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भारत में वेतन समय पर मिलना आपका कानूनी अधिकार है और नए नियम इसे और सख्त बनाते हैं (फोटो: एआई)
महीने की 1 तारीख गुजर जाए और सैलरी का मैसेज न आए, तो दिमाग से लेकर बजट तक सब गड़बड़ा जाता है. किराया, EMI, स्कूल फीस सब कुछ इसी पर टिका होता है. लेकिन अगर आपकी कंपनी बार-बार सैलरी रोक रही है या टालमटोल कर रही है, तो अब चुप बैठने की जरूरत नहीं है.
असल में भारत में वेतन समय पर मिलना आपका कानूनी अधिकार है और नए नियम इसे और सख्त बनाते हैं.
भारत में वेतन भुगतान के लिए कानून मौजूद हैं (जैसे Payment of Wages Act 1936 और नए वेज कोड के प्रावधान)
सामान्य नियम:
ध्यान रखें:
हर महीने की 7 तारीख जैसी बातें अक्सर पॉलिसी/ड्राफ्ट नियमों में आती हैं, लेकिन कंपनी की पे-रोल साइकिल और लागू कानून के हिसाब से डेडलाइन अलग हो सकती है
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| मुद्दा (Issue) | नया नियम / समाधान (Rule/Solution) |
| सैलरी की डेडलाइन | हर महीने की 7 तारीख तक |
| शिकायत के लिए हेल्पलाइन | 155214 (टोल-फ्री नंबर) |
| फैसला आने का समय | अधिकतम 45 दिन के भीतर |
| सबसे बड़ा सबूत | सैलरी स्लिप या हाजिरी का रिकॉर्ड |
| वकील के पैसे नहीं हैं? | मुफ्त सरकारी वकील की सुविधा |
| Full & Final सेटलमेंट | इस्तीफा/निकाले जाने के 2 दिन के भीतर |
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एक बात हर किसी को समझना चाहिए कि सैलरी समय पर मिलना आपका हक है, कोई एहसान नहीं. तोअगर आपकी मेहनत की कमाई अटकी है तो आवाज उठाइए.क्योंकि आपकी चुप्पी ही गलत करने वालों की ताकत है.( Disclaimer: यह जानकारी सामान्य कानूनी प्रावधानों और नए लेबर कोड की उपलब्ध जानकारी पर आधारित है. किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले किसी विशेषज्ञ या कानूनी सलाहकार से मशविरा जरूर लें)
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या कंपनी सैलरी रोक सकती है?
बिना वैध कारण के नहीं
Q2 कितनी देरी के बाद शिकायत करें?
1 महीने से ज्यादा देरी हो तो तुरंत
Q3 क्या ऑनलाइन शिकायत काम करती है?
हां, और आप स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं