GST Council Meet: निर्यातकों के लिए ऑटोमेटेड रिफंड सिस्टम, 150 से ज्यादा सामान पर घट सकता है टैक्स - सूत्र

GST Council की 56वीं बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक, निर्यातकों के लिए ऑटोमेटेड जीएसटी रिफंड सिस्टम, 150 से ज्यादा वस्तुओं पर टैक्स कटौती और गाड़ियों को सस्ता करने का सुझाव दिया गया है.
GST Council Meet: निर्यातकों के लिए ऑटोमेटेड रिफंड सिस्टम, 150 से ज्यादा सामान पर घट सकता है टैक्स - सूत्र

GST Council की 56वीं बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है. सूत्रों के मुताबिक, निर्यातकों के लिए ऑटोमेटेड जीएसटी रिफंड सिस्टम को मंजूरी देने का प्रस्ताव सामने आया है. इस कदम का मकसद है कि कारोबारियों को रिफंड आसानी से और समय पर मिल सके. साथ ही, टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि 150 से ज्यादा वस्तुओं पर जीएसटी घटाने का विचार किया गया है, ताकि आम लोगों और छोटे कारोबारियों को राहत मिल सके.

क्या है ऑटोमेटेड जीएसटी रिफंड सिस्टम?

सूत्रों के मुताबिक, निर्यातकों को जीएसटी रिफंड के लिए अब तक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. इसमें देरी होने से उनके कैश फ्लो पर असर पड़ता है. अब काउंसिल इस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाने पर विचार कर रही है, जिससे आवेदन के तुरंत बाद सिस्टम से ही रिफंड प्रोसेस हो सकेगा. इससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि पारदर्शिता भी बनी रहेगी.

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समयबद्ध जीएसटी रजिस्ट्रेशन का भी प्रस्ताव

काउंसिल में यह भी चर्चा हुई कि कारोबारियों को GST रजिस्ट्रेशन अब एक तय समय सीमा में दिया जाए. अभी तक कई बार आवेदन करने के बाद भी रजिस्ट्रेशन मिलने में समय लग जाता है. सूत्रों का कहना है कि अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो खासकर छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स के लिए बड़ा फायदा होगा.

टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव की चर्चा

सूत्रों के हवाले से खबर है कि काउंसिल इस बार टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाने के लिए दो-स्लैब सिस्टम पर विचार कर रही है. फिलहाल कई वस्तुओं पर 5%, 12%, 18% और 28% तक जीएसटी लगता है. अब प्रस्ताव है कि इसे घटाकर सिर्फ दो दरों पर लाया जाए – 5% और 18%. इसके तहत 12% और 28% स्लैब की कई वस्तुओं को कम टैक्स स्लैब में लाने की तैयारी है.

किन वस्तुओं पर मिल सकती है राहत?

सूत्रों का कहना है कि 150 से ज्यादा वस्तुओं पर टैक्स घटाने पर चर्चा हुई है. इनमें रोजमर्रा की चीजें और खानपान से जुड़ी वस्तुएं भी शामिल हैं. दूध से बने कई उत्पाद जैसे लोज़ पनीर, पिज्जा ब्रेड, रोटी और खाखरा पर जीएसटी कम करने पर विचार है. पैकेज्ड फूड जैसे परांठा और परोट्टा, जिन पर अभी 18% जीएसटी लगता है, उन्हें भी जीएसटी फ्री करने का प्रस्ताव है.

बटर, कंडेंस्ड मिल्क, जैम, सूखे मेवे, नमकीन, खजूर और मशरूम जैसी चीजों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने पर चर्चा है. चॉकलेट, पेस्ट्री, आइसक्रीम और सीरियल फ्लेक्स जैसी ब्रेकफास्ट और डेजर्ट आइटम्स पर भी टैक्स कम करने की बात सामने आई है.

शिक्षा और स्टेशनरी सस्ती हो सकती है

सूत्रों का कहना है कि पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी चीजों को भी जीएसटी से बाहर लाने का विचार है. इसमें मैप, ग्लोब, एक्सरसाइज बुक, ग्राफ बुक, लैब नोटबुक, पेंसिल शार्पनर जैसी चीजें शामिल हैं. अगर ऐसा होता है तो छात्रों और अभिभावकों को काफी राहत मिलेगी.

गाड़ियों पर टैक्स कटौती की चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, एंट्री-लेवल पैसेंजर व्हीकल और टू-व्हीलर पर भी टैक्स घटाकर 18% किया जा सकता है. अभी तक इन पर 28% जीएसटी और 1% से 22% तक का सेस लगता है. अगर प्रस्ताव पास होता है तो आम ग्राहकों के लिए गाड़ियां और दोपहिया वाहन काफी सस्ते हो जाएंगे.

आम जनता और कारोबारियों को फायदा

अगर ये प्रस्ताव हकीकत में बदलते हैं, तो सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा. खाने-पीने से लेकर स्टेशनरी और गाड़ियों तक हर चीज सस्ती हो सकती है. वहीं, कारोबारियों के लिए ऑटोमेटेड जीएसटी रिफंड सिस्टम और टाइम-बाउंड रजिस्ट्रेशन बड़ी राहत साबित होगा.

22 सितंबर तक हो सकता है लागू

हालांकि, सूत्रों ने साफ किया है कि ये सारी बातें फिलहाल चर्चा के स्तर पर हैं. काउंसिल के अंतिम फैसले के बाद ही कोई बदलाव लागू होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि 22 सितंबर तक नया जीएसटी स्ट्रक्चर लागू हो सकता है.

FAQs

Q1. क्या जीएसटी काउंसिल ने ऑटोमेटेड रिफंड सिस्टम लागू कर दिया है?

नहीं, अभी इस पर चर्चा हुई है. अंतिम फैसला आने के बाद ही लागू होगा.

Q2. किन वस्तुओं पर जीएसटी कम होने की संभावना है?

सूत्रों के मुताबिक, 150 से ज्यादा वस्तुएं जैसे खाने-पीने का सामान, स्टेशनरी और गाड़ियां सस्ती हो सकती हैं.

Q3. ऑटोमेटेड जीएसटी रिफंड सिस्टम से किसे फायदा होगा?

निर्यातकों को फायदा होगा, क्योंकि उन्हें समय पर और आसान तरीके से रिफंड मिलेगा.

Q4. जीएसटी रजिस्ट्रेशन में क्या बदलाव हो सकता है?

अब यह तय समय सीमा में देने का प्रस्ताव है, जिससे छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी.

Q5. नया जीएसटी स्ट्रक्चर कब तक लागू हो सकता है?

सूत्रों के अनुसार, 22 सितंबर 2025 तक इसे लागू किया जा सकता है, बशर्ते काउंसिल मंजूरी दे दे.

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