GST का 'पॉपकॉर्न-ड्रामा' खत्म! अब नहीं रहेगा कन्‍फ्यूजन...जानिए अब Salted Or Caramel पर कितना देना होगा टैक्‍स!

GST on Salted and Caramel Popcorn: जीएसटी काउंसिल ने अपनी 56वीं बैठक में पॉपकॉर्न पर लगने वाले टैक्स को लेकर चल रहे लंबे विवाद को आखिरकार खत्म कर दिया है. जानें 22 सितंबर से नमकीन और कैरेमल पॉपकॉर्न पर कितना टैक्स लगेगा.
GST का 'पॉपकॉर्न-ड्रामा' खत्म! अब नहीं रहेगा कन्‍फ्यूजन...जानिए अब Salted Or Caramel पर कितना देना होगा टैक्‍स!

GST on Popcorn: 'पॉपकॉर्न' - सिनेमा हॉल का ये सबसे पसंदीदा स्नैक है. सिनेमाप्रेमी अगर मूवी देखने जाएं तो पॉपकॉर्न के बिना उनका काम नहीं चलता. लेकिन पिछले एक साल से जीएसटी की दुनिया में पॉपकॉर्न (Popcorn) एक बड़ी बहस का मुद्दा बना हुआ था. कन्फ्यूजन ये था कि आखिर इस पर टैक्स कितना लगना चाहिए?

लेकिन अब, जीएसटी काउंसिल ने इस कन्फ्यूजन को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है. बुधवार को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में पॉपकॉर्न के लिए एक नया और सरल टैक्स स्‍ट्रक्‍चर मंजूर कर लिया गया है, जो 22 सितंबर से लागू होगा.

अब पॉपकॉर्न पर कितना लगेगा टैक्स?

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काउंसिल ने अब टैक्स लगाने का एक बहुत ही सीधा-सादा नियम बना दिया है:

  • नमकीन या मसालेदार पॉपकॉर्न: इस पर अब सिर्फ 5% GST लगेगा. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये खुला बेचा जा रहा है या पैकेट में.
  • कैरेमल पॉपकॉर्न: चूंकि इसमें चीनी होती है और यह कन्फेक्शनरी (मिठाई) की श्रेणी में आता है, इसलिए इस पर पहले की तरह ही 18% GST लगता रहेगा.

पहले कहां था कन्‍फ्यूजन?

जीएसटी दरों की घोषणा से पहले ही, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई थी क्‍योंकि अब तक नमक वाले पॉपकॉर्न पर दो अलग-अलग तरह के टैक्स लगाए जा रहे थे. खुला बिकने वाला नमकीन पॉपकॉर्न 5% टैक्स के दायरे में था, पैकेट वाला 12% में, और मीठा यानी कैरेमल पॉपकॉर्न 18% में. इस 'खिचड़ी' ने कारोबारियों और ग्राहकों, दोनों को परेशान कर रखा था.

इसी तरह, क्रीम बन को लेकर भी कन्फ्यूजन था. पहले, क्रीम बन पर 18% टैक्स लगता था, जबकि बन और क्रीम अलग-अलग खरीदने पर सिर्फ 5% टैक्स था. काउंसिल ने इस विसंगति को भी दूर करते हुए अब क्रीम बन को भी 5% के स्लैब में ला दिया है.

आम आदमी के लिए और क्या-क्या हुआ सस्ता?

इस बैठक में कई और बड़े फैसले लिए गए, जिनसे आम आदमी को सीधी राहत मिलेगी.

  • टैक्स स्लैब हुए कम: सबसे बड़ा फैसला है मौजूदा चार-स्तरीय टैक्स स्‍ट्रक्‍चर (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर दो स्लैब (5% और 18%) में बदलने का फैसला किया गया है.
  • जरूरी सामान: यूएचटी दूध, पनीर, मक्खन, चीज, बिस्कुट, जूस और ड्राई फ्रूट्स जैसे जरूरी सामान अब 5% या जीरो-टैक्स कैटेगरी में आ जाएंगे.
  • रोजमर्रा की सेवाएं: जिम, सैलून, योग सेंटर और नाई की दुकान जैसी सेवाएं, जिन पर पहले 18% टैक्स लगता था, अब उन पर भी सिर्फ 5% GST लगेगा.

'सिन गुड्स' पर लगा 40% का स्पेशल टैक्स

राहत देने के साथ-साथ, काउंसिल ने कुछ चीजों पर टैक्स बढ़ाया भी है.

"सिन एंड लग्जरी गुड्स" (GST on Sin Goods) जैसे तंबाकू, बीड़ी, पान मसाला, एनर्जी ड्रिंक्स, महंगी गाड़ियां, यॉट और प्राइवेट एयरक्राफ्ट पर 40% का एक विशेष टैक्स स्लैब बनाया गया है. IPL टिकट और ऑनलाइन मनी गेमिंग को भी इसी 40% के स्लैब में रखा गया है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. पॉपकॉर्न पर नया जीएसटी नियम कब से लागू होगा.

जवाब: पॉपकॉर्न पर जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर, 2025 से देशभर में लागू हो जाएंगी.

2. क्या सिनेमा हॉल में मिलने वाला पॉपकॉर्न भी सस्ता होगा.

जवाब: हां. अगर आप नमकीन या मसालेदार पॉपकॉर्न खरीदते हैं, तो उस पर अब 5% जीएसटी लगेगा, जिससे उसकी कीमत थोड़ी कम हो सकती है. लेकिन अगर आप कैरेमल पॉपकॉर्न लेते हैं तो उस पर 18% जीएसटी ही लगेगा.

3. क्या सभी तरह की कारों पर टैक्स कम हुआ है.

जवाब: नहीं. काउंसिल ने छोटी कारों, 350cc से कम की मोटरसाइकिलों और इलेक्ट्रिक वाहनों को निचले स्लैब में लाने का प्रस्ताव मंजूर किया है. हाई-एंड और लग्जरी गाड़ियों को 40% के नए स्लैब में रखा गया है.

4. 'सिन गुड्स' क्या होते हैं.

जवाब: 'सिन गुड्स' उन वस्तुओं को कहा जाता है जिन्हें समाज या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, जैसे तंबाकू, शराब, और अब ऑनलाइन मनी गेमिंग.

5. जीएसटी स्लैब में बदलाव का क्या मतलब है.

जवाब: इसका मतलब है कि अब देश में सिर्फ दो ही टैक्स दरें होंगी - 5% और 18%. इससे टैक्स प्रणाली बहुत सरल हो जाएगी. 12% और 28% के स्लैब को खत्म कर दिया गया है.

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