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यह सवाल सुनते ही बहुत से लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें आ जाती हैं. ITR फाइलिंग का नाम आते ही दिमाग में लंबे-चौड़े फॉर्म, जटिल कैलकुलेशन, CA की मोटी फीस और नोटिस का डर घूमने लगता है. लेकिन अगर मैं आपसे कहूं कि यह सब बीती बातें हैं? अगर मैं कहूं कि ITR फाइल करना अब चाय पीने जितना ही आसान हो गया है और आप यह काम 20-30 मिनट में खुद कर सकते हैं?
जी हां, यह बिल्कुल सच है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अब इस प्रक्रिया को इतना सरल और ऑटोमेटेड बना दिया है कि अगर आपके पास सही जानकारी और सही डॉक्युमेंट्स हैं, तो आपको किसी की मदद की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. आज मैं आपको वही तरीका बताने जा रहा हूं- एक ऐसा तरीका, जिससे आसान तरीका अब तक न किसी ने बताया होगा, न बताएगा!
ITR फाइल करने से पहले, यह समझना जरूरी है कि यह क्यों और किसके लिए जरूरी है.
अगर आपकी कुल सालाना आय (Gross Total Income) आपकी उम्र के हिसाब से बेसिक छूट सीमा (जैसे ₹2.5 लाख, ₹3 लाख या ₹5 लाख) से ज्यादा है.
अगर आपने साल में अपने बैंक खाते में ₹1 करोड़ से ज्यादा जमा किए हैं.
अगर आपने विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से ज्यादा खर्च किए हैं.
अगर आपने साल का बिजली बिल ₹1 लाख से ज्यादा भरा है.
अगर आप TDS या TCS रिफंड क्लेम करना चाहते हैं.
लोन लेने में आसानी: बैंक ITR को आपकी आय का सबसे पुख्ता सबूत मानते हैं.
वीजा एप्लीकेशन: कई देश वीजा के लिए पिछले सालों के ITR की मांग करते हैं.
बड़ा बीमा कवर: इंश्योरेंस कंपनियां बड़ा टर्म प्लान देने के लिए ITR देखती हैं.
नुकसान को आगे ले जाना: अगर आपको शेयर बाजार या बिजनेस में नुकसान हुआ है, तो उसे अगले सालों के मुनाफे से एडजस्ट करने के लिए ITR भरना जरूरी है.
ITR फाइलिंग को आसान बनाने वाला सबसे बड़ा 'ब्रह्मास्त्र' है AIS (Annual Information Statement) और TIS (Taxpayer Information Summary).
यह आपका 'वित्तीय आईना' है. सरकार के पास आपके हर वित्तीय लेनदेन का जो भी रिकॉर्ड है- आपकी सैलरी, FD का ब्याज, शेयर खरीदने-बेचने की जानकारी, डिविडेंड, प्रॉपर्टी का लेनदेन- वह सब कुछ AIS में दर्ज होता है.
अब आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं. इनकम टैक्स पोर्टल आपके लिए यह सारी जानकारी पहले से ही जुटाकर रखता है. आपका काम सिर्फ इस जानकारी को वेरिफाई करना है.
इससे पहले कि आप पोर्टल पर लॉगिन करें, इन डॉक्युमेंट्स को अपने पास एक फोल्डर में तैयार कर लें.
पैन कार्ड (PAN Card)
आधार कार्ड (Aadhaar Card) (यह पैन से लिंक होना चाहिए)
फॉर्म-16 (Form-16): यह आपकी कंपनी देती है. इसमें आपकी सैलरी और कटे हुए TDS की पूरी जानकारी होती है.
बैंक अकाउंट स्टेटमेंट: पूरे साल का स्टेटमेंट, खासकर ब्याज की जानकारी के लिए.
होम लोन का ब्याज सर्टिफिकेट: अगर होम लोन है तो.
निवेश के सबूत: अगर आप पुरानी टैक्स रिजीम चुन रहे हैं तो 80C, 80D (LIC, PPF, ELSS, मेडिकल इंश्योरेंस) की रसीदें.
कैपिटल गेन स्टेटमेंट: अगर आपने शेयर्स या म्यूचुअल फंड बेचे हैं तो ब्रोकर से मिला स्टेटमेंट.
अन्य आय के सबूत: जैसे किराये से आय, फ्रीलांसिंग से कमाई आदि.
अब जब तैयारी पूरी हो गई है, तो चलिए उस प्रोसेस पर चलते हैं जो ITR फाइलिंग को बच्चों का खेल बना देता है.
सबसे पहले इनकम टैक्स की नई वेबसाइट www.incometax.gov.in पर जाएं.
अपने यूजर आईडी (जो आपका पैन नंबर है) और पासवर्ड से Login करें.
डैशबोर्ड पर आपको 'File Now' का बटन दिखेगा. या फिर, ऊपर e-File > Income Tax Return > File Income Tax Return पर क्लिक करें.
Assessment Year: 2025-26 चुनें (यह वित्त वर्ष 2024-25 के लिए है).
Mode of Filing: Online चुनें.
Continue पर क्लिक करें.
Status: Individual चुनें और Continue करें.
यहां आपको ITR फॉर्म चुनने के लिए कहा जाएगा. पोर्टल आपकी आय के आधार पर खुद सही फॉर्म सुझाएगा.
ITR-1 (सहज): यह उन लोगों के लिए है जिनकी आय ₹50 लाख तक है, और आय का स्रोत सैलरी, एक घर से किराया और अन्य स्रोतों (ब्याज आदि) से है.
ITR-2: अगर आपको कैपिटल गेन (शेयर बेचने से मुनाफा) हुआ है, तो आपको यह फॉर्म चुनना होगा.
अपना फॉर्म चुनें और 'Proceed with ITR' पर क्लिक करें.
'Let's Get Started' पर क्लिक करें. आपसे ITR फाइल करने का कारण पूछा जाएगा, कोई भी एक विकल्प चुन लें.
अब आपके सामने 5 टैब आएंगे: Personal Information, Gross Total Income, Total Deductions, Tax Paid, Total Tax Liability.
जादू यहीं पर है: ये सारे टैब पहले से भरे (Pre-filled) हुए होंगे! यह जानकारी आपके फॉर्म-16, AIS और पिछले ITR से अपने आप उठा ली जाती है.
आपका काम: आपको सिर्फ हर टैब में जाकर जानकारी को अपने डॉक्युमेंट्स से मिलान (Validate) करना है.
Personal Information: अपना नाम, पता, बैंक डिटेल चेक करें.
Gross Total Income: अपनी सैलरी, ब्याज की आय आदि को फॉर्म-16 और बैंक स्टेटमेंट से मिला लें.
Total Deductions: अगर आपने कोई निवेश किया है जो यहाँ नहीं दिख रहा, तो उसे जोड़ दें.
Tax Paid: आपका कटा हुआ TDS यहाँ दिखेगा, इसे फॉर्म-16 से मिला लें.
Total Tax Liability: आखिरी में यह टैब बताएगा कि आपका कोई टैक्स बन रहा है या आपको रिफंड मिलेगा.
सारी जानकारी वेरिफाई करने के बाद, Confirm करें.
एक बार आप पूरी समरी को प्रीव्यू करके 'Submit' कर देंगे, तो आपका ITR फाइल हो जाएगा.
लेकिन रुकिए! काम अभी खत्म नहीं हुआ. अब सबसे जरूरी कदम है - e-Verification.
ITR सबमिट करने के 30 दिनों के अंदर इसे वेरिफाई करना अनिवार्य है, वरना आपकी फाइलिंग अधूरी मानी जाएगी.
सबसे आसान तरीका: Aadhaar OTP. आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, उसे डालते ही आपका ITR वेरिफाई हो जाएगा.
देखा आपने! ITR फाइल करना अब कोई रॉकेट साइंस नहीं रहा. अगर आप तैयारी के साथ बैठते हैं और इनकम टैक्स पोर्टल की 'प्री-फिल्ड' सुविधा का सही इस्तेमाल करते हैं, तो यह प्रक्रिया बेहद आसान और तनाव-मुक्त है. आपको सिर्फ एक 'वेरिफायर' की भूमिका निभानी है, न कि एक 'डेटा एंट्री ऑपरेटर' की. तो अब देर किस बात की? अपने डॉक्युमेंट्स उठाइए, पोर्टल पर लॉगिन कीजिए और खुद बनिए अपने टैक्स के मास्टर.
Q1: ITR फाइल करने की आखिरी तारीख क्या है?
A: आमतौर पर वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए यह 31 जुलाई होती है, लेकिन इस बार सरकार ने इसे 15 सितंबर तक बढ़ा दिया है.
Q2: अगर ITR फाइल करने में कोई गलती हो जाए तो क्या करें?
A: आप डेडलाइन के बाद भी 'Revised Return' फाइल करके अपनी गलती सुधार सकते हैं.
Q3: AIS और फॉर्म 26AS में क्या अंतर है?
A: AIS आपके सभी वित्तीय लेनदेन का विस्तृत विवरण है, जबकि फॉर्म 26AS सिर्फ आपके टैक्स क्रेडिट (TDS, TCS) का स्टेटमेंट है.
Q4: e-Verification के और कौन से तरीके हैं?
A: आप नेट बैंकिंग, बैंक अकाउंट EVC, या ITR-V की साइन्ड कॉपी बेंगलुरु भेजकर भी वेरिफाई कर सकते हैं.
Q5: क्या बिना फॉर्म-16 के ITR फाइल कर सकते हैं?
A: हां, आप अपनी सैलरी स्लिप और AIS की मदद से अपनी इनकम कैलकुलेट करके ITR फाइल कर सकते हैं.