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इस बार की दिवाली सिर्फ रोशनी और मिठाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी का उत्सव बन गई है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के GST रेट कट (टैक्स में कटौती) के फैसले ने भारतीय बाजारों में ऐसी रौनक ला दी है कि नवरात्रि से लेकर दिवाली तक, हर तरफ धूम ही धूम है. इस बार त्योहारों में लोगों ने जमकर शॉपिंग की है और इससे देश की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बूस्ट मिला है. ज़रूरी चीज़ों पर टैक्स घटने से आम आदमी को तो राहत मिली ही है, साथ ही बाजार में पैसों का फ्लो भी तेज़ी से बढ़ा है. इसका सीधा असर ऐतिहासिक बिक्री और रिकॉर्ड तोड़ कारोबार के रूप में दिख रहा है.
क्या आप जानते हैं कि क्यों इस बार मार्केट में इतनी रौनक है? इसका एक बड़ा कारण है PM मोदी का वो फैसला, जिसमें कुछ ज़रूरी और रोजमर्रा की चीज़ों पर GST टैक्स कम कर दिया गया.
जब चीज़ों पर टैक्स कम होता है, तो उनकी कीमतें घट जाती हैं. इसका सीधा फायदा कस्टमर्स को मिलता है, क्योंकि उन्हें वही सामान कम दाम में मिल जाता है. कीमतें घटने से लोगों की खरीदने की ताकत (purchasing power) बढ़ गई है. यानी, अब वे ज़्यादा चीज़ें खरीद पा रहे हैं. और हां, महंगाई (inflation) भी 8 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है (CPI 1.54% और खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई -2.3%). जब महंगाई कम होती है, तो लोगों के पास खर्च करने के लिए ज़्यादा पैसे बचते हैं, जिससे बाजार और चमकता है.
इस बार का त्योहार और शादियों का सीज़न भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम चेंजर साबित हो रहा है. व्यापारियों को उम्मीद है कि इस पूरे सीज़न में ₹7 लाख करोड़ से भी ज़्यादा का कारोबार होगा – ये अपने आप में एक रिकॉर्ड है!
सरकार के फैसलों से सिर्फ बड़ी कंपनियों को ही नहीं, बल्कि छोटे और लोकल दुकानदारों को भी फायदा मिल रहा है, जिससे 'मेक इन इंडिया' को ज़बरदस्त बूस्ट मिल रहा है.
गाड़ी खरीदने का प्लान है? तो आप अकेले नहीं हैं! इस बार नवरात्रि में ऑटो सेक्टर ने पिछले दशक का सबसे बेहतरीन परफॉरमेंस दिखाया है.
GST कट का फायदा सिर्फ गाड़ियों को ही नहीं, बल्कि आपके घर में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स को भी मिला है. 22 सितंबर को GST कट के बाद टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे अप्लायंसेज की बिक्री में 40-45% तक का उछाल आया है!
GST कट का सबसे बड़ा फायदा ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स को मिला है. ये साफ दिखाता है कि डिजिटल इंडिया और UPI पेमेंट कैसे खरीदारी के तरीकों को बदल रहे हैं.
ये सब इस बात का सबूत है कि डिजिटल इंडिया, UPI और GST की पारदर्शिता ने देश के कोने-कोने तक खरीदारी को पहुंचाया है.
ये रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि देश के आर्थिक आत्मविश्वास को दिखाती है. लोग बेफिक्र होकर खर्च कर रहे हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर दिख रहा है.
स्टॉक मार्केट का उछाल: Nifty 50 ने 52-हफ्ते का सबसे ऊंचा स्तर (25,709) छुआ है, और तीन सत्रों में 2.2% की बढ़त दर्ज की है.
निवेशकों का भरोसा: मजबूत विदेशी निवेश, स्थिर रुपया और बाजार में ऊंची डिमांड से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.
छोटी किराना दुकान से लेकर बड़े लग्जरी शोरूम तक, हर जगह आर्थिक चमक दिख रही है.
सरकार ने सिर्फ GST घटाया नहीं, बल्कि लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाया है. त्योहारों से ठीक पहले टैक्स में कटौती से लोगों को ज़्यादा बचत हुई, ज़्यादा चीज़ें खरीदने के विकल्प मिले और उन्हें देश की आर्थिक तरक्की पर गर्व महसूस हुआ.
इस बार त्योहारों में भारत सिर्फ खुशियां नहीं मना रहा, बल्कि अपनी आर्थिक शक्ति और सही पॉलिसी मेकिंग का उत्सव भी मना रहा है. ऑटो सेक्टर, ई-कॉमर्स और सभी लोकल इंडस्ट्रीज़ में ये एक 'ग्रेट इंडियन फेस्टिवल बूम' है!
A1: PM मोदी के GST रेट कट का मतलब है कि कुछ चीज़ों पर लगने वाला टैक्स कम हो गया है. इससे वे चीज़ें सस्ती हो गईं, और लोगों के लिए उन्हें खरीदना आसान हो गया.
A2: इस बार के त्योहार और शादी के सीज़न में ₹7 लाख करोड़ से भी ज़्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है, जो एक नया रिकॉर्ड है.
A3: इस बार नवरात्रि में ऑटो सेक्टर ने पिछले 10 साल का सबसे बेहतरीन परफॉरमेंस दिखाया है और इसमें सालाना 34% की ग्रोथ दर्ज की गई है.
A4: GST कट के बाद टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में 40-45% तक का ज़बरदस्त उछाल आया है.
A5: GST कट का सबसे बड़ा फायदा ऑनलाइन मार्केटप्लेस को मिला. Amazon India पर रिकॉर्ड 276 करोड़ विजिट्स हुए और छोटे शहरों से भी खूब खरीदारी हुई.
A6: हां, मजबूत खरीदारी और आर्थिक आत्मविश्वास के चलते Nifty 50 ने 52-हफ्ते का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया है, जो बाजार के लिए एक पॉजिटिव संकेत है.
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