Gold Investment: सोने में निवेश का 'गोल्डन रूल' - मिनटों में बताएगा पोर्टफोलियो में रखें कितना सोना और क्यों?

अगर आप अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो इसमें गोल्‍ड को भी शामिल कीजिए. ज्‍यादातर एक्‍सपर्ट गोल्‍ड को भी पोर्टफोलियो का हिस्‍सा बनाने की सलाह देते हैं. लेकिन आपको कितना पैसा इसमें निवेश करना चाहिए, ये समझना बहुत जरूरी है. यहां जानिए 5-15% का रूल जो आपको मिनटों में ये बाद समझा देगा.
Gold Investment: सोने में निवेश का 'गोल्डन रूल' - मिनटों में बताएगा पोर्टफोलियो में रखें कितना सोना और क्यों?

गोल्‍ड में इन्‍वेस्‍ट कर चुके निवेशकों के लिए साल 2025 काफी अच्‍छा रहा है. इस साल गोल्‍ड ने निवेशकों को छप्‍परफाड़ रिटर्न दिया है. आज के समय में ज्‍यादातर एक्‍सपर्ट की सलाह है कि अपने पोर्टफोलियो में आप गोल्‍ड को जरूर शामिल करें. गोल्ड आपके पोर्टफोलियो में सुरक्षा कवच का काम करता है. जब शेयर मार्केट या अन्य एसेट क्लास में गिरावट आती है, तब गोल्ड आपकी वैल्यू को बैलेंस करता है. लेकिन सवाल है आखिर कितना पैसा गोल्‍ड में निवेश करना चाहिए? अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो 5-15% रूल आपके लिए परफेक्ट गाइड साबित हो सकता है.

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क्या है 5-15% रूल?

ये एक सिंपल लेकिन इफेक्टिव फॉर्मूला है, जो बताता है कि आपकी कुल इन्वेस्टमेंट का 5% से 15% हिस्सा गोल्ड में होना चाहिए.

  • अगर आप कंजरवेटिव इन्वेस्टर हैं, आपको पैसे का नुकसान बिल्‍कुल पसंद नहीं, सेफ्टी आपके लिए मायने रखती है, तो 5-10% तक गोल्ड अपने पोर्टफोलियो में रखें.
  • अगर आप मॉडरेट रिस्क टेकर हैं, मतलब थोड़ा रिस्क लेने को तैयार रहते हैं, ताकि सेफ्टी भी रहे और ग्रोथ भी हो तो 10-12% का निवेश सही रहेगा.
  • वहीं अगर आप हाई रिस्क इन्वेस्टर्स की लिस्‍ट में हैं, मतलब हाई रिटर्न के लिए जोखिम उठाने में भी हिचकते नहीं हैं तो 15% तक गोल्ड में पैसा लगा सकते हैं.

उदाहरण से समझिए

फॉर्मूला: गोल्ड अलोकेशन = कुल पोर्टफोलियो × (5% से 15%)

मान लीजिए कि आपकी कुल निवेश राशि ₹10 लाख है.

  • अगर आप कंजरवेटिव इन्वेस्टर हैं तो आप ₹50,000 से ₹1 लाख (5-10%) तक गोल्ड में लगा सकते हैं.
  • अगर आप मॉडरेट रिस्क टेकर हैं तो ₹1 लाख से ₹1.2 लाख (10-12%) गोल्ड में निवेश कर सकते हैं.
  • वहीं अगर आप हाई रिस्क इन्वेस्टर हैं तो गोल्ड में ₹1.5 लाख (15%) तक लगाना बेहतर रहेगा.

गोल्ड में निवेश के फायदे (Benefits of Gold Investment)

  • महंगाई से बचाव (Inflation Hedge): गोल्ड की कीमतें आमतौर पर महंगाई के साथ बढ़ती हैं. यानी आपकी रियल वैल्यू कम नहीं होती.
  • पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन: गोल्ड एक नॉन-कोरिलेटेड एसेट है यानी जब मार्केट गिरता है, तो गोल्ड अक्सर बढ़ता है.
  • लिक्विडिटी: गोल्ड को किसी भी समय आसानी से खरीदा-बेचा जा सकता है.
  • कम रिस्क वाला एसेट: लंबे समय में गोल्ड ने हमेशा स्थिर रिटर्न दिए हैं, जिससे ये सेफ इन्वेस्टमेंट बनता है.
  • ग्लोबल वैल्यू: गोल्ड की वैल्यू हर देश में रहती है यानी ये वर्ल्डवाइड एसेट है.

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गोल्ड में निवेश के तरीके (Ways to Invest in Gold)

फिजिकल गोल्ड (Physical Gold)

पारंपरिक तरीका - गोल्ड ज्वेलरी, कॉइन्स और बार्स के रूप में. हालांकि इसमें मेकिंग चार्ज और सेफ्टी की समस्या होती है.

गोल्ड ETF (Exchange Traded Funds)

शेयर बाजार के जरिए डिजिटल रूप में गोल्ड में निवेश का तरीका. इसमें सेफ्टी की दिक्कत नहीं और कीमतें मार्केट के हिसाब से चलती हैं.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB)

सरकार द्वारा जारी स्कीम, जिसमें आपको गोल्ड की कीमत के साथ सालाना ब्याज भी मिलता है. टैक्स बेनिफिट भी मिलते हैं.

डिजिटल गोल्ड

छोटे निवेशकों के लिए बढ़िया ऑप्शन. मोबाइल ऐप्स या पेमेंट प्लेटफॉर्म्स से आसानी से खरीदा जा सकता है.

गोल्ड म्यूचुअल फंड

यह फंड गोल्ड से जुड़े ETF या अन्य एसेट्स में निवेश करता है यानी बिना गोल्ड रखे, गोल्ड का फायदा.

निवेश से पहले ध्यान देने वाली बातें

  • गोल्ड में निवेश लॉन्ग टर्म व्यू से करें (कम से कम 3-5 साल).
  • हमेशा विश्वसनीय प्लेटफॉर्म या बैंक से खरीदें.
  • SGB और ETF जैसे विकल्पों को प्राथमिकता दें क्योंकि इनमें स्टोरेज का झंझट नहीं होता.

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