Form-130 FAQ: फॉर्म-16 हुआ रिटायर.. तो उठ खड़े हुए ये 12 सवाल, खुद आयकर विभाग ने दिए आसान जवाब, आप भी जानिए

आयकर विभाग की तरफ से नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत फॉर्म-16 के स्थान पर 'फॉर्म-130' पेश किया गया है. इस नए फॉर्म की उपयोगिता, इसके विभिन्न हिस्सों (Part A, B, C) और नियोक्ताओं व कर्मचारियों के लिए जरूरी नियमों को 12 महत्वपूर्ण सवालों को डीटेल में समझते हैं.
Form-130 FAQ: फॉर्म-16 हुआ रिटायर.. तो उठ खड़े हुए ये 12 सवाल, खुद आयकर विभाग ने दिए आसान जवाब, आप भी जानिए

आयकर विभाग ने इनकम टैक्स प्रोसेस को और अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा बदलाव किया है. अब तक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए टीडीएस (TDS) प्रमाणपत्र के रूप में इस्तेमाल होने वाले 'फॉर्म-16' को रिटायर कर दिया गया है. इसकी जगह अब 'फॉर्म-130' (Form No. 130) ने ले ली है. यह नया फॉर्म न केवल कर्मचारियों के वेतन और कटे हुए टैक्स का विवरण देगा, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों की ब्याज आय और पेंशन के विवरण को भी समाहित करेगा.

नियोक्ताओं (Employers) और बैंकों के लिए अब यह अनिवार्य हो गया है कि वे इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के नए प्रावधानों के तहत ही यह प्रमाणपत्र जारी करें. यह बदलाव टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और डेटा के मिलान को आसान बनाने के उद्देश्य से किया गया है. अगर आप एक कर्मचारी हैं या पेंशनभोगी हैं, तो आपको इस नए फॉर्म की बारीकियों को समझना बेहद जरूरी है. आइए, 12 सवालों के जरिए जानते हैं कि फॉर्म-130 आपके लिए कैसे काम करेगा.

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें

Add Zee Business as a Preferred Source

फॉर्म-130 से जुड़े 12 महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब

नए सिस्टम में फॉर्म-130 को अधिक विस्तृत और डिजिटल रूप से सक्षम बनाया गया है. इसे 3 मुख्य हिस्सों में बांटा गया है, ताकि डेटा का मिलान (Reconciliation) आसान हो सके:

हिस्साडीटेल्स
पार्ट ए (Part A)इसमें नियोक्ता (Employer) और कर्मचारी (Employee) की बेसिक और पहचान संबंधी जानकारी होगी.
पार्ट बी (Part B)इसमें सैलरी का विस्तृत ब्रेकअप और काटे गए टीडीएस (TDS) की पूरी जानकारी होगी.
पार्ट सी (Part C)यह सबसे महत्वपूर्ण है. इसमें पेंशन, टैक्सेबल इनकम का पूरा कैलकुलेशन, जमा टैक्स और सभी तरह की छूट (Deductions) की डिटेल एक ही जगह मिलेगी.

सवाल 1: फॉर्म संख्या 130 क्या है और इसकी उपयोगिता क्या है?

जवाब: फॉर्म संख्या 130 एक टीडीएस (TDS) प्रमाणपत्र है जो नियोक्ता द्वारा अपने वेतनभोगी कर्मचारी या पेंशनभोगी को सालाना जारी किया जाता है. यह अर्जित वेतन, काटे गए और जमा किए गए टैक्स और लागू कटौतियों का विस्तृत सारांश प्रदान करता है. यह इस बात का प्रमाण है कि आपकी आय से टैक्स काटकर सरकार के पास जमा कर दिया गया है. यह आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 402(39) के तहत निर्दिष्ट वरिष्ठ नागरिकों की ब्याज आय पर भी लागू होता है.

सवाल 2: फॉर्म संख्या 130 के विभिन्न भाग कौन से हैं?

जवाब: इस फॉर्म के 3 मुख्य भाग हैं:

पार्ट ए (Part A): इसमें नियोक्ता/बैंक और कर्मचारी/वरिष्ठ नागरिक का विवरण होता है.

पार्ट बी (Part B): इसमें भुगतान की गई राशि और काटे गए टीडीएस का सारांश होता है.

पार्ट सी (Part C): इसके दो अनुलग्नक (Annexures) हैं. अनुलग्नक-I वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए है जिसमें आय की गणना और छूट का विवरण होता है. अनुलग्नक-II निर्दिष्ट वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, जिसमें पेंशन और ब्याज आय का विवरण होता है.

सवाल 3: फॉर्म संख्या 130 ने किस पुराने फॉर्म की जगह ली है?

जवाब: फॉर्म संख्या 130 ने आयकर नियम, 1962 के तहत जारी होने वाले पुराने फॉर्म-16 की जगह ली है.

सवाल 4: फॉर्म संख्या 130 किसे जारी करना चाहिए?

जवाब: वह नियोक्ता या निर्दिष्ट बैंक, जो धारा 392 या 393(1) के तहत टैक्स काटने के लिए जिम्मेदार है, उसे फॉर्म संख्या 130 के रूप में टीडीएस प्रमाणपत्र जारी करना आवश्यक है.

सवाल 5: क्या कटौतीकर्ता (Deductor) के लिए फॉर्म-130 जारी करना अनिवार्य है?

जवाब: हां, एक बार टैक्स कट जाने और जमा हो जाने के बाद नियोक्ता के लिए फॉर्म संख्या 130 जारी करना अनिवार्य है.

सवाल 6: क्या टीडीएस स्टेटमेंट फाइल किए बिना फॉर्म-130 जारी किया जा सकता है?

जवाब: नहीं. इस प्रमाणपत्र को जनरेट करने के लिए त्रैमासिक टीडीएस स्टेटमेंट (Form No. 138) फाइल करना जरूरी है. यह फॉर्म टीडीएस स्टेटमेंट की प्रोसेसिंग के परिणामस्वरुप ही तैयार होता है.

सवाल 7: क्या फॉर्म संख्या 130 ऑफलाइन जारी किया जा सकता है?

जवाब: नहीं. नियोक्ता या बैंक को इसे अनिवार्य रूप से TRACES वेबसाइट से डाउनलोड करना होगा. इसके बाद ही वे इसे डिजिटल या मैनुअल हस्ताक्षर करके आपको दे सकते हैं. किसी अन्य माध्यम से तैयार किया गया प्रमाणपत्र वैध नहीं माना जाएगा.

सवाल 8: फॉर्म संख्या 130 जारी करने की अंतिम तिथि क्या है?

जवाब: जिस वित्तीय वर्ष में टैक्स काटा गया है, उसके ठीक बाद वाले वर्ष की 15 जून तक इसे जारी करना अनिवार्य है.

सवाल 9: यदि फॉर्म-130 में कोई गलती हो, तो क्या सुधार किया जा सकता है?

जवाब: हां, यदि कोई गलती है तो नियोक्ता को निर्धारित समय के भीतर एक संशोधित टीडीएस स्टेटमेंट (Form No. 138) दाखिल करना होगा. स्टेटमेंट प्रोसेस होने के बाद, नियोक्ता सही किया हुआ फॉर्म-130 डाउनलोड करके जारी कर सकता है.

सवाल 10: क्या इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) के साथ फॉर्म-130 संलग्न करना आवश्यक है?

जवाब: नहीं, इसे रिटर्न के साथ जोड़ने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसे अपने रिकॉर्ड के लिए सुरक्षित रखना अनिवार्य है.

सवाल 11: क्या एक ही टैक्स वर्ष के लिए कई फॉर्म-130 जारी किए जा सकते हैं?

जवाब: हां, यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक नियोक्ताओं के पास कार्यरत था, तो प्रत्येक नियोक्ता उस अवधि के लिए अलग प्रमाणपत्र (भाग ए और बी) जारी करेगा. हालांकि, भाग सी (अनुलग्नक-I) कर्मचारी की पसंद के अनुसार प्रत्येक नियोक्ता या अंतिम नियोक्ता द्वारा जारी किया जा सकता है.

सवाल 12: क्या नियोक्ता डुप्लीकेट प्रमाणपत्र जारी कर सकता है?

जवाब: हां, यदि मूल प्रमाणपत्र खो जाता है, तो कटौतीकर्ता फॉर्म-130 का डुप्लीकेट प्रमाणपत्र जारी कर सकता है. हालांकि, प्रमाणपत्र पर यह स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि यह एक 'डुप्लीकेट' कॉपी है.

Conclusion

फॉर्म-16 से फॉर्म-130 का सफर भारतीय टैक्स प्रणाली के डिजिटलीकरण और सरलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है. अब टैक्स पेयर्स के लिए यह जरूरी है कि वे समय पर अपने नियोक्ता से यह नया फॉर्म प्राप्त करें और सुनिश्चित करें कि इसमें दी गई जानकारी उनके 'फॉर्म 26AS' या 'वार्षिक सूचना विवरण' (AIS) से मेल खाती है. याद रखें, सही और समय पर मिली जानकारी ही एक बाधा मुक्त आईटीआर फाइलिंग की कुंजी है.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6