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हर कोई अमीर बनना चाहता है, लेकिन अक्सर हम देखते हैं कि अमीर लोग और अमीर होते जाते हैं, जबकि मध्यम वर्ग हमेशा पैसों के लिए संघर्ष करता रहता है. ऐसा क्यों होता है? कभी ये सोचा है आपने! ‘रिच डैड पुअर डैड’ के राइटर रॉबर्ट कियोसाकी ने अपनी बुक में इस बात का जवाब दिया है. उनका कहना है कि इसका सबसे बड़ा कारण हमारी मानसिकता और फाइनेंशियल हैबिट्स हैं.
रॉबर्ट कियोसाकी, अपनी फेमस बुक ‘रिच डैड पुअर डैड’ में कहते हैं कि अमीर और गरीब लोगों के बीच सबसे बड़ा फर्क ये है कि वे पैसे के बारे में अलग तरह सोचते हैं.
पैसे को बढ़ाने के बारे में सोचते हैं. वे समझते हैं कि पैसा उनके लिए काम करे, न कि वे पैसे के लिए काम करें. उनका लक्ष्य संपत्ति बनाना होता है.
अक्सर पैसे को खर्च करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं. वे सैलरी आने का इंतज़ार करते हैं ताकि अपने बिल चुका सकें और फिर जो बचे उसे अपनी इच्छाओं पर खर्च कर दें.
ये सोच का अंतर ही दोनों वर्गों के बीच वित्तीय खाई को बड़ा करता है.
कियोसाकी का कहना है कि मिडिल क्लास लोग अक्सर एक बड़ी गलती बार-बार करते हैं और वो गलती है कि वो हमेशा पैसे उन चीजों पर खर्च करते हैं जिनकी उन्हें वास्तव में जरूरत नहीं होती. इन चीजों पर उन्हें कोई रिटर्न नहीं मिलता. उल्टा वो खर्च के चक्कर में फंसे रहते है. इसलिए वो न तो बचत कर पाते हैं और न ही अपने धन को बढ़ा पाते हैं. वे अपनी आमदनी का एक बड़ा हिस्सा ऐसी देनदारियों (Liabilities) पर खर्च कर देते हैं, जो उनकी जेब से पैसे बाहर निकालती हैं.
गरीब लोग अक्सर ऐसी चीजें खरीदते हैं जो समय के साथ अपनी कीमत खो देती हैं या जिनके रखरखाव पर लगातार खर्च होता रहता है. कियोसाकी इन्हें 'देनदारियां' कहते हैं.
ये चीजें धन बनाने में मदद नहीं करतीं, बल्कि ये हमारी जेब से पैसे निकालती रहती हैं. ये असली निवेश नहीं हैं.
अमीर लोग अपने पैसे का इस्तेमाल ऐसी चीजें खरीदने में करते हैं जो समय के साथ उनकी कीमत बढ़ाती हैं या उन्हें और पैसा कमाकर देती हैं. कियोसाकी इन्हें 'संपत्तियां' (Assets) कहते हैं.
ये संपत्तियां उनके पैसे को बढ़ाने में मदद करती हैं और उन्हें फाइनेंशियल फ्रीडम देती हैं.
अगर आप वास्तव में अमीर बनना चाहते हैं, तो आपको अपनी सोच और फाइनेंशियल आदतों को बदलना होगा.
अपनी आय का एक हिस्सा हमेशा पहले निवेश के लिए अलग रखें, न कि खर्च करने के बाद जो बचे.
अपने पैसे उन चीजों पर खर्च करें जो भविष्य में आपको रिटर्न देंगी और आपकी जेब में पैसा डालेंगी, न कि वे जो आपकी जेब से पैसे निकालती रहें.
पैसे के बारे में सीखें, निवेश के विभिन्न साधनों को समझें, और वित्तीय रूप से साक्षर बनें.
नियंत्रित जोखिम लेना अक्सर संपत्ति बनाने के लिए जरूरी होता है.
हमेशा नए अवसर देखें जहां आपका पैसा आपके लिए काम कर सके.