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GST Collection in November: जीडीपी में गिरावट के बीच सरकार को जीएसटी के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है. घरेलू लेनदेन से अधिक राजस्व मिलने से नवंबर में ग्रॉस माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 8.5 प्रतिशत बढ़कर 1.82 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया. रविवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय जीएसटी संग्रह 34,141 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी 43,047 करोड़ रुपये, एकीकृत आईजीएसटी 91,828 करोड़ रुपये और सरचार्ज 13,253 करोड़ रुपये रहा.
अक्टूबर में 1.87 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह नौ प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ दूसरा सबसे अच्छा जीएसटी संग्रह था. अब तक का सबसे अधिक संग्रह अप्रैल, 2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक था. समीक्षाधीन महीने के दौरान घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 9.4 प्रतिशत बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयात पर कर से राजस्व लगभग छह प्रतिशत बढ़कर 42,591 करोड़ रुपये हो गया. इस महीने के दौरान 19,259 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 8.9 प्रतिशत कम है.
रिफंड समायोजित करने के बाद, शुद्ध जीएसटी संग्रह 11 प्रतिशत बढ़कर 1.63 लाख करोड़ रुपये हो गया. डेलॉयट इंडिया के साझेदार एम एस मणि ने कहा कि चालू वित्त वर्ष (2024-25) में सात प्रतिशत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि चालू वित्त वर्ष के शेष चार महीनों में जीएसटी संग्रह के लिए अच्छी है. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के पहले आठ महीनों में संग्रह वित्त वर्ष 2024-25 से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है और वित्त वर्ष 2024-25 के बजट अनुमानों से आगे है.
चालू वित्त वर्ष में अब तक शुद्ध जीएसटी संग्रह 12.90 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल अप्रैल-नवंबर की अवधि में 11.81 लाख करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था. 2024-25 के पहले सात महीनों के लिए केंद्र सरकार के राजस्व-व्यय के आंकड़ों से पता चला है कि शुद्ध कर राजस्व लगभग 13 लाख करोड़ रुपये और चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 50.5 प्रतिशत था. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा जारी लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के दौरान 1 अप्रैल से 10 नवंबर तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह, जिसमें कॉर्पोरेट कर और व्यक्तिगत आयकर शामिल हैं, 15.4 प्रतिशत बढ़कर 12.1 लाख करोड़ रुपये हो गया.