GST Rate Cut: फेस्टिव सीजन में सरकार का 'बंपर गिफ्ट', क्‍या अमेरिकी टैरिफ का असर होगा बेअसर! जानें क्या कहते हैं अर्थशास्त्री

फेस्टिव सीजन के बीच जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी दरों में कटौती का बंपर गिफ्ट जनता को दिया है. देश के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ये फैसला त्योहारी सीजन से ठीक पहले आने से घरेलू खपत (Domestic Consumption) को जबरदस्त बढ़ावा देगा, जिससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज होगी. इससे अमेरिकी टैरिफ के असर को भी कम करने में मदद मिलेगी.
GST Rate Cut: फेस्टिव सीजन में सरकार का 'बंपर गिफ्ट', क्‍या अमेरिकी टैरिफ का असर होगा बेअसर! जानें क्या कहते हैं अर्थशास्त्री

दिवाली और त्योहारी सीजन से ठीक पहले, जीएसटी काउंसिल ने टैक्स की दरों में कटौती करके आम आदमी और कारोबारियों को जो बड़ा तोहफा दिया है, उसकी तारीफ अब देश के बड़े-बड़े अर्थशास्त्री भी कर रहे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये फैसला न सिर्फ आपकी-हमारी जेब का बोझ कम करेगा, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक 'गेम-चेंजर' साबित हो सकता है.

खासकर ऐसे समय में जब अमेरिकी टैरिफ के कारण निर्यात पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जीएसटी में ये कटौती एक 'मास्टरस्ट्रोक' की तरह देखी जा रही है.

'बंपर दिवाली गिफ्ट', बढ़ेगी घरेलू खपत

Add Zee Business as a Preferred Source

अर्थशास्त्री पंकज जायसवाल ने इसे "सरकार की ओर से बंपर दिवाली गिफ्ट" बताते हुए कहा कि, "इससे महंगाई में कमी आएगी और घरेलू खपत को बढ़ावा मिलेगा. फेस्टिव सीजन शुरू हो चुका है. इससे पहले सरकार द्वारा ये फैसला लेना बहुत अच्छी खबर है."

VIDEO- New GST Rates: खेती-किसानी होगी सस्ती, जानिए कैसे

क्या है इसका मतलब

जब टैक्स कम होता है, तो चीजें सस्ती होती हैं. जब चीजें सस्ती होती हैं, तो लोग ज्यादा खरीदारी करते हैं. त्योहारी सीजन (दिवाली, दशहरा) में लोग वैसे भी ज्यादा खर्च करते हैं. अब टैक्स कम होने से वे और ज्यादा खर्च करने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे बाजार में डिमांड को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा.

अमेरिकी टैरिफ का असर होगा 'बेअसर'

ये फैसला उस समय आया है जब अमेरिका ने भारत पर 50% का भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया है, जिससे हमारे निर्यातकों में चिंता का माहौल था. अर्थशास्त्री पंकज जायसवाल ने कहा, "ये खतरा महसूस हो रहा था कि देश का निर्यात कम होगा और इससे उत्पादन में कमी आएगी. लेकिन सरकार का ये फैसला इन सभी प्रभाव को दूर करेगा. आम आदमी के हाथ में ज्यादा पैसे बचेंगे, इससे घरेलू बाजार में मांग बढ़ेगी. अगर अमेरिकी बाजार में मांग कम होती है, तो हमारे कारोबारी उस माल को भारत में ही बेच पाएंगे." इससे अर्थव्यवस्था को एक बड़ा सहारा मिलेगा.

बढ़ेगी 'परचेजिंग पावर', 80% चीजें 5% के स्लैब में

चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्य और सीए प्रवीण साहू का कहना है कि, "सरकार ने दो स्तरीय (5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत) जीएसटी करके आम जनता को बड़ी राहत दी है. साथ ही, 80 प्रतिशत वस्तुओं को 5 प्रतिशत टैक्स स्लैब में रखा गया है. इससे आम जनता की परचेजिंग पावर (खरीदने की क्षमता) बढ़ेगी और उपभोग में सुधार होगा."

2017 के बाद का सबसे बड़ा टैक्स सुधार

एक अन्य अर्थशास्त्री राजीव साहू ने इसे 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद का "अब तक का सबसे बड़ा टैक्स सुधार" बताया. उन्होंने कहा कि इससे एक साथ कई मोर्चों पर फायदा होगा:

  • आम जनता को तुरंत राहत मिलेगी.
  • खपत (Consumption) में सुधार होगा.
  • उद्योगों (Industries) को समर्थन मिलेगा.
  • भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

चैम्बर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री और अर्थशास्त्री आदित्य मनिया जैन ने भी कहा कि इससे निवेशकों से लेकर व्यापारियों तक, सभी को बड़ी राहत मिलेगी और अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज बनी रहेगी.

VIDEO- Apple iPhone 17 Pro: बैटरी से कैमरा अपग्रेड तक... देखें टॉप 15 नए फीचर्स!

हेल्थ इंश्योरेंस पर जीरो GST और MSME को राहत

अर्थशास्त्री अजय रोट्टी ने हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी को 18% से सीधे जीरो किए जाने को एक अच्छी खबर बताया. उन्होंने कहा कि इससे MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को भी बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि दैनिक उपयोग की चीजों की लागत में कमी आएगी. जब लागत कम होगी, तो उपभोग बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. जीएसटी दरों में कटौती से आम आदमी को क्या फायदा होगा.

जवाब: टैक्स कम होने से कार, बाइक, कपड़े, जूते, दवाइयां और होटल में रहने जैसी कई चीजें और सेवाएं सस्ती हो जाएंगी. इससे आम आदमी के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा, जिससे उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ेगी.

2. यह फैसला अमेरिकी टैरिफ के असर को कैसे कम करेगा.

जवाब: अमेरिकी टैरिफ से भारत का निर्यात प्रभावित हो सकता है, जिससे फैक्ट्रियों में उत्पादन कम होने का खतरा था. लेकिन अब, जब घरेलू बाजार में ही चीजों की मांग बढ़ जाएगी, तो कंपनियां अपना माल भारत में ही बेच पाएंगी, जिससे उत्पादन और रोजगार पर नकारात्मक असर कम होगा.

VIDEO- Stocks To Buy: त्योहारी सीजन से पहले देखें Brokerage की टॉप 10 Stocks Picks

3. क्या इस टैक्स कटौती से सरकार के खजाने पर बोझ नहीं पड़ेगा.

जवाब: अर्थशास्त्रियों का मानना है कि टैक्स दर कम होने से जब बिक्री बढ़ेगी, तो कुल टैक्स कलेक्शन भी बढ़ सकता है. इसे 'Lafer Curve' का सिद्धांत कहते हैं. बढ़ी हुई आर्थिक गतिविधि से सरकार को अंततः फायदा ही होगा.

4. 'दो-स्तरीय जीएसटी' का क्या मतलब है.

जवाब: इसका मतलब है कि अब देश में मुख्य रूप से सिर्फ दो ही टैक्स दरें होंगी - 5% और 18%. इससे 12% और 28% जैसे स्लैब खत्म हो जाएंगे, जिससे टैक्स प्रणाली बहुत सरल हो जाएगी.

5. हेल्थ इंश्योरेंस पर जीरो GST का क्या असर होगा.

जवाब: इससे हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम सीधे 18% तक सस्ता हो जाएगा. यह बीमा को और ज्यादा किफायती बनाएगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसे खरीद पाएंगे.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6