खत्म होगा अस्पताल और इंश्योरेंस कंपनियों का मनमाना खेल! हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर जल्द बनेगा Health Exchange

Health Insurance सेक्टर में जल्द ही बड़ा बदलाव होने जा रहा है. सरकार Health Exchange शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिससे मरीजों, बीमा कंपनियों और अस्पतालों को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा.
खत्म होगा अस्पताल और इंश्योरेंस कंपनियों का मनमाना खेल! हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर जल्द बनेगा Health Exchange

Health Exchange India: भारत में हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सूत्रों के मुताबिक सरकार Health Exchange की शुरुआत करने जा रही है, जो मरीजों, बीमा कंपनियों और अस्पतालों को सीधे जोड़ेगा. इस कदम का उद्देश्य है अस्पतालों की मनमानी और बीमा कंपनियों की मनचाही पॉलिसी रिजेक्शन पर लगाम लगाना.

क्यों जरूरी है Health Exchange?

पिछले कुछ महीनों से लगातार खबरें सामने आ रही थीं कि कई अस्पताल अनावश्यक इलाज के नाम पर मरीजों से ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं, वहीं कुछ बीमा कंपनियां बिना उचित कारण के क्लेम रिजेक्ट कर देती हैं. स्टार हेल्थ इंश्योरेंस जैसी कंपनियों पर तो कैशलेस क्लेम सेटलमेंट में मनमानी करने के आरोप लगे हैं. ऐसे हालात में यह नया प्लेटफॉर्म मरीजों और पॉलिसी होल्डर्स को बड़ी राहत दे सकता है.

क्या-क्या बदलेगा Health Exchange आने के बाद?

  • अस्पताल और बीमा कंपनियां मनमानी नहीं कर पाएंगी.
  • किसी भी इलाज का क्लेम बिना कारण रिजेक्ट नहीं होगा.
  • देशभर के सभी अस्पतालों में इलाज की दरें ग्रेड के आधार पर एक जैसी होंगी.
  • हर मरीज को स्टैंडर्ड और क्वालिटी ट्रीटमेंट मिलेगा.
  • राज्यों को केंद्र ने पत्र लिखकर अस्पतालों को इसमें शामिल करने के निर्देश दिए हैं.
  • यानी, अब चाहे मरीज किसी छोटे शहर के अस्पताल में इलाज कराए या बड़े शहर में, उसे एक जैसी सुविधा और दरों पर इलाज मिलेगा.

कब से शुरू होगा Health Exchange?

सूत्रों का कहना है कि Health Exchange इसी वित्तीय वर्ष में शुरू किया जाएगा. इसमें पॉलिसी होल्डर्स, इंश्योरेंस कंपनियां और अस्पताल सभी को जोड़ा जाएगा. एक बार यह सिस्टम चालू हो गया तो बीमा क्लेम और इलाज दोनों ही और पारदर्शी हो जाएंगे.

हाल ही का विवाद और कैशलेस सेवाओं पर असर

पिछले महीने Association of Healthcare Providers India (AHPI) ने घोषणा की थी कि वे बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस और केयर हेल्थ इंश्योरेंस की कैशलेस सुविधा को सस्पेंड करेंगे. इसके अलावा, स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस के साथ भी विवाद हुआ था, हालांकि अब समझौता हो गया है और 10 अक्टूबर से AHPI से जुड़े अस्पतालों में कैशलेस सुविधा बहाल की जाएगी.

इस विवाद से साफ है कि मरीजों की सबसे ज्यादा दिक्कत कैशलेस ट्रीटमेंट को लेकर रही है. Health Exchange आने के बाद ऐसी समस्याओं से राहत मिलने की संभावना है.

पॉलिसी होल्डर्स के लिए बड़ी राहत: GST जीरो

इस बीच, पॉलिसी होल्डर्स को एक और बड़ी खुशखबरी मिली है. हाल ही में 56वीं GST काउंसिल मीटिंग में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी को घटाकर जीरो कर दिया गया है.

पहले पॉलिसी होल्डर्स को प्रीमियम पर 18% GST देना पड़ता था. अब यह पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है. इसका मतलब यह है कि अब ग्राहक को केवल बेस प्रीमियम देना होगा. यह नियम 22 सितंबर से लागू हो चुका है.

क्या कहता है उद्योग जगत

हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञ मानते हैं कि Health Exchange का गठन गेम चेंजर साबित होगा. इससे न केवल पॉलिसी होल्डर्स को राहत मिलेगी, बल्कि अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी भी खत्म होगी.

FAQs

Q1. Health Exchange क्या है?

यह एक नया प्लेटफॉर्म होगा जो पॉलिसी होल्डर्स, बीमा कंपनियों और अस्पतालों को जोड़ेगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

Q2. Health Exchange कब शुरू होगा?

सूत्रों के मुताबिक यह इसी वित्तीय वर्ष से शुरू किया जाएगा.

Q3. इसका सबसे बड़ा फायदा मरीजों को कैसे मिलेगा?

मरीजों को हर जगह एक जैसी दरों और गुणवत्ता वाला इलाज मिलेगा और बीमा क्लेम बिना कारण रिजेक्ट नहीं होंगे.

Q4. हाल ही में किस विवाद ने कैशलेस सेवाओं को प्रभावित किया?

AHPI ने बजाज आलियांज और केयर हेल्थ इंश्योरेंस की कैशलेस सुविधा को सस्पेंड कर दिया था और स्टार हेल्थ से भी विवाद हुआ था.

Q5. हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST कितना है?

अब GST को जीरो कर दिया गया है. पहले 18% देना पड़ता था.

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