&format=webp&quality=medium)
देश की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक बहुत अच्छी खबर आई है. फरवरी 2026 के जो जीएसटी आंकड़े सामने आए हैं, वे बताते हैं कि बाजार में खरीदारी और व्यापार की चमक बरकरार है. सरकार ने फरवरी में 1,83,609 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है .
खास बात यह है कि केवल फरवरी ही नहीं, बल्कि इस पूरे साल (अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक) का कुल कलेक्शन 20,27,033 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 8.3% ज्यादा है .
आइए समझते हैं कि इस 1.83 लाख करोड़ रुपये में किसका कितना हिस्सा है:
| कैटेगरी | कलेक्शन (करोड़ ₹ में) | पिछले साल से ग्रोथ (%) |
|---|---|---|
| कुल ग्रॉस जीएसटी (Gross) | 1,83,609 | 8.1% |
| घरेलू रेवेन्यू (Domestic) | 1,35,772 | 5.3% |
| आयात से रेवेन्यू (Imports) | 47,837 | 17.2% |
| कुल रिफंड (Refunds) | 22,595 | 10.2% |
| नेट जीएसटी (Net Revenue) | 1,61,014 | 7.9% |
राज्यों के बीच जीएसटी कलेक्शन के मामले में कड़ा मुकाबला देखने को मिला है. यहां कुछ प्रमुख राज्यों का डेटा दिया गया है (Settlement के बाद):
महाराष्ट्र: यहां 16,581 करोड़ का कलेक्शन हुआ (11% ग्रोथ) .
कर्नाटक: 8,061 करोड़ के साथ 17% की शानदार बढ़त दर्ज की .
उत्तर प्रदेश: 7,456 करोड़ का कलेक्शन रहा, जो 8% की ग्रोथ दिखाता है .
गुजरात: 7,598 करोड़ के साथ 19% की मजबूत छलांग लगाई .
दिल्ली: यहां 3,058 करोड़ का कलेक्शन हुआ, जिसमें 3% की ग्रोथ रही .
बड़े राज्यों के अलावा, कुछ छोटे क्षेत्रों ने भी कमाल का प्रदर्शन किया है:
लद्दाख: प्री-सेटलमेंट डेटा में 29% की सबसे तेज ग्रोथ दिखाई .
सिक्किम: यहां प्री-सेटलमेंट कलेक्शन में 67% का भारी उछाल देखा गया .
दादरा और नगर हवेली: पोस्ट-सेटलमेंट में 62% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई .
पोस्ट-सेटलमेंट SGST के अनुसार जिन राज्यों में जीएसटी रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज हुई, उनमें हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं.
वहीं, जिन राज्यों में पोस्ट-सेटलमेंट SGST के आधार पर जीएसटी रेवेन्यू में गिरावट देखने को मिली, उनमें पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य शामिल रहे.
सरकार अभी भी ट्रांजिटरी अरेंजमेंट के तौर पर कॉम्पन्सेशन सेस इकट्ठा कर रही है . फरवरी 2026 में नेट सेस रेवेन्यू 5,063 करोड़ रुपये रहा . यह पैसा मुख्य रूप से पुराने लोन और ब्याज को चुकाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है .
जीएसटी के ये आंकड़े यह साबित करते हैं कि भारत का घरेलू बाजार (Domestic Market) बहुत मजबूत है और आयात (Imports) में 17% से ज्यादा की बढ़त अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सुधार का संकेत दे रही है . सरकार की रिफंड प्रक्रिया भी अब पहले से काफी स्ट्रीमलाइन हो गई है, जिसका सीधा फायदा व्यापारियों को मिल रहा है.
1- फरवरी 2026 में कुल कितना जीएसटी कलेक्शन हुआ?
फरवरी 2026 में कुल ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1,83,609 करोड़ रुपये रहा .
2- पिछले साल के मुकाबले इस बार कितनी ग्रोथ रही?
पिछले साल की तुलना में इस बार ग्रॉस रेवेन्यू में 8.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है .
3- सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन किस राज्य से हुआ?
सेटलमेंट के बाद सबसे ज्यादा कलेक्शन महाराष्ट्र (16,581 करोड़ रुपये) से हुआ .
4- आयात (Imports) पर कितना जीएसटी मिला?
आयात पर आईजीएसटी (IGST) के रूप में 47,837 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ .
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)