ITR Filing की Deadline से लेकर Form-16 तक, 1 अप्रैल से हुए ये 5 बड़े बदलाव, हर टैक्सपेयर को होने चाहिए पता!

भारत सरकार ने आयकर अधिनियम, 1961 को बदलकर अब आयकर अधिनियम, 2025 लागू कर दिया है. 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी इन नए नियमों में आईटीआर (ITR) फाइलिंग की डेडलाइन, फॉर्म के नाम और पैन (PAN) कार्ड की अनिवार्यता से जुड़े 5 बड़े बदलाव किए गए हैं. यह बदलाव मुख्य रूप से टैक्स वर्ष 2026-27 के लिए हैं.
ITR Filing की Deadline से लेकर Form-16 तक, 1 अप्रैल से हुए ये 5 बड़े बदलाव, हर टैक्सपेयर को होने चाहिए पता!

1 अप्रैल 2026 से देश में टैक्स की दुनिया पूरी तरह बदलने जा रही है. अब तक हम जिस इनकम टैक्स एक्ट 1961 का पालन करते आ रहे थे, उसकी जगह अब आयकर अधिनियम, 2025 ने ले ली है. हालांकि, असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 (यानी पिछले साल की कमाई) के लिए पुराने नियम ही चलेंगे.

खैर, नए वित्त वर्ष 2026-27 की कमाई के लिए ये 5 बड़े बदलाव हुए हैं, जो आपको अभी से जान लेने चाहिए. इससे आपको फायदा ये होगा कि आप आगे की टैक्स प्लानिंग आसानी से कर सकेंगे और आपको कोई दिक्कत नहीं होगी. ये नए बदलाव अगले साल आईटीआर फाइल करते वक्त काम आएंगे. आइए जानते हैं कौन से हैं ये 5 बदलाव.

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1. ITR फाइल करने की आखिरी तारीख में बदलाव

अब तक ऑडिट की जरूरत न होने वाले बिजनेस और प्रोफेशनल लोगों के लिए ITR भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई होती थी. नए नियमों के तहत इसे बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है. ध्यान दें कि नौकरीपेशा (Salaried) लोगों के लिए यह तारीख अभी भी 31 जुलाई ही रहेगी.

2. संशोधित (Revised) ITR के लिए अब मिलेगा ज्यादा समय

अगर आपसे ओरिजिनल ITR में कोई गलती हो जाती है, तो उसे सुधारने के लिए अब आपको 9 महीने के बजाय 12 महीने का समय मिलेगा. पहले इसकी लास्ट डेट 31 दिसंबर हुआ करती थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है. लेकिन एक बात याद रखें, अगर आप 9 महीने बीत जाने के बाद रिटर्न रिवाइज करते हैं, तो आपको 1,000 रुपये (5 लाख तक की आय पर) या 5,000 रुपये (अन्य मामलों में) की फीस देनी होगी.

3. ITR-U (Updated Return) के नियमों में बड़ी ढील

अब आप री-असेसमेंट (Re-assessment) का नोटिस मिलने के बाद भी अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) फाइल कर पाएंगे. इसके लिए आपको बकाया टैक्स और ब्याज के साथ केवल 10% अतिरिक्त टैक्स देना होगा. इसके अलावा, अब आप अपने पुराने घाटे (Loss) को कम करने के लिए भी ITR-U का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिसकी अनुमति पहले नहीं थी.

4. पैन (PAN) कार्ड की अनिवार्यता को बढ़ाया

सरकार ने अब नॉन-बिजनेस ट्रांजैक्शन के लिए भी पैन कार्ड देना जरूरी कर दिया है. धारा 262(10)(c) के तहत, अब 2 लाख रुपये से अधिक की ज्वैलरी खरीदने या अन्य बड़े व्यक्तिगत खर्चों के लिए आपको अनिवार्य रूप से अपना पैन नंबर देना होगा.

5. इनकम टैक्स फॉर्म के नामों में बड़ा बदलाव

सबसे चौंकाने वाला बदलाव फॉर्म के नामों में हुआ है. अब पुराने फॉर्म नंबर इतिहास बन जाएंगे. आपके काम आने वाले मुख्य फॉर्म अब इन नामों से जाने जाएंगे:

  • Form 15G/H (टीडीएस बचाने के लिए) अब Form 121 बन गया है.
  • Form 16 (सैलरी सर्टिफिकेट) को अब Form 130 कहा जाएगा.
  • Form 26AS (टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट) अब Form 168 के नाम से मिलेगा.
  • ऑडिट से जुड़े तीनों फॉर्म (3CA, 3CB, 3CD) को मिलाकर अब एक अकेला Form 26 बना दिया गया है.

Conclusion

इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टैक्स प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है. फॉर्म के नाम बदलने से शुरुआती दौर में थोड़ी उलझन हो सकती है, लेकिन ऑडिट फ्री बिजनेस के लिए समय सीमा बढ़ना और ITR-U में सुधार की गुंजाइश देना करदाताओं के लिए राहत की बात है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्या नौकरीपेशा लोगों के लिए ITR की आखिरी तारीख बदल गई है?

नहीं, सैलरी पाने वाले लोगों के लिए आखिरी तारीख अभी भी 31 जुलाई ही है.

2- क्या मैं अब नोटिस मिलने के बाद भी अपनी गलती सुधार सकता हूं?

हां, नए नियमों के अनुसार नोटिस मिलने के बाद भी 10% अतिरिक्त टैक्स देकर ITR-U भरा जा सकता है.

3- Form 16 की जगह अब कौन सा फॉर्म डाउनलोड करना होगा?

अब आपको Form 16 की जगह नया Form 130 डाउनलोड करना होगा.

4- क्या 5 लाख से कम आय वालों को संशोधित रिटर्न के लिए फीस देनी होगी?

अगर आप 9 महीने बाद संशोधित रिटर्न भरते हैं, तो 1,000 रुपये की फीस लगेगी.

5- ज्वेलरी खरीदने के लिए पैन कार्ड कब जरूरी है?

अगर आप 2 लाख रुपये से ज्यादा की ज्वेलरी खरीदते हैं, तो पैन कार्ड देना अनिवार्य है.

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