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सरकारी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) ने जीएसटी सुधार लागू होने के पहले दिन का इनफ्लो पेश किया है. असल में एलआईसी ने पहले ही दिन 1,100 करोड़ रुपए का इनफ्लो दर्ज किया है. तो यह आंकड़ा बीमा क्षेत्र और पॉलिसीधारकों दोनों के लिए एक पॉजिटिविटी का रूप माना जा रहा है.
आपको बता दें कि एलआईसी को हर महीने रिटेल पॉलिसीहोल्डर्स से लगभग 5,000 करोड़ रुपए की प्रीमियम इनकम मिलती है.तो ऐसे में 1,100 करोड़ का इनफ्लो पहले दिन में ही दर्ज होना पेश करता है कि पॉलिसीधारकों में नए नियमों को लेकर उत्साह और भरोसा बढ़ा है.
जीएसटी सुधारों (GST 2.0) के तहत स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियों पर टैक्स घटाकर 0 प्रतिशत कर दिया गया है. इससे पहले यह टैक्स दर 18 प्रतिशत थी.तो इस बदलाव से पारंपरिक जीवन बीमा पॉलिसियां अब पहले से ज्यादा किफायती और आकर्षक हो गई हैं.वहीं, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले महीनों में इससे एलआईसी की बिक्री और प्रीमियम इनफ्लो में और बढ़ोतरी होने की संभावना है.
वैसे एलआईसी ने फाइनेंशियल ईयर 26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में पहले ही लाभ और प्रीमियम आय में लगातार ग्रोथ दर्ज की थी.इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ 10,957 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 3.91 प्रतिशत अधिक है. इसके साथ ही, एलआईसी की फ्योर प्रीमियम आय 4.7 प्रतिशत बढ़कर 1,19,618 करोड़ रुपए हो गई है. यह साफ करता है कि एलआईसी ने जीवन बीमा उद्योग में अपने मजबूत नेतृत्व को बरकरार रखा है.
आपको बता दें कि एलआईसी जीवन बीमा उद्योग में पहले साल की प्रीमियम आय के आधार पर 63 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ अग्रणी कंपनी बनी हुई है. कंपनी के सीईओ और एमडी आर. दोरईस्वामी ने बताया कि इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान एलआईसी ने व्यक्तिगत और समूह दोनों प्रकार के बीमा व्यवसाय में अपनी लीडरशिप बनाए रखी है.उन्होंने कहा, "प्रथम वर्ष की प्रीमियम आय के आधार पर हमारी कुल बाजार हिस्सेदारी 63.51 प्रतिशत रही। हमने व्यक्तिगत और समूह व्यवसाय दोनों में अपनी मजबूत स्थिति को जारी रखा है.
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन प्योर बेनेफिट्स 10,986.51 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है.तो यह डेटा एलआईसी की वित्तीय मजबूती और ग्राहकों के भरोसे को पेश करता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटी कटौती का असर न केवल एलआईसी पर बल्कि पूरे जीवन बीमा उद्योग पर सकारात्मक होगा,क्योंकि अब पॉलिसीधारकों के लिए प्रीमियम सस्ता और निवेश करना आसान हो गया है. यह बदलाव छोटे निवेशकों और नए ग्राहकों को भी जीवन बीमा की ओर आकर्षित करेगा.
एलआईसी की मजबूत वित्तीय स्थिति और सरकारी समर्थन ने इसे भारत के जीवन बीमा बाजार में अग्रणी बनाए रखा है.कंपनी के लगातार लाभ, प्रीमियम में वृद्धि और नए नियमों का प्रभाव मिलकर इसे और भी मजबूती देते हैं.इस सुधार से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में एलआईसी में प्रीमियम इनफ्लो में और वृद्धि होगी और यह नई नीतियों से जीवन बीमा क्षेत्र को भी लाभान्वित करेगा.
FAQs
1. एलआईसी में GST कटौती का क्या असर हुआ?
GST कटौती के बाद स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन बीमा अब टैक्स फ्री हो गए हैं, जिससे पॉलिसी खरीदना सस्ता और आसान हो गया है.
2. एलआईसी में पहले दिन कितना इनफ्लो हुआ?
GST कटौती लागू होने के पहले दिन एलआईसी में 1,100 करोड़ रुपए का इनफ्लो दर्ज हुआ.
3. एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी कितनी है?
एलआईसी जीवन बीमा उद्योग में प्रथम वर्ष की प्रीमियम आय के आधार पर 63 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ अग्रणी है.
4. GST कटौती के बाद प्रीमियम आय में क्या बदलाव आया?
वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में शुद्ध प्रीमियम आय 4.7 प्रतिशत बढ़कर 1,19,618 करोड़ रुपए हो गई.
5. क्या GST कटौती से बीमा खरीदने वाले ग्राहकों को लाभ होगा?
जी हां, पॉलिसीधारकों के लिए प्रीमियम सस्ता हुआ है, जिससे अधिक लोग जीवन और स्वास्थ्य बीमा में निवेश कर सकते हैं.
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