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इनकम टैक्स (Income Tax) बचाने के नाम पर कई लोग अक्सर छोटी-छोटी चालें चलते हैं. इनमें सबसे आम तरीका है फर्जी Rent Receipt लगाना. पिछले कई सालों से बड़ी संख्या में लोग रेंट रिसीप्ट के नाम पर गलत दावे करके HRA Deduction क्लेम करते रहे हैं. बता दें कि आयकर विभाग को भी इन सब के बारे में खबर है.
फर्जीवाड़ा करने का अब यह रास्ता बंद हो चुका है. आयकर विभाग ने AI आधारित डेटा मिलान (AI-Powered Matching) शुरू कर दिया है, जिससे फर्जी रेंट रिसीप्ट लगाकर टैक्स बचाने वालों को तुरंत पकड़ा जा रहा है. कई मामलों में लोगों को IT Notice मिल चुका है.
आयकर विभाग अब बेहद स्मार्ट सिस्टम का उपयोग कर रहा है. HRA इन तीन फॉर्म से मैच किया जाता है- Form 16, AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS. इन तीनों दस्तावेजों में आपके पैन (PAN Linked Transactions) से जुड़े हर भुगतान और ट्रांजेक्शन का विवरण मौजूद होता है, जिसके चलते फर्जीवाड़ा पकड़ में आ जाता है.
बहुत से लोग HRA के नियम ठीक से समझे बिना गलती कर बैठते हैं. HRA डिडक्शन तभी मिलेगा जब आपको कंपनी की तरफ से HRA मिलता हो, आप किराए के घर में रहते हों और किराया वास्तव में चुकाया गया हो. 1 लाख रुपये से अधिक किराया है तो आपको मकान मालिक का PAN नंबर देना अनिवार्य है. अगर आपने PAN गलत दिया या किराया वास्तव में दिया ही नहीं तो सिस्टम आपको तुरंत पकड़ लेगा. वहीं अगर 1 लाख से कम किराया है तो PAN की जरूरत नहीं, लेकिन Department रैंडम चेक कर सकता है.
विभाग का नया AI सिस्टम झूठे दावे, गलत PAN, नकली रेंट एग्रीमेंट, बैंक स्टेटमेंट mismatch और मालिक के खाते में न गई रकम.. सब कुछ एक क्लिक में पकड़ लेता है.
वित्त वर्ष 2025-26 के नए टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक इनकम टैक्स फ्री कर दी गई है.
इससे लोग पुराने रिजीम में मिलने वाले HRA डिडक्शन की जरूरत कम महसूस करेंगे. इसका सीधा असर यह होगा कि फर्जी रेंट रिसीप्ट का खेल कम होगा और पुराने रिजीम को चुनने वाले लोग घटेंगे.
अगर आपने नकली Rent Receipt अपलोड की, रेंट कैश में दिखाया, PAN गलत लिखा या फिर मकान मालिक कोई और, एंट्री किसी और की तो आप शक के घेरे में आ जाएंगे. अगर घर आपके नाम पर है और HRA क्लेम कर लिया तो भी दिक्कत में पड़ जाएंगे. वहीं किराया भेजा नहीं पर receipt बना ली तो भी नोटिस मिल सकता है.
फर्जी रेंट रिसीप्ट का दौर अब खत्म हो चुका है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और PAN-आधारित ट्रैकिंग की वजह से आयकर विभाग हर फर्जी दावा पकड़ सकता है. “HRA में चोरी अब फायदेमंद नहीं, उल्टा भारी जुर्माना और नोटिस का खतरा.” टैक्स बचाना बुरा नहीं, लेकिन गलत तरीके से बचाना अब संभव नहीं. सही जानकारी दें, सही दस्तावेज रखें और बेवजह की परेशानी से बचें.
हां, AI और डेटा मिलान से तुरंत पकड़ लेता है.
नहीं, PAN की जरूरत 1 लाख से ज्यादा रेंट पर होती है.
नहीं, कैश में किराया देने पर डिडक्शन रिजेक्ट हो सकता है.
अगर किराया वास्तव में दिया है तभी.
हां, mismatch मिलते ही Notice आता है.
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