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हर महीने की अपनी सैलरी को सही तरीके से मैनेज करना आज के टाइम में हर किसी के लिए बेहद जरूरी हो गया है, स्पेशली तब जब हर चीज की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. तो ऐसे में '70:20:10 फॉर्मूला' आपके लिए एक स्मार्ट ऑप्शन साबित हो सकता है. इस फॉर्मूले के अनुसार, आपकी सैलरी का 70% हिस्सा जरूरी खर्चों जैसे किराया, राशन, बिजली-पानी आदि में खर्च करें. 20% हिस्सा फाइनेंशियल गोल्स जैसे SIP, FD या किसी भी सेविंग स्कीम में लगाया जाए और बाकी 10% पैसे को आप अपने शौक, घूमने-फिरने या मनोरंजन में खर्च कर सकते हैं.
70%- जरूरी और मनचाहे खर्च
20%- सेविंग
10%- उधार चुकाने के लिए
जी हां अपनी सैलरी मैनेजमेंट का 70% हिस्सा जरूरतों और पसंद के खर्चों के लिए होता है, जिससे आप अपनी लाइफस्टाइल को बैलेंस कर सकते हैं.इस खास हिस्से में ही जरूरी खर्च जैसे बच्चे की स्कूल फीस, बिजली-पानी के बिल, घर का किराया या ईएमआई, राशन-सब्जियां और क्रेडिट कार्ड बिल शामिल होते हैं. हमेशा ध्यान रखें कि इस 70% हिस्से के भीतर ही सभी खर्चों को सीमित रखें, ताकि फाइनेंशियल स्ट्रेस ना बढ़े और सेविंग भी आपकी बनी रहें.
आपको बता दें कि सैलरी मैनेजमेंट के 70:20:10 फॉर्मूले में 20% हिस्सा आपकी सेविंग का होता है, जिसे प्यूचर की सुरक्षा के लिए बचा सकते हैं. इस राशि को आप पोस्ट ऑफिस स्कीम, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जैसे मनपंसद ऑप्शन में निवेश कर सकते हैं, जिससे निश्चित रिटर्न मिल सके.लेकिन अगर आप थोड़े रिस्क के साथ ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड जैसे विकल्प भी चुन सकते हैं.वैसे आप चाहें तो इन दोनों में बैलेंस बनाकर निवेश कर सकते हैं.
70:20:10 फॉर्मूले में 10% हिस्सा कर्ज चुकाने के लिए फिक्स किया जाता है. जी हां अगर आपने किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य से किसी कारण से उधार लिया है, तो उसे चुकाने के लिए इसी हिस्से का यूज करना चाहिए. इसके अलावा, अगर आपके ऊपर कोई लोन है जैसे होम लोन, तो उसकी ईएमआई भी इसी 10% हिस्से में शामिल करें. इस तरीके से आपका धीरे-धीरे कर्ज खत्म होगा और वित्तीय तनाव से राहत मिल सकती है.
मान लीजिए किसी व्यक्ति की प्रतिमाह सैलरी 50,000 रुपये है.
70%- 35 हजार रुपये
20%- 10 हजार रुपये
10%- 5 हजार रुपये
यानी कि 70 फीसदी हिस्सा 35 हजार रुपए आप जरूरी खर्च और मनचाहे खर्च के लिए, 20 फीसदी पैसा, 10 हजार रुपए आप सेविंग के लिए और 10 फीसदी हिस्सा 5000 हजार रुपए आप ईएमआई या उधार चुकाने के लिए रख सकते हैं.(नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)