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Zomato और Blinkit जैसे ब्रांड चलाने वाली Deepinder Goyal की कंपनी Eternal Limited को GST विभाग ने 3 बड़े टैक्स डिमांड ऑर्डर जारी किए हैं. यह ऑर्डर जुलाई 2017 से मार्च 2020 की अवधि से जुड़े हैं. कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, कुल डिमांड 40 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, जिसमें टैक्स, ब्याज और पेनाल्टी शामिल है.
कंपनी का कहना है कि ये ऑर्डर बिना मेरिट के हैं और वह इनके खिलाफ अपील करेगी. Eternal के लिए यह दूसरी बार है जब अगस्त महीने में ही टैक्स से जुड़ा नोटिस सामने आया है. इससे पहले FY2021-22 के लिए भी उस पर 1.34 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड आया था.
कंपनी का कहना है कि उसने सभी टैक्स नियमों का पालन किया है और डिपार्टमेंट का दावा गलत है. अब वह ऊपरी स्तर पर अपील दायर करेगी. GST विभाग ने Eternal पर 3 हिस्सों में डिमांड उठाई है.
| साल/अवधि | डिमांड की वजह | रकम (करोड़ रुपये) |
|---|---|---|
| जुलाई 2017 - मार्च 2018 | आउटपुट टैक्स का शॉर्ट पेमेंट | 2.29 |
| FY 2018-19 | एक्सेस इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम | 27.94 |
| FY 2019-20 | एक्सेस इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम | 11.09 |
| कुल | टैक्स + ब्याज + पेनाल्टी | 40+ |
Eternal के लिए यह टैक्स विवाद ऐसे समय आया है जब उसके फाइनेंशियल नतीजे पहले से ही दबाव में हैं. FY26 की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 90% गिरकर सिर्फ 25 करोड़ रुपये रह गया. एक साल पहले यही प्रॉफिट 253 करोड़ रुपये था. इस गिरावट की बड़ी वजह Blinkit में बढ़ा हुआ खर्च है. कंपनी ने क्विक कॉमर्स सेगमेंट में काफी पैसा लगाया है, जिससे फिलहाल प्रॉफिट दबाव में है.
पहली तिमाही में Blinkit ने राजस्व के मामले में Zomato को पीछे छोड़ दिया.
यह आंकड़ा दिखाता है कि क्विक कॉमर्स की ग्रोथ बेहद तेज है और यह Zomato की फूड डिलीवरी बिजनेस को पछाड़ रहा है.
Eternal सिर्फ Zomato और Blinkit तक सीमित नहीं रहना चाहता. कंपनी ने नए प्रोजेक्ट्स पर भी निवेश शुरू कर दिया है. कंपनी ने इन प्रोजेक्ट्स पर कुल 150 करोड़ रुपये निवेश करने का वादा किया है.
Eternal फिलहाल दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है. एक तरफ टैक्स विवाद और दूसरी तरफ प्रॉफिट पर दबाव. हालांकि Blinkit का तेज ग्रोथ कंपनी को लंबी रेस का खिलाड़ी बना सकता है. नई सर्विसेस जैसे Bistro और Nugget भी उसके बिजनेस मॉडल को मजबूत करने की कोशिश हैं. अब देखना होगा कि टैक्स विवाद का क्या असर पड़ता है और कंपनी किस तरह से अपनी बैलेंस शीट को सुधारती है.
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