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इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर अब यह देखना बहुत आसान है कि कितने लोगों ने रिटर्न भरा, कितनों का वेरिफिकेशन हो गया और कितनों के रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं. खास बात है कि यह जानकारी बिना लॉगिन किए मिल जाती है.
यह पेज रोज रात में अपडेट होता है, इसलिए आपको हर दिन ताजा स्थिति दिखती है. इसमें सरकार का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और यूजर्स को भरोसेमंद आंकड़े देना है. इस वजह से मीडिया, सीए और आम लोग सभी इसे रेफर कर सकते हैं.
सबसे पहले आप इनकम टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर जाएं. वहां नीचे की तरफ Our Success Enablers नाम का एक बॉक्स दिखेगा, जिसमें Taxpayer Voices और Statistics के टैब रहते हैं. आपको Statistics पर क्लिक करना है. इसके बाद एक नया पेज खुलेगा जहां 4 बड़े नंबर दिखेंगे. ये चारों अलग-अलग चीज बताते हैं, जो हैं- Individual Registered Users, No. of returns filed, No. of returns verified और No. of verified ITRs processed. ये चारों काउंटर हर दिन रात को अपडेट होते हैं.

नीचे दिए गए टेबल से आप एक नजर में समझ सकते हैं कि कौन सा काउंटर क्या बताता है.
| काउंटर पर लिखा हुआ नाम | इसका मतलब | यह किसे मदद करता है |
|---|---|---|
| Individual Registered Users | पोर्टल पर कुल रजिस्टर्ड इंडिविजुअल यूजर कितने हैं | रुझान समझने में, यूजर बेस का फैलाव |
| No. of returns filed (AY 2025-26) | मौजूदा आकलन वर्ष के लिए कुल जमा हुए ITR | फाइलिंग प्रोग्रेस और पीक दिन पहचानने में |
| No. of returns verified (AY 2025-26) | जमा हुए ITR में से कितनों का ई-वेरिफिकेशन पूरा | वेरिफिकेशन गैप पहचानने में |
| No. of verified ITRs processed (AY 2025-26) | वेरिफाइड ITR में से कितने प्रोसेस हो गए | रिफंड और प्रोसेसिंग स्पीड समझने में |
आईटीआर से जुड़ा सबसे भरोसेमंद और ताजा डेटा आपको यहीं मिलता है, वह भी बिना लॉगिन. Our Success Enablers के नीचे Statistics पर एक क्लिक और चार काउंटर आपकी स्क्रीन पर. रोज रात को अपडेट होने की वजह से यह पेज प्लानिंग, रिपोर्टिंग और डिसीजन लेने के लिए परफेक्ट है. अगर पेज भारी ट्रैफिक में धीमा पड़े तो घबराएं नहीं. रिफ्रेश करें, ब्राउजर बदलें और थोड़ा समय दें. सही तरीका अपनाएंगे तो दो मिनट में आपको सारे नंबर मिल जाएंगे.
यह साल भर की आय और टैक्स का विवरण होता है जिसे विभाग को जमा किया जाता है.
FY वह साल है जिसमें आपकी कमाई हुई है, AY उसके अगले साल का आकलन समय होता है, जिसे आप आईटीआर भर रहे होते हैं.
रिटर्न जमा करने के बाद ओटीपी या अन्य तरीके से रिटर्न को ई-वेरिफाई करना होता है.
विभाग ने आपका वेरिफाइड रिटर्न जांच कर उस पर फाइनल एक्शन ले लिया है, अगर रिफंड देना था तो भेज दिया है.
आम तौर पर प्रोसेस पूरा होने के बाद कुछ हफ्तों में जमा हो जाता है.
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