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आयकर रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख यानी 15 सितंबर (ITR Deadline) अब ज्यादा दूर नहीं है. ऐसे में सभी टैक्सपेयर्स (Taxpayers) अपना इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करने में जुटे हैं. लेकिन अगर आप उन लोगों में से हैं जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष (FY 2024-25) में क्रिप्टोकरेंसी (Crypto Assets) में निवेश किया है, तो आपको अपने हर ट्रांजैक्शन को सही-सही दिखाना होगा.
क्रिप्टो इनकम सिर्फ खरीद-बिक्री तक ही सीमित नहीं है. इसमें माइनिंग (Mining), एयरड्रॉप्स (Airdrops) और स्टेकिंग (Staking) से होने वाली कमाई भी शामिल है. सरकार ने साफ कर दिया है कि क्रिप्टो इनकम को इग्नोर करने पर जुर्माना और टैक्स दोनों देना पड़ सकता है.
भारत में क्रिप्टो इनकम (Crypto Income) के लिए अलग से नियम बनाए गए हैं.
| आय का स्रोत (Source of Income) | टैक्स दर (Tax Rate) | रिपोर्टिंग (Reporting) |
|---|---|---|
| बिक्री से लाभ (Sale of Assets) | 30% फ्लैट | ITR-2 / ITR-3 |
| एयरड्रॉप्स (Airdrops) | इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज | FMV पर टैक्स |
| माइनिंग (Mining) | इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज | FMV जोड़कर टैक्स |
| स्टेकिंग (Staking) | इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज | FMV पर टैक्स |
अगर आप क्रिप्टो इनकम को बिजनेस इनकम (Business Income) दिखाते हैं तो आपको ITR-3 भरना होगा. अगर आप इसे कैपिटल गेन (Capital Gain) के तहत दिखाते हैं तो ITR-2 फाइल करना जरूरी है. क्रिप्टो इनकम की रिपोर्टिंग लाइन-बाय-लाइन करनी चाहिए. अगर आप सिर्फ क्यूम्युलेटिव रिपोर्टिंग करेंगे तो टैक्सेबल गेन गलत निकल सकता है और बाद में आपको दिक्कत हो सकती है.

अगर आपको एयरड्रॉप (Airdrop) के जरिए मुफ्त में टोकन (Tokens) मिले हैं तो यह भी टैक्सेबल इनकम (Taxable Income) मानी जाएगी. टोकन मिलने के समय का फेयर मार्केट वैल्यू (FMV) आपकी इनकम में जोड़ दिया जाएगा. बाद में जब आप इन टोकन को बेचेंगे तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा. यह टैक्स सेक्शन 115BBH के तहत 30% की दर से वसूला जाएगा.
माइनिंग (Mining) का मतलब होता है ब्लॉकचेन पर ट्रांजैक्शन को वैलिडेट करना और नए कॉइन बनाना. इसी तरह स्टेकिंग (Staking) में यूजर्स अपने टोकन को लॉक करके रिवार्ड्स पाते हैं. माइनिंग या स्टेकिंग से मिले टोकन का FMV आपकी इनकम में जोड़ा जाएगा. यह इनकम "अदर सोर्सेज" (Other Sources) के तहत टैक्सेबल होगी. अगर आप बाद में इन टोकन को बेचते हैं तो उस पर भी कैपिटल गेन टैक्स लगेगा.
क्रिप्टो इनकम की रिपोर्टिंग के लिए सरकार ने सख्त गाइडलाइन्स जारी की हुई हैं. चाहे वह माइनिंग हो, एयरड्रॉप्स हो या स्टेकिंग हो, हर इनकम को सही कैटेगरी में दिखाना जरूरी है. अगर आप सही ITR नहीं चुनते या अपनी इनकम छिपाते हैं तो न सिर्फ भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि टैक्स विभाग की जांच का सामना भी करना पड़ सकता है.
क्रिप्टो इनकम पर 30% फ्लैट टैक्स और 1% TDS लगता है.
नहीं, क्रिप्टो लॉस को कैरी फॉरवर्ड या सेट-ऑफ नहीं किया जा सकता.
टोकन मिलने के समय FMV आपकी इनकम में जोड़ा जाएगा और बाद में बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा.
माइनिंग इनकम "इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज" के तहत टैक्सेबल होती है.
अगर बिजनेस इनकम की तरह दिखाते हैं तो ITR-3 चुनना होगा और अगर कैपिटल गेन की तरह दिखाते हैं तो ITR-2 भरना होगा.
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