समझिए उम्र के अलग-अलग दौर में अपनी जरूरतें, फिर कीजिए बीमा की प्लानिंग

जीवन बीमा की मदद से भविष्य में किसी अनहोनी के चलते आने वाले वित्तीय संकट को टाला जा सकता है, लेकिन ऐसा तब होगा जब आप सही बीमा पॉलिसी का चुनाव करेंगे.
समझिए उम्र के अलग-अलग दौर में अपनी जरूरतें, फिर कीजिए बीमा की प्लानिंग

बीमा प्लान में आप अपनी जरूरत के हिसाब से एड-ऑन करा सकते हैं (फोटो- Pixabay).

जीवन बीमा की मदद से भविष्य में किसी अनहोनी के चलते आने वाले वित्तीय संकट को टाला जा सकता है, लेकिन ऐसा तब होगा जब आप सही बीमा पॉलिसी का चुनाव करेंगे. इसके लिए जरूरी है कि उम्र के अलग-अलग दौर में व्यक्ति की परिस्थितियों और आवश्यकताओं के आधार पर प्लानिंग की जाए. जैसे अगर आपकी उम्र कम है और आप अविवाहित हैं, तो आपके ऊपर जिम्मेदारियां कम हो सकती हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ही जिम्मेदारियां बढ़ती हैं. आइए पहले इस क्रम को समझें-

1. अगर आपकी उम्र 25 से 30 वर्ष है - बहुत संभव है कि इस समय आप अविवाहित होंगे, किसी नौकरी की तलाश में होंगे या नौकरी शुरू कर चुके होंगे. जिम्मेदारियां कम होंगी.
2. अगर आपकी उम्र 30 से 40 वर्ष है - परिवार होगा. आय बढ़ रही होगी. परिवार की सुरक्षा की चिंता भी होगी.
3. अगर आपकी उम्र 40 से 55 वर्ष है - आय काफी बढ़ चुकी होगी. खर्च भी उसी अनुपात में बढ़े होंगे. अधिक आय के कारण टैक्स प्लानिंग बहुत जरूरी होगी.
4. अगर आपकी उम्र 55 से अधिक है - ये गोल्डेन पीरियड है. इस समय आय स्थिर है. हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी है.

जीवन की शुरुआत से ही निवेश की योजना बनाने से आगे लक्ष्यों को हासिल करना आसान हो जाता है. इसलिए 30 साल से पहले आप जितनी बचत कर लेंगे, वो आपके लिए बोनस की तरह होगा. शुरुआत में आप कुछ मनी बैक प्लान ले सकते हैं, ताकि 30 वर्ष उम्र होते ही आपको नियमित अंतराल पर एकमुश्त धनराशि मिलने लगे. हेल्थ इंश्योरेंस जितनी जल्दी लिया जाए अच्छा है, लेकिन 30 से 40 वर्ष वाली श्रेणी में और उसके बाद आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस होना ही चाहिए.

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30 से 40 साल की उम्र काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी समय आपको आपको बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर और रिटायरमेंट की प्लानिंग करनी है. इस समय की प्लानिंग बुनियाद की तरह है, जिस पर 40 से 55 साल की उम्र के दौरान वित्तीय सुरक्षा की इमारत तैयार होनी है. अगर आपने 55 साल तक अच्छी तरह प्लानिंग और निवेश किया तो उसके बाद आपकी जिंदगी का गोल्डन पीरियड होगा, इसमें संदेह नहीं.

बीमा प्लान में एड-ऑन बेनिफिट
बीमा प्लान में आप अपनी जरूरत के हिसाब से एड-ऑन करा सकते हैं-
1) अगर आप चाहें तो आपके प्लान बेनिफिट में हर साल कुछ राशि एड-ऑन होती जाएगी.
2) स्थाई दिव्यांगता की स्थिति में निश्चित मासिक राशि का एड-ऑन भी कराया जा सकता है.
3) गंभीर बीमारी की स्थिति में प्रीमियम माफ हो सकती है.
4) एक्सीडेंट की स्थिति में अतिरिक्त बीमा राशि या सम एश्योर्ड.

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