सबसे ज्यादा चर्चा में है बंदूकों पर GST! यहां जानिए रिवॉल्वर, पिस्तौल जैसी गन खरीदना भारत में सस्ता हुआ या महंगा

भारत में 22 सितंबर से लागू होने वाले नए GST स्लैब के तहत लग्ज़री और गैर-ज़रूरी वस्तुओं पर टैक्स दरें बढ़ा दी गई हैं. रिवॉल्वर और पिस्तौल जैसी गन को हाई-एंड प्रोडक्ट्स की कैटेगरी में रखकर इन पर GST 28% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है.
सबसे ज्यादा चर्चा में है बंदूकों पर GST! यहां जानिए रिवॉल्वर, पिस्तौल जैसी गन खरीदना भारत में सस्ता हुआ या महंगा

भारत में GST काउंसिल के नए फैसलों के बाद लग्ज़री और गैर-ज़रूरी वस्तुओं पर टैक्स का ढांचा बदल गया है. इनमें रिवॉल्वर और पिस्तौल जैसी बंदूकें भी शामिल हैं, जिन्हें हाई-एंड प्रोडक्ट्स की लिस्ट में रखकर उन पर टैक्स बढ़ा दिया गया है. अब 22 सितंबर से लागू होने वाले नए GST स्लैब में इन हथियारों की खरीदारी और महंगी हो जाएगी. चलिए, जानते हैं कि 2 लाख वाली बंदूक अब कितने की मिलेगी.

रिवॉल्वर और पिस्तौल अब लग्ज़री कैटेगरी में

GST काउंसिल की 56वीं बैठक में यह साफ कर दिया गया कि रिवॉल्वर और पिस्तौल आम उपभोक्ताओं के लिए नहीं, बल्कि यह या तो डिफेंस, सिक्योरिटी सेक्टर के लिए जरूरी हैं या फिर लग्ज़री और शौकिया खरीदारी के तहत आती हैं.

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इसीलिए इन पर टैक्स दर 28% से बढ़ाकर 40% कर दी गई है. सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ इन प्रोडक्ट्स को केवल आवश्यक जरूरत या अधिकृत उपयोग तक सीमित करना है.

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2 लाख की रिवॉल्वर पर टैक्स का असर

मान लीजिए कि किसी रिवॉल्वर की बेस कीमत ₹2,00,000 है. पहले इस पर 28% GST लगता था, यानी टैक्स ₹56,000 देना पड़ता था. कुल कीमत ₹2,56,000 हो जाती थी.

अब नए टैक्स स्लैब में 40% GST लगेगा, यानी उसी रिवॉल्वर पर अब टैक्स ₹80,000 होगा. कुल कीमत ₹2,80,000 हो जाएगी. इसका मतलब ग्राहक को एक ही रिवॉल्वर पर ₹24,000 ज्यादा खर्च करना होगा.

22 सितंबर से लागू होगा नया टैक्स ढांचा

भारत का अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) ढांचा 22 सितंबर से बड़ा बदलाव देखने वाला है. GST काउंसिल ने 12% और 28% टैक्स ब्रैकेट को हटाकर अब सिर्फ तीन स्लैब रखे हैं- 5%, 18%, 40% (नया स्लैब). 40% वाला स्लैब सिर्फ लग्ज़री और गैर-ज़रूरी प्रोडक्ट्स के लिए होगा.

40% GST वाले प्रोडक्ट्स की पूरी लिस्ट

  • पान मसाला
  • गुटखा
  • चबाने वाला तंबाकू
  • बिना प्रोसेस किया हुआ तंबाकू और तंबाकू का वेस्ट
  • सिगरेट्स
  • सिगार, चुरुट और इनके विकल्प
  • कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (गैस वाली कोल्ड ड्रिंक)
  • शुगर युक्त कोल्ड ड्रिंक
  • कैफीन युक्त कार्बोनेटेड ड्रिंक
  • 1200cc से ज्यादा इंजन वाली पेट्रोल कारें
  • 1500cc से ज्यादा इंजन वाली डीज़ल कारें
  • 350cc से ज्यादा इंजन वाली मोटरसाइकिल
  • यॉट्स
  • प्राइवेट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर
  • कोयला, लिग्नाइट, पीट
  • ऑनलाइन जुआ और गेमिंग सर्विसेज.

क्यों बढ़ा टैक्स?

महंगे और गैर-ज़रूरी प्रोडक्ट्स पर टैक्स बढ़ाकर सरकार का उद्देश्य टैक्स कलेक्शन बढ़ाना है. तंबाकू, पान मसाला और हाई-शुगर ड्रिंक्स पर टैक्स बढ़ाकर इनकी खपत को कम करना है. हाई-एंड प्रोडक्ट्स खरीदने वाले लोग ज़्यादा टैक्स देकर अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में योगदान करेंगे. रिवॉल्वर, पिस्तौल जैसे हथियार सिर्फ लाइसेंसधारकों को मिलेंगे, जिससे हथियारों का इस्तेमाल नियंत्रित रहेगा.

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एक नजर में पुराना और नया GST

प्रोडक्टपुराना GSTनया GST
रिवॉल्वर/पिस्तौल28%40%
लग्ज़री कार28%40%
यॉट/एयरक्राफ्ट28%40%
सिगरेट28%40%
कोल्ड ड्रिंक/एनर्जी ड्रिंक28%40%

काम की बात

GST काउंसिल का यह फैसला सरकार के टैक्स स्ट्रक्चर को सरल और स्पष्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. रिवॉल्वर और पिस्तौल जैसे हथियारों को 40% GST स्लैब में डालकर सरकार ने इन्हें लग्ज़री और हाई-एंड कैटेगरी में रखा है. इस बदलाव से एक तरफ जहां सरकार का राजस्व बढ़ेगा, वहीं दूसरी तरफ इन वस्तुओं की पहुंच भी सीमित रहेगी.

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खबर से जुड़े 5 FAQs

रिवॉल्वर और पिस्तौल पर अब कितना GST लगेगा?

रिवॉल्वर और पिस्तौल पर GST 28% से बढ़ाकर अब 40% कर दिया गया है.

नए GST स्लैब कब से लागू होंगे?

नया टैक्स ढांचा 22 सितंबर 2025 से लागू होगा.

40% GST किन प्रोडक्ट्स पर लागू होगा?

तंबाकू प्रोडक्ट्स, पान मसाला, लग्ज़री कार, यॉट, प्राइवेट एयरक्राफ्ट, एनर्जी ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक और हाई-एंड हथियारों पर.

क्या हथियारों की खरीद अब सीमित हो जाएगी?

टैक्स बढ़ने से ये और महंगे होंगे, जिससे हथियारों की पहुंच सिर्फ अधिकृत लोगों तक रहेगी.

सरकार ने यह टैक्स क्यों बढ़ाया?

इसका उद्देश्य राजस्व बढ़ाना, लग्ज़री आइटम्स को महंगा करना और हेल्थ-हैज़र्ड प्रोडक्ट्स को कंट्रोल करना है.

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