानी अभी जो रिटर्न भरे जा रहे हैं, वे FY 2025-26 में हुई कमाई से जुड़े हैं.
तकनीकी रूप से आप Form 16 के बिना भी ITR फाइल कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने पर निम्न समस्याएं हो सकती हैं:
Form 16 मिलेगा अगर:
अगर आपने FY 2025-26 के दौरान नौकरी बदली है, तो:
दोनों दस्तावेजों के आधार पर रिटर्न तैयार करें.
हर कर्मचारी को Form 16 मिलना जरूरी नहीं है. आमतौर पर Form 16 नहीं मिलता अगर:
क्योंकि Form 16 मूल रूप से TDS सर्टिफिकेट है, इसलिए TDS नहीं कटने पर इसे जारी करना अनिवार्य नहीं होता.
अगर आपके वेतन से TDS काटा गया है, लेकिन Form 16 नहीं मिला है, तो:
जरूरत पड़ने पर इन दस्तावेजों से ITR भर सकते हैं
हालांकि, Form 16 होने पर प्रक्रिया कहीं ज्यादा आसान हो जाती है.
भारत में बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग सीधे Form 16 के आधार पर ITR फाइल करते हैं. अगर रिटर्न और विभाग के रिकॉर्ड में अंतर आ जाता है तो टैक्स रिफंड अटक सकता है या अतिरिक्त जांच हो सकती है.
15 जून तक इंतजार करना एक छोटा कदम है, लेकिन यह भविष्य की कई परेशानियों से बचा सकता है.
अगर आप सैलरीड कर्मचारी हैं तो:
Step 1: 15 जून तक Form 16 प्राप्त करें
Step 2: Form 26AS और AIS डाउनलोड करें
Step 3: सैलरी और TDS का मिलान करें
Step 4: कटौतियों और छूटों की जांच करें
Step 5: प्री-फिल्ड ITR डेटा को सत्यापित करें
Step 6: रिटर्न फाइल करें और ई-वेरिफाई करें
अगले साल एक अहम बदलाव सामने आया है. Income Tax Act, 2025 के लागू होने के बाद अगले टैक्स चक्र से Form 16 का नाम बदलकर Form 130 किए जाने की उम्मीद है. हालांकि, वर्तमान ITR सीजन AY 2026-27 अभी भी Income-tax Act, 1961 के तहत संचालित हो रहा है और फिलहाल कर्मचारियों को Form 16 ही जारी किया जाएगा.
ITR फाइलिंग जल्दी करना अच्छी बात है, लेकिन जल्दबाजी में करना नहीं. यदि आप नौकरीपेशा हैं, तो 15 जून तक Form 16 मिलने का इंतजार करना समझदारी भरा कदम हो सकता है. इससे आपका रिटर्न ज्यादा सटीक होगा, रिफंड में देरी की संभावना कम होगी और आयकर विभाग के साथ डेटा मिसमैच का जोखिम भी घटेगा.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Form 16 क्या होता है?
Form 16 आपके वेतन, TDS, टैक्स छूट और टैक्स कटौती का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है.
Q2 क्या Form 16 के बिना ITR फाइल किया जा सकता है?
हां, लेकिन Form 26AS, AIS, सैलरी स्लिप और अन्य दस्तावेजों की मदद लेनी होगी.
Q3 Form 16 कब तक जारी किया जाता है?
आमतौर पर 15 जून तक.
Q4 नौकरी बदलने पर कितने Form 16 चाहिए?
हर नियोक्ता से अलग Form 16 लेना चाहिए.
Q5 Form 16 और Form 130 में क्या अंतर है?
Form 130 नया नाम है जो Income Tax Act, 2025 के तहत भविष्य में लागू होगा. वर्तमान फाइलिंग सीजन में Form 16 ही मान्य है.