हैंडीक्राफ्ट पर लगने वाला GST जल्द ही हो सकता है जीरो, कारीगरों और छोटे कारोबारियों को होगा बड़ा फायदा

सरकार हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को राहत देने की तैयारी में है. अभी तक इन पर 5 से 18 फीसदी तक जीएसटी लगता है, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत हैंडीक्राफ्ट पर जीरो जीएसटी लगाने की बात हो रही है. इससे कारीगरों को न सिर्फ टैक्स से राहत मिलेगी, बल्कि उन्हें IGST रिफंड के लिए लंबे समय तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा.
हैंडीक्राफ्ट पर लगने वाला GST जल्द ही हो सकता है जीरो, कारीगरों और छोटे कारोबारियों को होगा बड़ा फायदा

भारत का हैंडीक्राफ्ट सेक्टर देश की परंपरा और संस्कृति का आईना है. लाखों कारीगर और छोटे बिजनेस इस पर निर्भर हैं. अभी तक हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स पर 5, 12 और 18 फीसदी तक का जीएसटी लगाया जाता है. इससे कारीगरों की लागत बढ़ जाती है और उन्हें एक्सपोर्ट रिफंड पाने में भी महीनों का इंतजार करना पड़ता है.

अब सरकार इस सेक्टर को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है. प्रस्ताव है कि हैंडीक्राफ्ट पर जीरो जीएसटी लगाया जाए. अगर यह लागू हो जाता है तो यह बदलाव कारीगरों और छोटे बिजनेस के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है.

अभी कितना जीएसटी लगता है हैंडीक्राफ्ट पर?

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अभी हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स पर अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से जीएसटी दरें तय हैं. देखा जाए तो हर प्रोडक्ट पर टैक्स अलग-अलग है, जिसकी वजह से कारीगरों और कारोबारियों को दिक्कत होती है.

हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्टजीएसटी दर
मेटल वाले हैंडीक्राफ्ट12%
लकड़ी से बने हैंडीक्राफ्ट12% और 18%
कपड़े से बने हैंडीक्राफ्ट5%

कारीगरों को क्यों होगा फायदा?

जीएसटी हटने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कारीगरों को IGST रिफंड के लिए 90 दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अभी की स्थिति में छोटे निर्माता और एक्सपोर्टर को कैश फ्लो की समस्या झेलनी पड़ती है. कुछ और भी फायदे ये रहे-

  • प्रोडक्ट्स की कीमतें कम होंगी
  • विदेशी बाजार में हैंडीक्राफ्ट ज्यादा कॉम्पिटिटिव होंगे
  • छोटे कारीगरों का मुनाफा बढ़ेगा
  • रिफंड में होने वाली देरी से राहत मिलेगी

एक्सपोर्ट सेक्टर को मिलेगी नई जान

भारत का हैंडीक्राफ्ट सेक्टर दुनियाभर में मशहूर है. यूएस, यूरोप और मिडिल ईस्ट में भारतीय कारीगरी की काफी मांग है. जीरो जीएसटी लागू होने से भारतीय प्रोडक्ट्स और भी सस्ते पड़ेंगे, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ने की संभावना है.

Conclusion

हैंडीक्राफ्ट सेक्टर लंबे समय से टैक्स और रिफंड की समस्याओं से जूझ रहा था. जीरो जीएसटी का प्रस्ताव लागू होता है तो यह न सिर्फ कारीगरों को राहत देगा, बल्कि भारत की पारंपरिक कला और कारीगरी को ग्लोबल लेवल पर नई ताकत भी देगा.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. अभी हैंडीक्राफ्ट पर कितना जीएसटी लगता है?

अभी 5%, 12% और 18% की दर से टैक्स लगता है.

Q2. कौन सा हैंडीक्राफ्ट किस टैक्स स्लैब में आता है?

मेटल और लकड़ी वाले 12-18%, जबकि कपड़े वाले 5% स्लैब में आते हैं.

Q3. जीरो जीएसटी से सबसे बड़ा फायदा किसे होगा?

छोटे कारीगरों और एक्सपोर्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा.

Q4. IGST रिफंड की दिक्कत क्या है?

अभी कारीगरों को रिफंड के लिए करीब 90 दिन तक इंतजार करना पड़ता है.

Q5. क्या इससे एक्सपोर्ट पर असर पड़ेगा?

हां, भारतीय हैंडीक्राफ्ट और भी कॉम्पिटिटिव होंगे और एक्सपोर्ट बढ़ेगा.

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