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वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में देश का कुल GST कलेक्शन ₹1.95 लाख करोड़ रहा. यह पिछले साल अक्टूबर 2024 के ₹1.87 लाख करोड़ की तुलना में लगभग 4.6% ज्यादा है.
इसमें केंद्रीय GST (CGST) का हिस्सा ₹36,547 करोड़, राज्य GST (SGST) का ₹45,134 करोड़, और इंटीग्रेटेड GST (IGST) का ₹1,06,443 करोड़ रहा. वहीं सेस कलेक्शन ₹7,812 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल के मुकाबले थोड़ा कम है.
GST कलेक्शन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी इंपोर्ट से जुड़े टैक्स से हुई. इंपोर्ट पर IGST कलेक्शन अक्टूबर 2024 के ₹44,233 करोड़ से बढ़कर ₹50,796 करोड़ हो गया, यानी लगभग 13% की वृद्धि. इससे स्पष्ट है कि भारत में आयात गतिविधियां इस अवधि में बढ़ी हैं. इंपोर्ट से होने वाला कुल Gross Revenue ₹50,884 करोड़ रहा, जबकि घरेलू कलेक्शन ₹1,45,052 करोड़ पर रहा.
घरेलू कलेक्शन में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई. अक्टूबर 2024 के ₹1.42 लाख करोड़ के मुकाबले अक्टूबर 2025 में यह बढ़कर ₹1.45 लाख करोड़ हुआ, सिर्फ 2% की वृद्धि. हालांकि, सालाना आधार पर (अप्रैल से अक्टूबर तक) घरेलू राजस्व में 7.8% की ग्रोथ देखी गई.
इस महीने कुल GST रिफंड ₹26,934 करोड़ जारी किए गए, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 40% अधिक हैं. सबसे ज्यादा रिफंड IGST कैटेगरी में दिए गए, ₹18,968 करोड़. वहीं घरेलू रिफंड्स ₹13,260 करोड़ रहे. 2025-26 के पहले सात महीनों में अब तक ₹1.81 लाख करोड़ रिफंड दिए जा चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में 23.9% ज्यादा हैं.
अक्टूबर 2025 में नेट GST रेवेन्यू ₹1.69 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल से सिर्फ 0.6% ज्यादा है. हालांकि, चालू वित्त वर्ष (अप्रैल से अक्टूबर 2025) के दौरान कुल नेट रेवेन्यू ₹12.07 लाख करोड़ पहुंच गया है, जो पिछले साल की तुलना में 7.1% की वृद्धि दिखाता है.
राज्यवार आंकड़ों से साफ है कि दक्षिण भारत के राज्यों ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया है. कर्नाटक में GST कलेक्शन 10% बढ़ा, ₹13,081 करोड़ से बढ़कर ₹14,395 करोड़ हुआ. तेलंगाना ने भी 10% की ग्रोथ दर्ज की, ₹5,211 करोड़ से बढ़कर ₹5,726 करोड़ पर पहुंचा. गुजरात में भी ₹11,407 करोड़ से बढ़कर ₹12,113 करोड़, यानी 6% की वृद्धि हुई. वहीं महाराष्ट्र जैसे बड़े औद्योगिक राज्य ने ₹32,025 करोड़ का कलेक्शन किया, जो पिछले साल से 3% ज्यादा है.
उत्तर भारत के राज्यों में इस बार मिश्रित परिणाम देखने को मिले. उत्तर प्रदेश में कलेक्शन ₹9,602 करोड़ से बढ़कर ₹9,806 करोड़ हुआ (2% ग्रोथ), जबकि दिल्ली में मामूली गिरावट देखी गई. हरियाणा में स्थिति स्थिर रही, लगभग ₹10,000 करोड़ का कलेक्शन, जिसमें कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई. दूसरी ओर, पंजाब और बिहार ने 4% और 3% की ग्रोथ दर्ज की.
पूर्वोत्तर राज्यों ने इस बार देशभर में सबसे ऊंची ग्रोथ दिखाई है. अरुणाचल प्रदेश में GST कलेक्शन 44% बढ़ा, जबकि नागालैंड में 46% की उछाल आई. लद्दाख में भी कलेक्शन 39% और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में 30% बढ़ा. हालांकि हिमाचल प्रदेश (-17%), उत्तराखंड (-13%) और झारखंड (-15%) जैसे पहाड़ी और खनन राज्यों में गिरावट दर्ज की गई.
राज्यों को मिलने वाले SGST और IGST सेटलमेंट्स में भी बढ़ोतरी हुई है. 2024-25 के मुकाबले 2025-26 में SGST हिस्सेदारी ₹2,94,365 करोड़ से बढ़कर ₹3,20,425 करोड़ हो गई, यानी 9% की सालाना वृद्धि. सेटलमेंट के बाद राज्यों की कुल प्राप्ति ₹5,91,353 करोड़ पहुंच गई है, जो पिछले साल से 7% ज्यादा है. महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और दिल्ली को सबसे बड़ा हिस्सा मिला.
देश में रजिस्टर्ड GST करदाताओं की संख्या में भी निरंतर वृद्धि हो रही है. 31 अक्टूबर 2025 तक देश में कुल 90.7 लाख सक्रिय GSTINs हो चुके हैं, जो पिछले साल के 65.9 लाख की तुलना में लगभग 38% अधिक हैं. इससे सरकार के कर-आधार (tax base) में लगातार मजबूती आ रही है, जो आगे चलकर राजस्व वृद्धि को और टिकाऊ बनाएगी.
कुल आंकड़ों को देखें तो वित्त वर्ष 2025-26 के पहले सात महीनों में सरकार का Gross GST Revenue ₹13.89 लाख करोड़ पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 9% ज्यादा है. हालांकि घरेलू राजस्व में सिर्फ 2% मासिक ग्रोथ दिखी है, जिससे संकेत मिलता है कि अभी भी कंज्यूमर डिमांड और उत्पादन में थोड़ी सुस्ती बनी हुई है.
1. अक्टूबर 2025 में कुल GST कलेक्शन कितना रहा?
₹1.95 लाख करोड़, जो पिछले साल की तुलना में 4.6% ज्यादा है.
2. सबसे तेज़ GST ग्रोथ किस राज्य में हुई?
नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में 40% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई.
3. किस कैटेगरी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई?
इंपोर्ट से मिलने वाले IGST में 12.8% की वृद्धि सबसे तेज़ रही.
4. किन राज्यों में गिरावट दर्ज हुई?
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और झारखंड में 10-15% की गिरावट आई.
5. कुल GSTINs की संख्या अब कितनी है?
अक्टूबर 2025 तक देश में लगभग 90.7 लाख सक्रिय GST रजिस्टर्ड करदाता हैं.