ITR Filing: Income Tax Return फाइल करने में आ रहीं ये 3 दिक्कतें! इसीलिए बार-बार उठ रही डेडलाइन बढ़ाने की मांग

आईटीआर (ITR Filing) फाइलिंग का वक्त बढ़ाया गया है, लेकिन टैक्सपेयर्स (Taxpayers) को अब भी राहत नहीं मिल रही. पोर्टल पर लगातार तकनीकी दिक्कतें (Technical Glitches), देरी से जारी हुए यूटिलिटीज (Utilities) जैसी समस्याओं ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया है. चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) का बोझ भी बढ़ गया है, जिसके चलते सोशल मीडिया पर वह भी बार-बार लास्ट डेट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.
ITR Filing: Income Tax Return फाइल करने में आ रहीं ये 3 दिक्कतें! इसीलिए बार-बार उठ रही डेडलाइन बढ़ाने की मांग

इनकम टैक्स (Income Tax) रिटर्न भरने वालों के लिए इस बार का सीजन आसान नहीं रहा. सरकार ने आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ाई तो जरूर, लेकिन पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों (Technical Errors) और दूसरी समस्याओं ने टैक्सपेयर्स (Taxpayers) और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (Chartered Accountants) दोनों की परेशानी बढ़ा दी है.

आईटीआर (Income Tax Return) फाइल करने की प्रक्रिया को इस साल भी सहज बनाने का दावा किया गया है, लेकिन 3 बड़ी चुनौतियां लोगों के सामने आई हैं. ये चुनौतियां न सिर्फ समय बर्बाद कर रही हैं, बल्कि टैक्सपेयर्स का भरोसा भी कमजोर कर रही हैं. आइए जानते हैं इन 3 दिक्कतों के बारे में, जिसके चलते आईटीआर फाइलिंग और टैक्स ऑडिट की लास्ट डेट बढ़ाए जाने की मांक की जा रही है.

1. यूटिलिटीज और स्कीमा जारी होने में देरी

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इस साल आईटीआर यूटिलिटीज (ITR Utilities) और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (Tax Audit Report) के स्कीमा समय पर जारी नहीं किए गए. ये फॉर्म 3CA/3CB-3CD (Form 3CA/3CB-3CD) के तहत जरूरी होते हैं. इसमें कई रिवीजन हुए हैं, जिससे प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर्स ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं. नतीजा ये रहा कि फाइलिंग में देरी होती चली गई.

2. इनकम टैक्स पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ी

सितंबर 2025 तक भी पोर्टल पर लॉगिन (Login) की दिक्कत, अपलोड एरर (Upload Errors) और ई-वेरिफिकेशन (E-Verification) की समस्या बनी हुई है. यूजर्स को बार-बार फेल्ड मैसेज मिल रहा है. अपलोड करते समय डेटा मिसमैच हो जाता है. वेरिफिकेशन पूरा न होने से प्रोसेस अटक जाता है. ये सब धारा 139(9) (Section 139(9)) के तहत जरूरी कंप्लायंस को मुश्किल बना रहा है.

3. चार्टर्ड अकाउंटेंट्स पर भारी बोझ

आईटीआर फाइलिंग के साथ-साथ सीए (CA) को जीएसटी (GST Filing), एमसीए कंप्लायंस (MCA Compliance) और दूसरी कानूनी जिम्मेदारियां भी संभालनी होती हैं. टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (Tax Audit Report) तैयार करना बेहद डिटेल में एनालिसिस और रिकन्सिलिएशन मांगता है. धारा 44AB (Section 44AB) के तहत ऑडिट रिपोर्ट जल्दी तैयार करना मुश्किल. इससे गलतियां होने का खतरा बढ़ जाता है और काम की क्वालिटी प्रभावित होती है.

Conclusion

आईटीआर फाइलिंग की तारीख भले ही बढ़ा दी गई हो, लेकिन चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं. टैक्सपेयर्स और प्रोफेशनल्स दोनों लगातार संघर्ष कर रहे हैं. सरकार को चाहिए कि वह पोर्टल की गड़बड़ियां जल्द ठीक करे और यूटिलिटीज समय पर जारी करे. वरना हर बार तारीख बढ़ाने के बावजूद टैक्सपेयर्स की मुश्किलें कम नहीं होंगी.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. आईटीआर क्या है?

सालाना आय और टैक्स की जानकारी देने वाला फॉर्म.

2. क्या हर किसी को आईटीआर फाइल करना जरूरी है?

नहीं, सिर्फ उन लोगों को जिनकी आय टैक्स स्लैब से ऊपर है.

3. आईटीआर फाइल करने के फायदे क्या हैं?

लोन, वीजा और टैक्स रिफंड जैसी सुविधाएं मिलती हैं.

4. आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख क्या है?

15 सितंबर 2025.

5. अगर आईटीआर देर से फाइल हो तो क्या होगा?

लेट फीस और पेनल्टी लग सकती है.

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