Budget 2026: सीनियर सिटीजन्स को मिल सकता है तोहफा! ब्याज आय और हेल्थ खर्च पर राहत संभव

Budget 2026: देश के केंद्रीय बजट 2026 के सबसे बड़े लाभार्थियों में सीनियर सिटीजन्स हो सकते हैं, क्योंकि सरकार ब्याज आय पर टैक्स छूट और हेल्थकेयर संबंधी खर्चों पर राहत दे सकती है.
Budget 2026: सीनियर सिटीजन्स को मिल सकता है तोहफा! ब्याज आय और हेल्थ खर्च पर राहत संभव

2026-27 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा.

Budget 2026: देश के केंद्रीय बजट 2026 में सीनियर सिटीजन्स (Senior Citizens) को टैक्स के मोर्चे पर राहत मिल सकती है. डेलॉयट इंडिया के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर तरुण गर्ग के मुताबिक, देश के केंद्रीय बजट 2026 के सबसे बड़े लाभार्थियों में सीनियर सिटीजन्स हो सकते हैं, क्योंकि सरकार ब्याज आय (Interest Income) पर टैक्स छूट और हेल्थकेयर संबंधी खर्चों पर राहत दे सकती है. 2026-27 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा.

फिलहाल ब्याज आय पर कितनी टैक्स छूट मिलती है?

अभी नॉन-सीनियर सिटीजन्स के लिए 10,000 रुपये और सीनियर सिटीजन्स के लिए 50,000 रुपये तक की छूट है, जिसे बढ़ाने की मांग की जा रही है. ब्याज आय पर ज्यादा छूट सीनियर सिटीजन्स को मंहगाई और बढ़ती जीवन लागत से निपटने में मदद कर सकती है. इसके अलावा, मेडिकल और हेल्थ से जुड़े खर्चों पर भी अतिरिक्त टैक्स छूट मिलने की संभावना है, क्योंकि बुजुर्गों को इस पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है.

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गर्ग ने कहा, मैं इसे पर्सनल टैक्स के नजरिए से कहूंगा कि सरकार सीनियर सिटीजन्स को कुछ प्रोत्साहन देना चाहती है. मेडिकल खर्च बढ़ रहे हैं और उन्हें अपने स्वास्थ्य बजट और हेल्थ सर्विसे पर ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है, इसलिए शायद सीनियर सिटीजन्स को कुछ अतिरिक्त कटौती दी जा सकती है.

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न्यू टैक्स रिजीम को बेहतर बनाने पर फोकस

सीनियर सिटीजन्स से परे, गर्ग ने कहा कि बजट 2026 में बड़े बदलावों की घोषणा करने के बजाय न्यू टैक्स रिजीम को बेहतर बनाने पर ज्यादा फोकस करने की संभावना है, खासकर इसलिए क्योंकि सरकार के पास भी अपनी उपलब्धता के भीतर उस तरह का फंड नहीं है.

न्यू टैक्स रिजीम आ सकता है PF योगदान

ऐसा ही एक लक्षित बदलाव प्रोविडेंट फंड कंट्रिब्यूशन से संबंधित हो सकता है. गर्ग ने कहा कि सरकार नियोक्ता-संचालित प्रोविडेंट फंड (PF) डिडक्शन को न्यू टैक्स रिजीम में लाना चाह सकती है. जब हम PF की बात करते हैं, तो आप इसे संरचनात्मक रूप से नियोक्ता के माध्यम से करते हैं और आपको इसके लिए अतिरिक्त प्रमाण प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि यह अनुपालन बोझ बढ़ाए बिनापुरानी और नई टैक्स व्यवस्था के बीच के अंतर को पाटने में मदद कर सकता है.

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स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने पर भी विचार

उन्होंने मानक कटौती को भी एक ऐसे क्षेत्र के रूप में बताया जहां सीमित राहत दी जा सकती है. गर्ग ने कहा, यह एक ऐसा एरिया है जिसमें कुछ बदलाव हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि जहां पुराने टैक्स सिस्टम में हाल के सालों में बहुत कम बदलाव हुए हैं, वहीं नए टैक्स सिस्टम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) और बढ़ाया जा सकता है, शायद 25,000 रुपये या उससे ज्यादा.

टैक्स स्लैब रेट में बदलाव की उम्मीद कम

उन्होंने कहा कि ऐसा कदम टैक्स स्लैब रेट्स को दोबारा खोले बिना सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स को राहत देगा. रेट रैशनलाइजेशन पर, गर्ग ने सावधानी बरतने की बात कही. उन्होंने कहा, रेट में बदलाव के नजरिए से मुझे नहीं लगता कि ज्यादा कुछ होगा.

सरचार्ज में हो सकती है कटौती

उन्होंने कहा कि नए टैक्स सिस्टम के तहत स्लैब रेट्स में बदलाव होने की संभावना नहीं है. हालांकि, उन्होंने कहा कि सरचार्ज में कुछ बदलाव हो सकते हैं, क्योंकि सरकार महंगाई के दबाव को कम करने की कोशिश कर रही है. ऐसी मांगें हैं कि शायद 1 या 2% सरचार्ज कम किया जा सकता है. लेकिन क्या यह सच होगा, इसके लिए 1 फरवरी का इंतजार करना होगा.

इनकम टैक्स रिटर्न भरना पहले से आसान हुआ

गर्ग ने डिजिटाइज़ेशन की वजह से कंप्लायंस में सुधार की ओर भी इशारा किया. एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्स इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (TIS) का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि इन टूल्स में निश्चित रूप से इनकम टैक्सपेयर के बारे में बहुत सारी डिटेल्स होती हैं और इन्होंने रिटर्न फाइल करना आसान बना दिया है. उन्होंने कहा, कम से कम 50-60% जानकारी पहले से ही उपलब्ध है और प्री-फिल्ड है, जिससे लोगों का समय बचता है.

टैक्सपेयर्स को दी चेतावनी

हालांकि, गर्ग ने टैक्सपेयर्स को सतर्क रहने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा, आपको यह जांचना होगा कि ये डिटेल्स सही ढंग से भरी गई हैं या नहीं, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर गलतियों या डुप्लीकेशन को ठीक नहीं किया गया तो उसी इनकम पर दो बार टैक्स लग सकता है.

कुल मिलाकर, गर्ग ने कहा कि बजट 2026 में बड़े पर्सनल टैक्स सुधारों के बजाय टारगेटेड राहत और एडमिनिस्ट्रेटिव आसानी को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है.

खबर से जुड़े FAQs

1. बजट में किसे सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है?
सीनियर सिटीजन्स बजट 2026 के सबसे बड़े लाभार्थी हो सकते हैं.

2. सीनियर सिटीजन्स को किस तरह की टैक्स राहत मिल सकती है?
ब्याज आय पर डिडक्शन लिमिट बढ़ाई जा सकती है, मेडिकल और हेल्थकेयर खर्च पर अतिरिक्त कटौती संभव.

3. सरकार ब्याज आय पर राहत क्यों दे सकती है?
वरिष्ठ नागरिक महंगाई और बढ़ती जीवन लागत से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.

4. क्या Budget 2026 में बड़े टैक्स रेट बदलाव होंगे?
नहीं, टैक्स स्लैब रेट्स में बड़े बदलाव की संभावना कम है.

5. क्या स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ सकता है?
हां. स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹25,000 या उससे ज्यादा हो सकता है.

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(Input- ANI)

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