&format=webp&quality=medium)
जैसे ही देश में त्योहारी रौनक शुरू हुई, वैसे ही भारतीय अर्थव्यवस्था ने भी एक नई रफ्तार पकड़ ली है. इस बार ये रौनक सिर्फ त्योहारों की वजह से नहीं है, बल्कि GST 2.0 की नई दरों का भी इसमें बड़ा हाथ है. GST 2.0 और फेस्टिव सीजन के डबल इफेक्ट के चलते कंज्यूमर डिमांड में जबरदस्त उछाल आया है. वहीं डिजिटल ट्रांजैक्शन के आंकड़ों ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
श्राद्ध पक्ष के के बाद नवरात्रि शुरू होते ही लोगों ने जमकर खरीदारी करनी शुरू कर दी है. आलम ये है कि नई दरें लागू होने के पहले ही दिन डिजिटल ट्रांजैक्शन में 10 गुना की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई. शुरुआती दो दिनों में तो रोजाना लगभग 11 लाख करोड़ रुपये तक के ट्रांजैक्शन हुए, ये दिखाता है कि लोग अब कैश की जगह डिजिटल पेमेंट को कितना पसंद कर रहे हैं.
लोग सबसे ज्यादा कार, मोटरसाइकिल और Home Appliances पर सबसे ज्यादा खर्च कर रहे हैं. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि श्राद्ध पक्ष खत्म होने और नवरात्रि की शुरुआत के बाद खरीदारी का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वो दिवाली तक जारी रहेगा
| Mode of Payment | 21Sep | 22Sep | 23Sep |
| NEFT | 21,224 | 1.6 Lk | 1.4Lk |
| UPI | 60,321 | 82,477 | 81,648 |
| IMPS | 10,520 | 20,241 | 20,114 |
| Credit Card | 2,620 | 12,945 | 8,922 |
| Debit Card | 647 | 1,690 | 1,360 |
ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि कैसे त्योहारों और GST कटौती ने मिलकर डिजिटल पेमेंट को एक नई ऊंचाई दी है. NEFT में 21 सितंबर के मुकाबले 22 सितंबर को 1.6 लाख करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ, जो एक दिन में जबरदस्त उछाल है. UPI और IMPS ट्रांजैक्शन में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई, जो छोटे और बड़े दोनों तरह के भुगतानों में डिजिटल माध्यमों की बढ़ती स्वीकार्यता को दिखाता है.
GST 2.0 का सबसे ज्यादा फायदा अगर किसी ने उठाया है, तो वो हैं क्रेडिट कार्ड यूजर्स. नई GST दरें लागू होने के पहले तीन दिनों में ही क्रेडिट कार्ड स्पेंडिंग में 5 गुना की जबरदस्त बढ़त देखी गई है. जहां पहले दैनिक औसत स्पेंडिंग 5 से 6000 रुपये की रेंज में रहती थी, वो बढ़कर 20 से 25000 रुपये तक पहुंच गई है.
| Month | Spend(In Cr) |
| Jan | 5,953 |
| Feb | 5,985 |
| Mar | 6,513 |
| Apr | 6,154 |
| May | 6,136 |
| June | 6,114 |
| July | 6,265 |
| Aug | 6,178 |
| First 3 Day After GST | 25,000 |
ये ट्रेंड साफ दिखाता है कि क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स ने GST 2.0 से मिले फायदों को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. खासकर त्योहारों के इस मौसम में, जहां बड़े खर्चों की उम्मीद होती है, क्रेडिट कार्ड्स ने लोगों को फाइनेंशियल सुविधा के साथ-साथ बचत का मौका भी दिया है.