12 लाख तक की सैलरी तो हुई Tax Free, पर 15, 20, 25 लाख की कमाई पर कितना लगेगा टैक्स? देखें कैलकुलेशन

बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Middle Class को बड़ी राहत दी थी. नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत अब 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई करने वालों को एक भी रुपया इनकम टैक्स नहीं देना होगा. हालांकि, जिनकी आय 12 लाख से ज्यादा है, उनके लिए टैक्स की गणना अलग तरीके से होगी. पुरानी टैक्स व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस रिपोर्ट में हम आसान भाषा में समझेंगे कि अलग-अलग सैलरी पर अब आपको कितना टैक्स चुकाना पड़ेगा.
12 लाख तक की सैलरी तो हुई Tax Free, पर 15, 20, 25 लाख की कमाई पर कितना लगेगा टैक्स? देखें कैलकुलेशन

फरवरी 2025 का बजट नौकरीपेशा लोगों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास की उस पुरानी मांग को सुन लिया, जिसमें टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की बात कही जा रही थी. 2025 के बजट का सबसे बड़ा आकर्षण रहा '12 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं'. जी हां, आपने सही सुना. अगर आपकी सालभर की टैक्सेबल इनकम 12 लाख रुपये तक है, तो इस साल से आपको सरकार को एक भी पैसा इनकम टैक्स (Income Tax) के रूप में नहीं देना होगा.

लेकिन जरा ठहरिए, टैक्स की दुनिया जितनी सीधी दिखती है, उतनी होती नहीं है. यहां एक पेंच है. यह 'जीरो टैक्स' की सुविधा सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनकी कमाई 12 लाख की सीमा के अंदर है. अगर आपकी कमाई 12 लाख से एक रुपया भी ऊपर निकलती है, तो टैक्स का गणित बदल जाता है. ऐसे में आपको मिलने वाली शुरुआती छूट कम हो जाती है. साल 2026 में जब आप अपना रिटर्न फाइल करेंगे, तो आपको इन नए नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए. आइए जानते हैं कि सरकार ने टैक्स के स्लैब कैसे बदले हैं और आपकी सैलरी के हिसाब से अब आपकी कितनी बचत होगी.

क्या हैं नए टैक्स स्लैब्स?

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सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था को और भी आसान बना दिया है. अब टैक्स की दरें कुछ इस तरह होंगी:

0 से 4 लाख रुपये: कोई टैक्स नहीं (0%)

4 से 8 लाख रुपये: 5 फीसदी टैक्स

8 से 12 लाख रुपये: 10 फीसदी टैक्स

12 से 16 लाख रुपये: 15 फीसदी टैक्स

16 से 20 लाख रुपये: 20 फीसदी टैक्स

20 से 24 लाख रुपये: 25 फीसदी टैक्स

24 लाख रुपये से ऊपर: 30 फीसदी टैक्स

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12 लाख तक 'जीरो टैक्स' का असली सच

बहुत से लोग इस बात को लेकर उलझन में हैं कि अगर 12 लाख तक कोई टैक्स नहीं है, तो फिर स्लैब में 4 लाख से टैक्स क्यों शुरू हो रहा है?

दरअसल, सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था में 'रिबेट' (Rebate) की सीमा बढ़ा दी है. नियम यह है कि अगर आपकी कुल टैक्सेबल इनकम 12 लाख रुपये तक बैठती है, तो सरकार आपको धारा 87A के तहत पूरी टैक्स छूट दे देगी. लेकिन जैसे ही आपकी इनकम 12 लाख के पार जाएगी, आपको सिर्फ पहले 4 लाख रुपये पर ही 0% टैक्स का फायदा मिलेगा. उसके बाद की कमाई पर स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा.

टैक्स कैलकुलेशन: आपकी सैलरी पर कितना असर?

आइए अब अलग-अलग इनकम लेवल पर टैक्स का हिसाब समझते हैं. यहां हम ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) को भी शामिल करेंगे, जो सरकार हर कर्मचारी को बिना किसी निवेश के सीधे छूट के तौर पर देती है.

15 लाख रुपये की सालाना कमाई पर टैक्स

अगर आपकी साल भर की कमाई 15 लाख रुपये है, तो हिसाब कुछ ऐसा होगा:

कुल आय: ₹15,00,000

स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाएं: ₹15,00,000 - ₹75,000 = ₹14,25,000 (टैक्सेबल इनकम)

टैक्स का गणित:

पहले 4 लाख पर: 0 (0%)

4 से 8 लाख पर (4 लाख का 5%): ₹20,000

8 से 12 लाख पर (4 लाख का 10%): ₹40,000

12 से 14.25 लाख पर (2.25 लाख का 15%): ₹33,750

कुल टैक्स: ₹93,750

सेस (4% Cess): ₹3,750

फाइनल टैक्स: ₹97,500

20 लाख रुपये की सालाना कमाई पर टैक्स

अगर आपकी सैलरी 20 लाख रुपये है, तो आपकी बचत और टैक्स का हिसाब ये है:

कुल आय: ₹20,00,000

स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद: ₹19,25,000

टैक्स का गणित:

4 लाख तक: 0

4-8 लाख पर (5%): ₹20,000

8-12 लाख पर (10%): ₹40,000

12-16 लाख पर (15%): ₹60,000

16-19.25 लाख पर (3.25 लाख का 20%): ₹65,000

कुल टैक्स: ₹1,85,000

सेस (4% Cess): ₹7,400

फाइनल टैक्स: ₹1,92,400

25 लाख रुपये की सालाना कमाई पर टैक्स

ऊंची सैलरी वालों के लिए भी राहत है, लेकिन टैक्स की राशि बढ़ जाती है:

कुल आय: ₹25,00,000

स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद: ₹24,25,000

टैक्स का गणित:

4 लाख तक: 0

4-8 लाख (5%): ₹20,000

8-12 लाख (10%): ₹40,000

12-16 लाख (15%): ₹60,000

16-20 लाख (20%): ₹80,000

20-24 लाख (25%): ₹1,00,000

24-24.25 लाख (25 हजार का 30%): ₹7,500

कुल टैक्स: ₹3,07,500

सेस (4% Cess): ₹12,300

फाइनल टैक्स: ₹3,19,800

12.75, 15, 20 और 25 लाख की कमाई पर टैक्स एक नजर में

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Conclusion

बजट 2025 ने मिडिल क्लास के हाथ में ज्यादा 'डिस्पोजेबल इनकम' (खर्च करने लायक पैसा) देने की कोशिश की है. 12 लाख रुपये तक की सैलरी को टैक्स फ्री करना एक बड़ा साहसिक कदम है. इससे न केवल लोगों की बचत बढ़ेगी, बल्कि बाजार में मांग भी बढ़ेगी क्योंकि लोगों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे. हालांकि, ऊंची सैलरी वालों के लिए टैक्स अभी भी 30% के स्लैब में बना हुआ है. अब यह आपके ऊपर है कि आप अपनी सैलरी और निवेश के हिसाब से सही टैक्स रिजीम का चुनाव करें. 2026 में टैक्स भरते समय ये कैलकुलेशन आपके बहुत काम आएंगे.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- क्या 12 लाख तक की आय पर कोई फॉर्म भरना होगा?

हां, आपको इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) तो भरना होगा, लेकिन नियम के मुताबिक आपका टैक्स 'जीरो' बनेगा.

2- स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा किसे मिलेगा?

यह फायदा सभी वेतनभोगी (Salaried) कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलता है.

3- क्या मैं अब भी पुरानी टैक्स व्यवस्था चुन सकता हूं?

हां, आपके पास चुनाव का विकल्प है, लेकिन नई व्यवस्था को 'डिफ़ॉल्ट' बना दिया गया है.

4- 12 लाख की सीमा में क्या निवेश वाली छूट भी शामिल है?

नहीं, नई टैक्स व्यवस्था में 80C जैसी छूट नहीं मिलती, यह सीधे 12 लाख की इनकम पर रिबेट है.

5- 4% सेस किस पर लगता है?

सेस आपके कुल बनने वाले इनकम टैक्स की राशि पर लगाया जाता है.

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