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Credit Card ITR Filing: आज 15 सितंबर 2025 इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख है. ऐसे में अगर आपको अचानक पता चलता है कि आपको एक मोटी रकम टैक्स के तौर पर भरनी है और आपके पास इतना कैश नहीं है कि आप पूरी रकम भर पाएं तो क्या करेंगे? ऐसे में कई बार लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने के बारे में सोचते हैं. लेकिन क्या इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना सही है? यहां जानिए क्रेडिट कार्ड से टैक्स फाइल करने के फायदे और नुकसान.
अगर आपके पास तुरंत कैश की कमी है और आप पक्के तौर पर जानते हैं कि अगले बिलिंग साइकिल तक पूरा भुगतान कर देंगे, तब ये तरीका समझदारी भरा हो सकता है. लेकिन, अगर आप पर पहले से ही क्रेडिट कार्ड का बिल बकाया है, जिसे आप पूरा नहीं चुका पाए हैं, या पेमेंट के बाद अगले बिलिंग साइकिल तक पूरी रकम चुकाने में दिक्कत आ सकती है, तो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है.
अगर आपके पास तुरंत कैश नहीं है, तो ये तरीका काफी काम आता है. इससे आप समय पर टैक्स भरकर पेनाल्टी और ब्याज से बच सकते हैं. इसके अलावा क्रेडिट कार्ड में बिल भरने के लिए आपको 30 से 45 दिन तक का इंटरेस्ट-फ्री टाइम मिलता है. इसका मतलब ये हुआ कि अगर आप आखिरी तारीख पर टैक्स भरते हैं, तो पेनाल्टी से बच जाएंगे और आपको पैसों का इंतजाम करने के लिए थोड़ा और वक्त मिल जाएगा.
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने का एक बड़ा आकर्षण रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक होता है. कई कार्ड कंपनियां टैक्स पेमेंट को रिटेल खर्च मानकर उस पर पॉइंट्स देती हैं. लेकिन कुछ कंपनियां इसे "एक्सक्लूडेड कैटेगरी" में डाल देती हैं और कोई रिवॉर्ड नहीं देती. यानी, टैक्स पेमेंट से मिलने वाला फायदा आपके कार्ड पर निर्भर करता है.
इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर आपको टैक्स भरने के लिए कई ऑप्शन मिलते हैं. यहां आप नेट बैंकिंग, यूपीआई, डेबिट कार्ड के साथ-साथ क्रेडिट कार्ड का भी ऑप्शन चुन सकते हैं. ये पेमेंट बिलडेस्क, पेटीएम या एनएसडीएल जैसे सर्विस प्रोवाइडर्स के जरिए होते हैं. लेकिन एक बात का ध्यान रखें, सभी बैंक और सभी कार्ड्स पर ये सुविधा उपलब्ध नहीं होती. साथ ही, क्रेडिट कार्ड पेमेंट के लिए अलग-अलग चार्जेस भी लग सकते हैं.
नहीं, ये आपके क्रेडिट कार्ड पर निर्भर करता है. कुछ कार्ड कंपनियां टैक्स पेमेंट को रिटेल खर्च मानती हैं और रिवॉर्ड पॉइंट्स देती हैं, जबकि कुछ इसे 'एक्सक्लूडेड कैटेगरी' में रखती हैं और कोई पॉइंट्स नहीं देती.
पेमेंट गेटवे 0.3% से 1% तक का कन्वीनियंस फी वसूलते हैं, जिस पर जीएसटी भी लगता है.
हां, अगर आप अपनी क्रेडिट लिमिट का बड़ा हिस्सा टैक्स भरने में इस्तेमाल करते हैं (हाई क्रेडिट यूटिलाइजेशन), तो ये आपके क्रेडिट स्कोर पर नेगेटिव असर डाल सकता है.
अगर आप ड्यू डेट तक पूरा बिल नहीं चुकाते हैं, तो आपको सालाना 36% या उससे भी ऊंची दर से ब्याज देना पड़ सकता है.
सबसे बड़ा फायदा ये है कि अगर आपके पास तुरंत कैश नहीं है, तो आप समय पर टैक्स भरकर पेनल्टी और ब्याज से बच सकते हैं, साथ ही आपको बिल चुकाने के लिए 30-45 दिन का इंटरेस्ट-फ्री पीरियड भी मिल जाता है.