&format=webp&quality=medium)
अगर आपकी नेट टैक्स लायबिलिटी (Net Tax Liability) एक फाइनेंशियल ईयर में 10,000 रुपए से ज्यादा है, तो आपको एडवांस टैक्स (Advance Tax) भरना जरूरी है. लेकिन देश में ज्यादातर टैक्सपेयर्स यह समझ नहीं पाते कि उन्हें एडवांस टैक्स देना है या नहीं. खास तौर पर सैलरी वाले लोग मान लेते हैं कि उनका TDS (Tax Deducted at Source) कट चुका है, इसलिए एडवांस टैक्स की जरूरत नहीं है. इसी गलतफहमी से आगे चलकर भारी पेनाल्टी लग जाती है.
इनकम टैक्स ऐक्ट, 1961 (Income Tax Act) के मुताबिक एडवांस टैक्स चार किस्तों में देना होता है. लेकिन कुछ लोगों को इस नियम से छूट भी मिलती है. वहीं, कुछ इनकम ऐसी होती है जिनका अनुमान पहले से नहीं लगाया जा सकता, इसलिए उन पर एडवांस टैक्स अगले क्वार्टर में भरा जा सकता है. बता दें कि अगली किस्त 15 दिसंबर को ड्यू होने वाली है. आइए आसान भाषा में पूरा सिस्टम समझते हैं.
अगर आपकी नेट इनकम टैक्स लायबिलिटी 10,000 रुपए से ज्यादा है, तो एडवांस टैक्स देना जरूरी है. नेट टैक्स लायबिलिटी का मतलब: कुल टैक्स – TDS = आपकी नेट टैक्स लायबिलिटी.
ये भी पढ़ें- ITR Alert : Income Tax रिफंड रुका है? घबराएं नहीं? ये 7 मिस्टेक हो सकती हैं वजह, मिनटों में ऐसे सुलझाएं
कुछ इनकम का अनुमान पहले से लगाना संभव नहीं होता. ऐसे मामलों में कानून आपको समय देता है कि आप अगले क्वार्टर में एडवांस टैक्स जमा करें.
ये चार इनकम हैं:
सेक्शन 234C के तहत इन इनकम पर तुरंत पेनाल्टी नहीं लगती क्योंकि टैक्सपेयर्स पहले से इनका अनुमान नहीं लगा सकते.
ये भी पढ़ें- ITR में गलती हो गई? अब भी कर सकते हैं ठीक, 31 दिसंबर तक का है टाइम, Notice से बचना है तो जान लें कुछ जरूरी बातें
| ड्यू डेट | कितने प्रतिशत एडवांस टैक्स देना है |
|---|---|
| 15 जून | कुल टैक्स का 15% |
| 15 सितंबर | कुल टैक्स का 45% (पहले दिए टैक्स को घटाकर) |
| 15 दिसंबर | कुल टैक्स का 75% (माइनस पहले दिए टैक्स) |
| 15 मार्च | कुल टैक्स का 100% |
ध्यान रहे: जिनकी टैक्स लायबिलिटी 10,000 रुपए से कम है, उन्हें एडवांस टैक्स देने की जरूरत नहीं है.
नीचे दिया तरीका अपनाएं:
अगर यह 10,000 रुपए से ज्यादा है तो आपको एडवांस टैक्स देना ही देना है.
ये भी पढ़ें- नई कार खरीदी है? तो ITR फाइल करने पर मिलेगा ज्यादा रिफंड, सालों से टैक्स भर रहे लोग भी नहीं जानते ये नियम!
सेक्शन 234B और 234C के तहत 1% प्रति माह पेनाल्टी
अगर आपका सब टैक्स TDS के जरिए कवर हो रहा है, तो चिंता की जरूरत नहीं. लेकिन अगर आपको ये इनकम मिलती है, तो एडवांस टैक्स देना पड़ेगा:
अगर आपकी उम्र 60+ है और आपके पास कोई बिजनेस इनकम नहीं है तो एडवांस टैक्स पूरी तरह से माफ है, चाहे टैक्स लायबिलिटी कितनी भी क्यों न हो.
15 दिसंबर की एडवांस टैक्स ड्यू डेट हर साल लाखों लोगों को उलझा देती है. लेकिन अगर आप अपनी नेट टैक्स लायबिलिटी, TDS और इनकम टाइप को सही तरह से समझ लें, तो न पेनाल्टी लगेगी और न ही नोटिस आएगा. नियम बहुत आसान हैं- सिर्फ यह देखना है कि आपके ऊपर 10,000 रुपए से ज्यादा टैक्स बचता है या नहीं. सही गणना, समय पर भुगतान और AIS/26AS की जांच आपको हर गलती से बचा सकती है.
जब आपकी नेट टैक्स लायबिलिटी 10,000 रुपए से ज्यादा हो.
अगर पूरा टैक्स TDS से कवर हो रहा है तो नहीं.
नहीं, अगर उनकी बिजनेस इनकम नहीं है.
अगले क्वार्टर में, क्योंकि इसे पहले से अनुमान नहीं लगाया जा सकता.
हां, 1% प्रति माह ब्याज.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)