इंश्‍योरेंस पॉलिसी होल्‍डर्स के लिए बड़े काम का है 'बीमा भरोसा', कंपनी सुनवाई न करे तो यहां मिलेगा समाधान

बीमा कंपनी से परेशान हैं? जानिए कैसे बीमा भरोसा पोर्टल और बीमा लोकपाल में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. जानिए बीमा शिकायत दर्ज करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस.
इंश्‍योरेंस पॉलिसी होल्‍डर्स के लिए बड़े काम का है 'बीमा भरोसा', कंपनी सुनवाई न करे तो यहां मिलेगा समाधान

आज के समय में इंश्‍योरेंस बहुत जरूरी है क्‍योंकि कब आपके सामने इमरजेंसी की कंडीशन आ जाए, कोई नहीं जानता. इसलिए इंश्‍योरेंस पॉलिसी बहुत जरूरी है. लेकिन कई बार पॉलिसीहोल्डर्स को खराब सर्विस या क्लेम रिजेक्शन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. बड़ी-बड़ी बातें करने वाली बीमा कंपनियां मुश्किल समय में ग्राहकों को अकेला छोड़ देती हैं. ऐसे में पॉलिसीहोल्डर के सामने सबसे बड़ी दुविधा ये होती है कि वो अपनी शिकायत लेकर आखिर कहां जाए. अगर आप भी ऐसी ही किसी स्थिति से परेशान हैं, तो घबराइए मत. आपके पास अपनी बात रखने और समाधान पाने के लिए एक नहीं, बल्कि कई रास्ते हैं. जानिए इस स्थिति में क्‍या कर सकते है.

पहला स्‍टेप: बीमा कंपनी से ही करें संपर्क

Add Zee Business as a Preferred Source

किसी भी समस्या के लिए आपका सबसे पहला स्‍टेप है कि अपनी बीमा कंपनी से संपर्क करना होना चाहिए. हर बीमा कंपनी में एक Grievance Redressal Cell होती है. आपको कंपनी के शिकायत निवारण अधिकारी (Grievance Redressal Officer - GRO) से संपर्क करना होगा. इनकी जानकारी आपको पॉलिसी डॉक्यूमेंट, कंपनी की वेबसाइट या किसी भी ब्रांच ऑफिस से मिल जाएगी.

कैसे करें शिकायत

आप अपनी शिकायत फोन, ईमेल, कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद कंप्लेंट पोर्टल या सीधे ब्रांच में जाकर लिखित रूप में दर्ज करा सकते हैं. शिकायत दर्ज कराते समय अपनी पॉलिसी का नंबर, संपर्क जानकारी और समस्या का पूरा विवरण साफ-साफ लिखें. अगर आपके पास कोई सबूत (जैसे कोई ईमेल या डॉक्यूमेंट) है, तो उसे भी साथ में लगाएं. शिकायत मिलने के बाद, बीमा कंपनी को 15 दिनों के भीतर आपकी समस्या का समाधान करना होता है.

दूसरा स्‍टेप: IRDAI का 'बीमा भरोसा' पोर्टल भी है मददगार

अगर बीमा कंपनी 15 दिनों के भीतर आपकी शिकायत का समाधान नहीं करती है या आप उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो आपको निराश होने की जरूरत नहीं है. अब आप अपनी शिकायत को अगले लेवल पर ले जा सकते हैं. IRDAI ने पॉलिसीहोल्डर्स की मदद के लिए बीमा भरोसा पोर्टल (Bima Bharosa Portal) लॉन्च किया है. ये पहले IGMS (Integrated Grievance Management System) के नाम से जाना जाता था. ये एक सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां आप किसी भी बीमा कंपनी के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. आप Bima Bharosa पोर्टल पर जाकर आसानी से अपनी शिकायत रजिस्टर कर सकते हैं और उसका स्टेटस भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं.

आखिरी स्‍टेप: बीमा लोकपाल (Insurance Ombudsman)

अगर बीमा कंपनी IRDAI के दखल के बाद भी आपकी समस्या का समाधान नहीं करती है या आप कंपनी के अंतिम निर्णय से खुश नहीं हैं, तो आपका आखिरी और सबसे शक्तिशाली हथियार है बीमा लोकपाल. बीमा लोकपाल एक स्वतंत्र संस्था है जो बीमा कंपनियों और ग्राहकों के बीच के विवादों को सुलझाती है.

कब जाएं लोकपाल के पास

आप अपनी शिकायत खारिज होने के एक साल के भीतर बीमा लोकपाल के पास जा सकते हैं. यहां शिकायत दर्ज कराने के लिए कोई फीस नहीं लगती है. बीमा लोकपाल का फैसला बीमा कंपनी के लिए मानना अनिवार्य होता है. हालांकि, अगर आप लोकपाल के फैसले से भी खुश नहीं हैं, तो आप उपभोक्ता अदालत या सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न: बीमा भरोसा पोर्टल क्या है?

उत्तर: ये IRDAI द्वारा बनाया गया एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां आप किसी भी बीमा कंपनी के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

प्रश्न: क्या मैं सीधे बीमा लोकपाल के पास शिकायत कर सकता हूं?

उत्तर: नहीं, आपको पहले अपनी बीमा कंपनी से लिखित में शिकायत करनी होगी. अगर वहां से समाधान नहीं मिलता है, तभी आप लोकपाल के पास जा सकते हैं.

प्रश्न: बीमा कंपनी को मेरी शिकायत का जवाब कितने दिनों में देना होता है?

उत्तर: बीमा कंपनी को आपकी शिकायत मिलने के 15 दिनों के भीतर उसका समाधान करना होता है.

प्रश्न: बीमा लोकपाल में शिकायत करने के लिए क्या कोई फीस लगती है?

उत्तर: नहीं, बीमा लोकपाल में शिकायत दर्ज कराने की कोई फीस नहीं है.

प्रश्न: अगर मैं बीमा लोकपाल के फैसले से भी खुश नहीं हूं तो क्या करूं?

उत्तर: अगर आप लोकपाल के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो आपके पास उपभोक्ता अदालत (Consumer Court) में जाने का विकल्प होता है.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6