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GST on Popcorn: 'पॉपकॉर्न' - सिनेमा हॉल का ये सबसे पसंदीदा स्नैक है. सिनेमाप्रेमी अगर मूवी देखने जाएं तो पॉपकॉर्न के बिना उनका काम नहीं चलता. लेकिन पिछले एक साल से जीएसटी की दुनिया में पॉपकॉर्न (Popcorn) एक बड़ी बहस का मुद्दा बना हुआ था. कन्फ्यूजन ये था कि आखिर इस पर टैक्स कितना लगना चाहिए?
लेकिन अब, जीएसटी काउंसिल ने इस कन्फ्यूजन को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है. बुधवार को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में पॉपकॉर्न के लिए एक नया और सरल टैक्स स्ट्रक्चर मंजूर कर लिया गया है, जो 22 सितंबर से लागू होगा.
काउंसिल ने अब टैक्स लगाने का एक बहुत ही सीधा-सादा नियम बना दिया है:
जीएसटी दरों की घोषणा से पहले ही, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई थी क्योंकि अब तक नमक वाले पॉपकॉर्न पर दो अलग-अलग तरह के टैक्स लगाए जा रहे थे. खुला बिकने वाला नमकीन पॉपकॉर्न 5% टैक्स के दायरे में था, पैकेट वाला 12% में, और मीठा यानी कैरेमल पॉपकॉर्न 18% में. इस 'खिचड़ी' ने कारोबारियों और ग्राहकों, दोनों को परेशान कर रखा था.
इसी तरह, क्रीम बन को लेकर भी कन्फ्यूजन था. पहले, क्रीम बन पर 18% टैक्स लगता था, जबकि बन और क्रीम अलग-अलग खरीदने पर सिर्फ 5% टैक्स था. काउंसिल ने इस विसंगति को भी दूर करते हुए अब क्रीम बन को भी 5% के स्लैब में ला दिया है.
इस बैठक में कई और बड़े फैसले लिए गए, जिनसे आम आदमी को सीधी राहत मिलेगी.
राहत देने के साथ-साथ, काउंसिल ने कुछ चीजों पर टैक्स बढ़ाया भी है.
"सिन एंड लग्जरी गुड्स" (GST on Sin Goods) जैसे तंबाकू, बीड़ी, पान मसाला, एनर्जी ड्रिंक्स, महंगी गाड़ियां, यॉट और प्राइवेट एयरक्राफ्ट पर 40% का एक विशेष टैक्स स्लैब बनाया गया है. IPL टिकट और ऑनलाइन मनी गेमिंग को भी इसी 40% के स्लैब में रखा गया है.
जवाब: पॉपकॉर्न पर जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर, 2025 से देशभर में लागू हो जाएंगी.
जवाब: हां. अगर आप नमकीन या मसालेदार पॉपकॉर्न खरीदते हैं, तो उस पर अब 5% जीएसटी लगेगा, जिससे उसकी कीमत थोड़ी कम हो सकती है. लेकिन अगर आप कैरेमल पॉपकॉर्न लेते हैं तो उस पर 18% जीएसटी ही लगेगा.
जवाब: नहीं. काउंसिल ने छोटी कारों, 350cc से कम की मोटरसाइकिलों और इलेक्ट्रिक वाहनों को निचले स्लैब में लाने का प्रस्ताव मंजूर किया है. हाई-एंड और लग्जरी गाड़ियों को 40% के नए स्लैब में रखा गया है.
जवाब: 'सिन गुड्स' उन वस्तुओं को कहा जाता है जिन्हें समाज या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, जैसे तंबाकू, शराब, और अब ऑनलाइन मनी गेमिंग.
जवाब: इसका मतलब है कि अब देश में सिर्फ दो ही टैक्स दरें होंगी - 5% और 18%. इससे टैक्स प्रणाली बहुत सरल हो जाएगी. 12% और 28% के स्लैब को खत्म कर दिया गया है.