ITR Filing: Income Tax विभाग ने नोटिफाई किए सभी 7 आईटीआर फॉर्म, साथ में ITR-U और ITR-V भी हुए जारी, यहां देखें

इनकम टैक्स विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सभी सातों इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं. छोटे और मध्यम करदाताओं के लिए ITR 1-4 फॉर्म 30 मार्च को ही नोटिफाई हो चुके थे, जबकि ITR 2, 3, 5, 6, 7 और ITR-U (अपडेटेड रिटर्न) मंगलवार को जारी कर दिए गए.
ITR Filing: Income Tax विभाग ने नोटिफाई किए सभी 7 आईटीआर फॉर्म, साथ में ITR-U और ITR-V भी हुए जारी, यहां देखें

इनकम टैक्स विभाग की तरफ से सभी आईटीआर फॉर्म नोटिफाई किए जा चुके हैं.

अगर आप भी अपनी कमाई पर टैक्स चुकाते हैं या रिटर्न फाइल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. इनकम टैक्स विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सभी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म जारी कर दिए हैं. ITR-1 और ITR-4 फॉर्म 30 मार्च को ही नोटिफाई हो गए थे, बाकी फॉर्म 31 मार्च को नोटिफाई कर दिए गए हैं.

इसका मतलब यह है कि आपने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जो भी कमाई की है, उसका हिसाब-किताब देने का समय आ गया है. विभाग ने ITR-1 से लेकर ITR-7 तक के सभी फॉर्म के साथ-साथ 'अपडेटेड रिटर्न' (ITR-U) के लिए भी रास्ता साफ कर दिया है. लेकिन अक्सर करदाताओं के मन में यह उलझन रहती है कि उन्हें कौन सा फॉर्म भरना है. आइए, इसे बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं.

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किसे कौन सा फॉर्म भरना है?

इनकम टैक्स विभाग ने अलग-अलग आय के स्रोतों और करदाताओं की श्रेणी के हिसाब से फॉर्म तय किए हैं:

यह सबसे आम फॉर्म है. यह उन रेजिडेंट व्यक्तियों के लिए है जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है. सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी, अन्य स्रोत (जैसे बैंक ब्याज) और ₹5000 तक की कृषि आय.

यह उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है जिनकी आय व्यापार या पेशे (Business/Profession) से नहीं है. अगर आपकी आय ₹50 लाख से ज्यादा है, एक से अधिक घर हैं, या आपने शेयर मार्केट/प्रॉपर्टी बेचकर कैपिटल गेन (Capital Gain) कमाया है.

यह उन व्यक्तियों और HUF के लिए है जिनकी आय का मुख्य स्रोत व्यापार या पेशा है. अगर आप डॉक्टर, वकील या फ्रीलांसर हैं, या आपका खुद का बिजनेस है और आप बैलेंस शीट मेंटेन करते हैं.

यह छोटे व्यवसायी और पेशेवरों के लिए है, जिनकी आय ₹50 लाख तक है और जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन (Presumptive Taxation) स्कीम (Section 44AD/44ADA) का फायदा उठाते हैं.

यह फॉर्म व्यक्तियों के लिए नहीं है. यह पार्टनरशिप फर्म, LLP (Limited Liability Partnership), एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP) और बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI) के लिए है.

यह फॉर्म कंपनियों (Companies) के लिए है, उन कंपनियों को छोड़कर जो धारा 11 के तहत छूट का दावा करती हैं.

यह फॉर्म उन संस्थाओं के लिए है जिन्हें धारा 139(4A), 139(4B), 139(4C) या 139(4D) के तहत रिटर्न भरना होता है, जैसे चैरिटेबल ट्रस्ट, राजनीतिक दल, विश्वविद्यालय आदि.

ITR-U (अपडेटेड रिटर्न) क्या है?

अगर आपसे पुराने रिटर्न में कोई गलती हो गई थी या आप रिटर्न भरना भूल गए थे, तो ITR-U के जरिए आप उसे सुधार सकते हैं. यह पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विभाग का एक बड़ा कदम है.

ITR-V क्या होता है?

यह एक acknowledgement होता है, जो आपको तब मिलता है जब आप अपना ITR बिना डिजिटल सिग्नेचर (DSC) के फाइल करते हैं. आसान भाषा में समझते हैं. जब आप ऑनलाइन ITR भरते हैं, तो उसे verify (सत्यापित) करना जरूरी होता है. अगर आपने OTP, Aadhaar या net banking से verify नहीं किया, तो आपको एक ITR-V फॉर्म मिलता है. इनकम टैक्स विभाग ने इसे भी नोटिफाई कर दिया है.

जल्दी नोटिफिकेशन का क्या फायदा होगा?

आमतौर पर फॉर्म देर से नोटिफाई होने पर करदाताओं को तैयारी का समय नहीं मिलता था. 1 अप्रैल से पहले ही हुए इन नोटिफिकेशन्स से फायदा यह होगा कि:

  • टैक्सपेयर्स अपने दस्तावेज पहले से तैयार रख सकेंगे.
  • सॉफ्टवेयर कंपनियां अपने ई-फाइलिंग यूटिलिटीज को समय पर अपडेट कर पाएंगी.
  • अंतिम समय (31 जुलाई) की भागदौड़ और तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सकेगा.

Conclusion

आयकर विभाग की इस तत्परता का मतलब है कि अब हमें भी अपनी टैक्स प्लानिंग और फाइलिंग को लेकर गंभीर हो जाना चाहिए. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपनी कमाई के सारे सबूत और निवेश के दस्तावेज जुटाना शुरू कर दें. सही फॉर्म का चुनाव करना बहुत जरूरी है, क्योंकि गलत फॉर्म भरने पर विभाग की ओर से नोटिस आने का खतरा रहता है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्या सैलरी वाले व्यक्ति को हमेशा ITR-1 ही भरना चाहिए?

नहीं, अगर आपकी आय ₹50 लाख से ज्यादा है या आपके पास विदेशी संपत्ति है, तो आपको ITR-2 भरना होगा.

2- ITR फाइल करने की आखिरी तारीख क्या है?

आम तौर पर व्यक्तिगत करदाताओं (जिनका ऑडिट नहीं होना है) के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 होगी.

3- क्या मैं खुद ITR फाइल कर सकता हूं?

हां, अगर आपकी आय का स्रोत सरल है (जैसे सैलरी या ब्याज), तो आप इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर खुद 'ई-फाइल' कर सकते हैं.

4- असेसमेंट ईयर (AY) और फाइनेंशियल ईयर (FY) में क्या अंतर है?

FY (2025-26) वह साल है जिसमें आपने पैसे कमाए. AY (2026-27) वह साल है जिसमें उस कमाई का आकलन (Assessment) और टैक्स भरा जाता है.

5- AIS (Annual Information Statement) क्या है?

यह विभाग द्वारा जारी एक स्टेटमेंट है जिसमें आपके साल भर के सभी बड़े वित्तीय लेनदेन (शेयर खरीद, बड़ा बैंक जमा आदि) का ब्योरा होता है. इसे चेक करके ही ITR भरें.

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