इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते वक्त भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, पड़ सकता है बहुत महंगा

टैक्‍स बचाने के चक्‍कर में ये तरीके आपको ही महंगे भी पड़ सकते हैं. अगर आपकी टैक्‍स चोरी सामने आ गई तो आपको पेनल्‍टी के साथ मुकदमा भी झेलना पड़ सकता है.
इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते वक्त भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, पड़ सकता है बहुत महंगा

टैक्‍स से बचने के लिए फर्जी बिल या डिडक्‍शन का सहारा न लें. (फोटो: रॉयटर्स)

टैक्‍स से बचने के लिए कई लोग इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते वक्‍त तरह-तरह के गलत तरीके अपनाते हैं. जैसे सैलरी के अलावा दूसरे जरियों से होने वाली इनकम छिपा लेना, फर्जी बिल आदि. लेकिन, टैक्‍स बचाने के चक्‍कर में ये तरीके आपको ही महंगे भी पड़ सकते हैं. अगर आपकी टैक्‍स चोरी सामने आ गई तो आपको पेनल्‍टी के साथ मुकदमा भी झेलना पड़ सकता है. आइए आपको बताते हैं कि लोग टैक्‍स के दायरे में आने से बचने के लिए किन-किन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं और टैक्‍स चोरी कैसे आपके लिए नुकसानदायक है-

फर्जी डिडक्‍शन का न लें सहारा
लोग टैक्‍स से बचने के लिए फर्जी डिडक्‍शन का सहारा लेते हैं. चैरिटी या दान की आड़ में टैक्‍स बचाने की कोशिश की जाती है. इसके अलावा बच्‍चों की पढ़ाई के नाम पर फर्जी फीस रसीदें, फर्जी रेंट रसीदें, बिल, लोन के कागज आदि का इस्‍तेमाल भी किया जाता है.

न छुपाएं अपनी इनकम
ऐसे कईं लोग हैं, जो अपनी रेगुलर जॉब के साथ कुछ एक्‍स्‍ट्रा इनकम के लिए पार्ट टाइम जॉब या कोई साइड बिजनेस करते हैं. कई बार ये काम कैश ओनली बेसिस होते हैं यानी इनकी इनकम बैंक अकाउंट में न आकर कैश में मिलती है. ऐसे में जब इनकम दिखाने की बारी आती है तो ज्‍यादा टैक्‍स से बचने के लिए टोटल इनकम न बताकर केवल नौकरी से होने वाली आय या बिजनेस से आय को ही दिखाया जाता है और बाकी की कैश में हुई कमाई को छिपा लेते हैं.

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गिफ्ट को भी जरूर दिखाएं
भारत में बेशकीमती गिफ्ट भी टैक्‍स के दायरे में आते हैं. इन पर टैक्‍स से बचा जा सके, इसके लिए कई लोग इन्‍हें अपने इनकम डिक्‍लेरेशन में दिखाते ही नहीं हैं.

हर चीज का रखें ब्योरा
टैक्‍स चोरी करने वाले अपनी ब्‍लैकमनी को छिपाने के लिए कई बार पेमेंट कैश में करते हैं. कैश पेमेंट में ये राशि कहीं भी दर्ज नहीं होती, जिससे इसके आने या जाने का कोई ब्‍योरा नहीं होता. लिहाजा टैक्‍सेबल इनकम या डिडक्‍शन में इनकी गिनती नहीं हो पाती.

टैक्‍स चोरी पड़ सकती है महंगी
फाइनेंशियल प्‍लानर्स के मुताबिक, इनकम टैक्‍स बचाने के चक्कर में किए गए तिकड़म पर इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट नजर रखता है. अगर आप पकड़े गए तो टैक्‍स चोरी करने वालों की लिस्‍ट में आप भी नाम आ जाएगा. इसके बाद विभाग को रसीद, बिल या खर्चों और आमदनी का ब्‍योरा देना होगा. आपको हर रसीद के वास्‍तविकता साबित करनी होगी. दोषी पाए जाने की स्थिति में आपको पेनल्‍टी भरनी होगी, ऐसे में आपने फर्जीवाड़े से जितना कमाया है, सब गंवाना भी पड़ सकता है.

इनकम टैक्‍स भरने के फायदे
1. रेगुलर और सही तरीके से पूरा इनकम टैक्‍स भरने वालों का इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट में एक अच्‍छा टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड बनता है.
2. अपने टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड को दिखाकर आसानी से होम लोन, बिजनेस लोन, कार लोन या बच्‍चों की पढ़ाई के लिए लोन लिया जा सकता है. बेहतर टैक्स फाइलिंग रिकॉर्ड होने से लोन पास हो जाने के ज्‍यादा चांस होते हैं.
3. अगर अपने बिजनेस के लिए आपको बाहर से इन्‍वेस्‍टमेंट चाहिए तो आपका इनकम टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड इसमें काफी काम आ सकता है. क्‍योंकि, इन्‍वेस्‍टर भी आपका रिकॉर्ड देखकर इन्‍वेस्‍ट करने या न करने का फैसला करता है. खराब टैक्‍स फाइलिंग रिकॉर्ड की इमेज के चलते इन्‍वेस्‍टर निवेश करने से बचते हैं.
4. जब आप अपना बिजनेस बेचते हैं तो इवैल्‍यूएशन के वक्‍त भी खरीदार आपकी टैक्‍स फाइलिंग देखते हैं.

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