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बजट में सुपर रिच पर इनकम टैक्स सरचार्ज न बढ़ाए सरकार.
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-2027 का आम बजट पेश करेंगी. संसद का बजट सेशन 28 जनवरी को शुरू होगा और 2 अप्रैल तक चलेगा. बजट (Budget 2026) से पहले टैक्स एक्सपर्ट्स ने सरकार से 'सुपर रिच' पर इनकम टैक्स सरचार्ज (Income Tax Surcharge) बढ़ाने और वैल्थ टैक्स दोबारा लागू करने से बचने की अपील की है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा कदम हाई इनकम कैटेगरी वाले के कम टैक्स वाले देशों में पलायन का खतरा बढ़ सकता है.
फिलहाल, ₹50 लाख से ज्यादा आय वाले लोगों पर इनकम टैक्स सरचार्ज लागू है. 50 लाख रुपए से 1 करोड़ रुपये तक की आय पर 10%, 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपए तक की आय पर 15% और 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपए तक की आय पर 25% सरचार्ज लगाया जाता है. वहीं, 5 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाई करने वाले और न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) चुनने वाले पर 25% सरचार्ज लगते हैं, जबकि ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) में 37% सरचार्ज लागू है.
इंडिपेंटेंड इकोनॉमिक के अनुमान के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष 2026 में GST रेस्ट में कटौती और कम इनकम टैक्स कलेक्शन के चलते सरकारी खजाने पर करीब ₹2 लाख करोड़ का बोझ पड़ सकता है. FY27 में अगर सरकार को एक्सट्रा रेवेन्यू मिलता है, तो उससे डिफेंस और अन्य सेक्टर्स में ज्यादा आवंटन किया जा सकता है.
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PWC & Co LLP के पार्टनर अमित राणा ने कहा कि इनकम टैक्स लगाने का मूल सिद्धांत वर्टिकल इक्विटी है, यानि जिसकी आय ज्यादा है, उस पर टैक्स भी ज्यादा होना चाहिए. उन्होंने कहा, हमारे पास एक अच्छी टैक्स स्लैब व्यवस्था है, जहां सबसे ऊपरी स्तर पर करीब 42% तक टैक्स देना होता है, जबकि कम आय वालों पर टैक्स लगभग जीरो है, लेकिन जब टैक्स बहुत ज्यादा हो जाता है, तो हाई इनकम लोग भारत में रहना नहीं चाहते और वो कम टैक्स वाले देश में शिफ्ट हो जाते हैं. राणा ने यह भी कहा कि हाई इनकम लोग ही इंडस्ट्री लगाते हैं और रोजगार जेनरेट करते हैं, इसलिए उन पर टैक्स पॉलिसी को संतुलित रखना जरूरी है.

EY India की टैक्स पार्टनर सुरभि मारवाह ने भी जोर देकर कहा कि अगर सरचार्ज ज्यादा होता है या वेल्थ टैक्स फिर से लागू किया जाता है, तो हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) के देश छोड़ने का खतरा बढ़ सकता है.
मारवाह ने कहा, टैक्स में अनिश्चितता और हाई रेट्स कैपिटल रिलोकेशन और रेजिडेंशन बदलने के फैसलों को प्रभावित कर सकती हैं. कैपिटल और टैलेंट को देश में बनाए रखने के लिए टैक्स रेट्स के साथ-साथ टैक्स सिस्टम की स्थिरता और स्पष्टता भी उतनी ही अहम है.
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उन्होंने बताया कि वेल्थ टैक्स (Wealth Tax) को 2015 में इसलिए खत्म किया गया था क्योंकि उसकी वसूली एडमिनिस्ट्रेटिव कॉस्ट के मुकाबले बहुत कम थी. एडमिनिस्ट्रेटिव नजरिए से सरचार्ज को वेल्थ टैक्स की तुलना में ज्यादा प्रभावी और कम विवादित माना जाता है.
उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार के पास GST, CRS एग्रीमेंट्स और अन्य सिस्टम्स के जरिए मजबूत डेटा उपलब्ध है, इसलिए पॉलिसी मेकर एसेट-आधारित टैक्स की बजाय सरचार्ज में बदलाव को आसान विकल्प मानते हैं.
Shardul Amarchand Mangaldas & Co की पार्टनर गौरी पुरी ने कहा कि टैक्स रेट्स में बढ़ोतरी से कैपिटल फ्लाइट बढ़ सकती है और उद्यमिता व रोजगार सृजन हतोत्साहित हो सकता है. साथ ही, वेल्थ टैक्स दोबारा लाने से एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्पेलेक्सिटी और कम्पलायंस कॉस्ट भी बढ़ेगी. उन्होंने कहा, कम टैक्स वाले देशों की वजह से कैपिटल का बाहर जाना एक वास्तविक खतरा है. दुनियाभर में निवेशकों को आकर्षित रखने के लिए टैक्स सिस्टम को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने की होड़ है. भारत में ज्यादा टैक्स निवेश को डिस्करेज कर सकता है.
डेलॉयट इंडिया के पार्टनर आलोक अग्रवाल ने कहा कि बजट 2023 में सरकार ने ₹5 करोड़ से ज्यादा आय वालों पर अधिकतम सरचार्ज रेट को 37% से घटाकर 25% कर दिया था. इससे ऐसे टैक्सपेयर्स पर अधिकतम मार्जिनल टैक्स दर करीब 42.7% से घटकर 39% रह गई.यह बदलाव 1 अप्रैल 2023 से (FY 2023-24 / AY 2024-25) लागू हुआ और सिर्फ नए टैक्स रिजीम के तहत लागू है. उन्होंने कहा, इसलिए ऐसा लगता है कि सरकार महज 3 साल के भीतर इसे फिर से बढ़ाएगी, इसकी संभावना कम है.
वेल्थ टैक्स को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से बजट से पहले इस पर अटकलें लगती रही हैं, लेकिन अनुभव बताता है कि इससे होने वाली वसूली एडमिनिस्ट्रेवि कॉस्ट के मुकाबले बहुत ज्यादा नहीं होती. उन्होंने कहा, इसी वजह से सरकार का फोकस नए टैक्स लगाने के बजाय टेक्नोलॉजी, अन्य देशों से सूचना को साझा करने और सख्त अनुपालन के जरिए टैक्स कलेक्शन बढ़ाने पर रहा है.
1. बजट को लेकर टैक्स विशेषज्ञों ने क्या सलाह दी है?
सरकरा सुपर रिच पर इनकम टैक्स सरचार्ज न बढ़ाए और वेल्थ टैक्स को दोबारा लागू न करे.
2. सुपर रिच पर सरचार्ज बढ़ाने का विरोध क्यों हो रहा है?
ज्यादा सरचार्ज से हाई-इनकम और हाई-नेटवर्थ व्यक्ति कम टैक्स वाले देशों में शिफ्ट हो सकते हैं.
3. वेल्थ टैक्स को पहले क्यों खत्म किया गया था?
उससे होने वाली टैक्स वसूली एडमिनिस्ट्रेटिव कॉस्ट के मुकाबले बहुत कम थी.
4. क्या वेल्थ टैक्स दोबारा लागू होने की संभावना है?
इसकी संभावना कम है.
5. ज्यादा टैक्स से अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है?
ज्यादा टैक्स से निवेश प्रभावित हो सकता है और कैपिटल देश से बाहर जा सकती है.
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(PTI इनपुट के साथ)