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जिंदगी में कब-कितने पैसों की जरूरत अचानक से पड़ जाए, यह कोई नहीं जानता है. कभी नौकरी छूट सकती है, कभी बिजनेस कुछ महीनों के लिए धीमा पड़ सकता है या अचानक कोई बड़ा मेडिकल खर्च सामने आ सकता है.तो ऐसे मुश्किल समय में सबसे ज्यादा काम आता है इमरजेंसी फंड. हमेशा सैलरी के हिसाब से हमारे पास एक अच्छा इमरजेंसी फंड होना चाहिए.
असल में आने वाले कल के लिए केवल निवेश करना ही काफी नहीं है, बल्कि पहले एक मजबूत इमरजेंसी फंड तैयार करना जरूरी है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर आपकी सैलरी के हिसाब से कितना इमरजेंसी फंड होना चाहिए.तो आइए आसान भाषा में समझते हैं पूरा कैलकुलेशन.
हालांकि अगर आपके पास इमरजेंसी फंड नहीं है तो ऐसी स्थिति में आपको लोन लेना या इन्वेस्टमेंट को तोड़ना पड़ सकता है.
फाइनेंशियल प्लानिंग के हिसाब से देखें तो इमरजेंसी फंड आमतौर पर 3 से 12 महीने के खर्च के बराबर ही होना चाहिए.
तो चलिए अब हम समझते हैं अलग-अलग सैलरी वालों के लिए इसका कैलकुलेशन( सैलरी और कैलकुलेशन इस एक आधार के लिए लिया गया है, इसको पूरी तरह से अथेंटिक ना माना जाए)

अगर आपकी सैलरी 30,000 रुपये महीने है और आप अकेले रहते हैं या जिम्मेदारियां कम हो सकती हैं, तो फिर कम से कम 3 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखना चाहिए.
मान लीजिए आपका मासिक खर्च करीब 25,000 रुपये है
तो आपका इमरजेंसी फंड होना चाहिए:
3 महीने का खर्च = लगभग 75,000 रुपये
अगर आप किराए पर रहते हैं, परिवार की जिम्मेदारी है या EMI चल रही है, तो 6 महीने का फंड रखना ज्यादा सुरक्षित माना जाता हैय
6 महीने का खर्च = लगभग 1.5 लाख रुपये
अगर आपकी सैलरी करीब 50,000 रुपये महीने है तो आमतौर पर खर्च भी ज्यादा होता है.असल में इस इनकम वर्ग में अक्सर किराया, बीमा, बच्चों की पढ़ाई या EMI जैसे खर्च शामिल होते हैं.
मान लीजिए आपका मासिक खर्च करीब 40,000 रुपये है.
तो ऐसे में कम से कम 6 महीने का खर्च = करीब 2.4 लाख रुपये
साफ है कि अगर आप परिवार के अकेले कमाने वाले हैं या आपकी नौकरी बहुत स्थिर नहीं है, तो 9 महीने का फंड रखना ज्यादा सेफ माना जाता है.
9 महीने का खर्च = लगभग 3.5 से 4 लाख रुपये
अगर आपकी सैलरी 1 लाख रुपये महीनाहै, तो आमतौर पर जिम्मेदारियां भी ज्यादा होती हैं
होम लोन
कार लोन
बच्चों की स्कूल फीस
घर का खर्च
मान लीजिए आपका मंथली खर्च करीब 70,000 से 80,000 रुपये है
तो आपके लिए कम से कम 6 महीने का खर्च = करीब 4.5 से 5 लाख रुपये
लेकिन अगर आप फ्रीलांसर हैं, बिजनेस करते हैं या परिवार में अकेले कमाने वाले हैं, तो 9 से 12 महीने का खर्च बचाकर रखना ज्यादा सेफ मान सकते हैं.
9 से 12 महीने का फंड = करीब 8 से 10 लाख रुपये

इमरजेंसी फंड ऐसी जगह रखना चाहिए जहां से जरूरत पड़ने पर पैसा तुरंत मिल सके
इसके लिए कुछ विकल्प अच्छे माने जाते हैं
सेविंग अकाउंट
शॉर्ट टर्म फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
स्वीप-इन FD
लिक्विड म्यूचुअल फंड
एक बात हमेशा ध्यान में रखें कि इमरजेंसी फंड को लंबी अवधि के निवेश में नहीं फंसाना चाहिए.
आज के समय में नौकरी और बिजनेस दोनों में अनिश्चितता बढ़ गई है,तो फिर इसलिए इमरजेंसी फंड एक तरह का फाइनेंशियल सेफ्टी नेट है जो मुश्किल समय में आपको फाइनेंशियल रूप से संभाल सकता है. तो फिल अगर आप समय रहते इसे बनाना शुरू कर दें, तो किसी भी फाइनेंशियल संकट में आपको ज्यादा परेशानी नहीं होगी और आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग भी मजबूत बनी रहेगी.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)
FAQs
1. इमरजेंसी फंड क्या होता है?
इमरजेंसी फंड वह बचत होती है जिसे अचानक आने वाले खर्च जैसे मेडिकल इमरजेंसी या नौकरी जाने की स्थिति के लिए अलग रखा जाता है
2. इमरजेंसी फंड कितना होना चाहिए?
आमतौर पर 3 से 12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखना सुरक्षित माना जाता है
3. 30 हजार रुपये सैलरी वालों के लिए कितना इमरजेंसी फंड जरूरी है?
कम से कम 75 हजार से 1.5 लाख रुपये तक का फंड रखना बेहतर माना जाता है
4. 50 हजार रुपये सैलरी वालों के लिए कितना फंड होना चाहिए?
करीब 2.4 लाख से 4 लाख रुपये तक का इमरजेंसी फंड सुरक्षित माना जाता है
5. इमरजेंसी फंड कहां रखना चाहिए?
इसे सेविंग अकाउंट, शॉर्ट टर्म FD या लिक्विड फंड में रखना बेहतर होता है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसा मिल सके
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