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भारत की कर प्रणाली में सुधार और आर्थिक गतिविधियों में तेजी का असर अब सरकारी आंकड़ों में साफ दिखने लगा है. वित्त वर्ष 2025-26 के समापन पर (31 मार्च 2026 तक), केंद्र सरकार का शुद्ध प्रत्यक्ष कर (Tax) संग्रह ₹23,40,406 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है. यह आंकड़ा न केवल पिछले साल के मुकाबले बेहतर है, बल्कि यह देश के कर आधार (Tax Base) के विस्तार को भी दर्शाता है.
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, ग्रॉस कलेक्शन (Gross Collection) और नेट कलेक्शन (Net Collection) दोनों में साल-दर-साल (YoY) आधार पर सकारात्मक वृद्धि देखी गई है. विशेष रूप से शेयर बाजार में भारी निवेश के चलते सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) से होने वाली आय में बड़ी उछाल आई है, जो निवेशकों के अटूट भरोसे को प्रमाणित करती है.
यहां वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के बीच के तुलनात्मक आंकड़े दिए गए हैं, जो टैक्स कलेक्शन की पूरी कहानी बयां करते हैं:
ग्रॉस कलेक्शन वह कुल राशि है, जो सरकार ने रिफंड वापस करने से पहले जमा की है.
FY 2025-26: ₹28,11,936 करोड़.
FY 2024-25: ₹27,03,107 करोड़.
बढ़ोतरी: 4.03%.
रिफंड्स घटाने के बाद जो शुद्ध पैसा सरकार के पास बचता है.
FY 2025-26: ₹23,40,406 करोड़.
FY 2024-25: ₹22,26,375 करोड़.
बढ़ोतरी: 5.12%.

सरकार की तरफ से करदाताओं को वापस लौटाई गई राशि.
FY 2025-26: ₹4,71,531 करोड़.
FY 2024-25: ₹4,76,732 करोड़.
बदलाव: -1.09%
यानी पिछले साल के मुकाबले कम रिफंड जारी किए गए.
प्रत्यक्ष कर संग्रह के ये आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को दर्शाते हैं. शुद्ध संग्रह में 5.12% की वृद्धि और विशेष रूप से कॉर्पोरेशन टैक्स में लगभग ₹1.12 लाख करोड़ का इजाफा कंपनियों के बढ़ते मुनाफे की ओर संकेत करता है. वहीं, एसटीटी (STT) में वृद्धि यह बताती है कि भारतीय शेयर बाजार में लेनदेन की मात्रा निरंतर बढ़ रही है. रिफंड्स में आई कमी और नेट कलेक्शन में वृद्धि सरकारी खजाने को और मजबूती प्रदान करेगी, जिसका सीधा लाभ बुनियादी ढांचे और जन-कल्याणकारी योजनाओं में देखने को मिलेगा.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन क्या होता है?
जब सरकार कुल जमा टैक्स (Gross) में से टैक्सपेयर्स को वापस किए गए रिफंड को घटा देती है, तो बची हुई राशि को नेट कलेक्शन कहा जाता है.
Q2 क्या कॉर्पोरेशन टैक्स में बढ़ोतरी हुई है?
हां, कॉर्पोरेशन टैक्स (शुद्ध) पिछले साल के ₹9,86,767 करोड़ से बढ़कर ₹10,99,166 करोड़ हो गया है.
Q3 सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) से कितनी कमाई हुई?
शेयर बाजार के लेनदेन पर लगने वाले इस टैक्स से सरकार को ₹57,522 करोड़ मिले हैं.
Q4 क्या रिफंड की राशि पिछले साल से कम है?
हां, रिफंड्स पिछले साल के मुकाबले 1.09% कम रहे हैं.
Q5 नॉन-कॉर्पोरेशन टैक्स में कौन लोग शामिल हैं?
इसमें व्यक्तिगत आयकरदाता, HUF, पार्टनरशिप फर्में, लोकल अथॉरिटीज और अन्य छोटी संस्थाएं शामिल हैं.