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जिन्हें एचआरए नहीं मिलता, वह Section 80GG के तहत किराए के खर्च पर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
किराए के घर में रहने वाले ज्यादातर लोग HRA को टैक्स बचत का सबसे बड़ा जरिया मानते हैं. लेकिन HRA का फायदा केवल उन्हीं लोगों को मिलता है, जिन्हें यह उनके सैलरी पैकेज का हिस्सा बनाकर दिया जाता है.
यही वजह है कि लाखों फ्रीलांसर, कंसल्टेंट, यूट्यूबर, डॉक्टर, वकील और छोटे कारोबारी अक्सर यह मान लेते हैं कि उन्हें किराए पर किसी तरह की इनकम टैक्स राहत नहीं मिल सकती. जबकि आयकर कानून में ऐसे लोगों के लिए भी अलग प्रावधान मौजूद है.
अगर आपको किसी नियोक्ता से House Rent Allowance (HRA) नहीं मिलता है, तब भी Income Tax Act, 1961 के Section 80GG के तहत किराए पर टैक्स डिडक्शन का दावा किया जा सकता है.
यह प्रावधान खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो किराए के मकान में रहते हैं, लेकिन उनकी आय सैलरी के रूप में नहीं आती या उनकी सैलरी में HRA शामिल नहीं होता. हालांकि, यह फायदा केवल उन करदाताओं को मिलता है जो Old Tax Regime चुनते हैं. New Tax Regime में यह डिडक्शन उपलब्ध नहीं है.
Section 80GG का लाभ लेने के लिए करदाता को सभी निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं.

| आधार | HRA Exemption | Section 80GG |
| पात्रता | वेतनभोगी कर्मचारी | गैर-वेतनभोगी या HRA न पाने वाले |
| आधार | सैलरी स्ट्रक्चर | किराया भुगतान |
| अधिकतम लाभ | आय और किराए पर निर्भर | ₹60,000 प्रति वर्ष |
| फॉर्म की जरूरत | नहीं | Form 10BA जरूरी |
| टैक्स व्यवस्था | Old Regime | Old Regime |
यही सबसे बड़ा अंतर है. HRA में मिलने वाली छूट कई मामलों में काफी अधिक हो सकती है, जबकि Section 80GG में सालाना अधिकतम सीमा ₹60,000 तय है.
Section 80GG के तहत मिलने वाला डिडक्शन निम्न 3 राशियों में से जो सबसे कम होगी, उसके बराबर होगा:
उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय ₹8 लाख है और वह सालभर में ₹1.80 लाख किराया देता है, तो कैलकुलेशन के बाद भी अधिकतम डिडक्शन ₹60,000 तक सीमित रह सकता है. यानी ज्यादा किराया देने का मतलब यह नहीं है कि पूरी राशि पर टैक्स छूट मिल जाएगी.
Section 80GG का दावा करते समय ये दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए:
दस्तावेजों का पूरा रिकॉर्ड रखने से भविष्य में किसी भी टैक्स जांच के दौरान परेशानी नहीं होती.
भारत में Gig Economy और Freelancing तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में बड़ी संख्या में लोग किराए के मकान में रहते हैं, लेकिन उन्हें Section 80GG की जानकारी नहीं होती. यही कारण है कि कई पात्र करदाता हर साल उपलब्ध टैक्स राहत का फायदा नहीं उठा पाते.
अगर आप फ्रीलांसर, यूट्यूबर, कंसल्टेंट, डॉक्टर, वकील या छोटे कारोबारी हैं और किराए के मकान में रहते हैं, तो ITR भरने से पहले Section 80GG की पात्रता जरूर जांच लें. सही तरीके से क्लेम करने पर आपकी टैक्स देनदारी कुछ हद तक कम हो सकती है.
HRA का फायदा केवल वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए होता है, लेकिन गैर-वेतनभोगी लोगों के लिए भी किराए पर टैक्स राहत का रास्ता खुला है. Section 80GG ऐसे करदाताओं को सीमित लेकिन वैध टैक्स डिडक्शन उपलब्ध कराता है. ITR फाइल करने से पहले अपनी पात्रता जांचना, Form 10BA जमा करना और सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या फ्रीलांसर को ITR भरना जरूरी होता है?
आय सीमा और टैक्स नियमों के आधार पर ITR दाखिल करना जरूरी हो सकता है.
Q2 क्या New Tax Regime में किराए पर कोई टैक्स लाभ मिलता है?
अधिकांश किराया आधारित कटौतियां New Tax Regime में उपलब्ध नहीं हैं.
Q3 क्या किराया नकद में देना सही है?
सही है, लेकिन भुगतान का प्रमाण और रसीद रखना जरूरी है.
Q4 क्या डिजिटल भुगतान टैक्स रिकॉर्ड के लिए बेहतर माना जाता है?
हां, क्योंकि इसका प्रमाण आसानी से उपलब्ध रहता है.
Q5 क्या HUF भी किराए पर टैक्स लाभ ले सकता है?
नियमों और पात्रता के अनुसार लाभ उपलब्ध हो सकता है.