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जीएसटी (GST) काउंसिल अब छोटे कारोबारियों (Small Traders) और एक्सपोर्टर्स (Exporters) के लिए नियम आसान करने की तैयारी में है. रजिस्ट्रेशन (Registration) और रिफंड (Refund) प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने पर चर्चा होगी. अगर यह फैसला लागू हुआ तो कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी और कारोबार करने का माहौल और भी आसान बन जाएगा.
कई छोटे व्यापारी लंबे समय तक जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए परेशान रहते हैं. अभी यह प्रक्रिया कई बार हफ्तों तक खिंच जाती है. काउंसिल इस पर चर्चा करेगी कि छोटे कारोबारियों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन 3 दिन में पूरा हो जाए. इससे कारोबारियों का समय बचेगा और व्यापार शुरू करने में आसानी होगी.
एक्सपोर्टर्स और व्यापारियों को रिफंड मिलने में अक्सर देरी होती है, जिससे उनके कैश फ्लो पर असर पड़ता है. अब काउंसिल इस बात पर विचार करेगी कि कारोबारियों को 7 दिन में रिफंड मिल जाए. 90 फीसदी रिफंड 7 दिन में देने पर चर्चा होगी. बाकी रकम बाद में फाइनल वेरिफिकेशन के बाद दी जाएगी. इस कदम से कारोबारियों को तुरंत राहत मिलेगी और उनका बिजनेस बिना रुकावट के चल सकेगा.
भारत सरकार लगातार एक्सपोर्ट बढ़ाने पर जोर दे रही है. एक्सपोर्टर्स को सबसे बड़ी दिक्कत इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर (Inverted Duty Structure) से जुड़ी होती है, जिसमें इनपुट टैक्स ज्यादा होता है और आउटपुट टैक्स कम. अब इस मामले में भी 7 दिन में रिफंड देने का प्रस्ताव चर्चा में है. अगर यह लागू होता है तो एक्सपोर्टर्स की लागत कम होगी और उन्हें ग्लोबल मार्केट में कॉम्पटीशन में मदद मिलेगी.
रजिस्ट्रेशन और रिफंड से जुड़ी प्रक्रियाएं तेज होने से कारोबारियों को सीधा फायदा होगा. नए कारोबारियों के लिए बिजनेस शुरू करना आसान होगा. एक्सपोर्टर्स को तेजी से पैसा वापस मिलेगा. साथ ही सरकार का 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) का मकसद मजबूत होगा.
जीएसटी काउंसिल की यह बैठक कारोबारियों और एक्सपोर्टर्स के लिए बेहद अहम है. अगर सात दिन में रिफंड और तीन दिन में रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव पास हो जाता है तो यह छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा गेम चेंजर साबित होगा. इससे न केवल व्यापार करना आसान होगा बल्कि देश के एक्सपोर्ट को भी नई रफ्तार मिल सकती है.
कौंसिल छोटे कारोबारियों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन तीन दिन में करने पर चर्चा करेगी.
कारोबारियों को 90 फीसदी रिफंड सात दिन में देने की तैयारी है.
इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से जुड़े रिफंड भी सात दिन में निपटाने का प्रस्ताव है.
उनका समय बचेगा, कैश फ्लो बेहतर होगा और बिजनेस करना आसान हो जाएगा.
अभी यह सिर्फ चर्चा का प्रस्ताव है, मंजूरी मिलने के बाद ही इन्हें लागू किया जाएगा.
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