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जब से देश में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लागू हुआ है, इसने टैक्स सिस्टम को सरल तो बनाया है, लेकिन छोटे और मझोले कारोबारियों (MSMEs) के लिए इसकी प्रक्रियाएं अक्सर एक सिरदर्द रही हैं. GST रजिस्ट्रेशन लेने से लेकर रिफंड पाने तक में उन्हें कई तरह की मुश्किलों और लंबे इंतजार का सामना करना पड़ता है.
लेकिन अब ऐसा लगता है कि सरकार ने उनकी इन समस्याओं को सुन लिया है और एक बड़े राहत पैकेज की तैयारी कर रही है. जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) ऐसी तैयारी कर रहा है, जो छोटे कारोबारियों के लिए GST की दुनिया की तस्वीर ही बदल कर रख देगा. CBIC जल्द ही GST की ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन की सुविधा की शुरुआत कर सकता है. GST काउंसिल की अगली बैठक में इसका फैसला होने की उम्मीद है.
जानकारी के मुताबिक CBIC जल्द ही ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरुआत करने की योजना बना रहा है, जिसके तहत छोटे कारोबारियों को सिर्फ 3 दिनों के भीतर GST रजिस्ट्रेशन दे दिया जाएगा. शुरुआती दौर में ये सुविधा उन छोटे कारोबारियों को दी जाएगी जो महीने में 3 से 5 लाख तक के ई-इनवॉयस (e-invoice) जेनरेट करते हैं.
अगर ऐसा होता है तो इससे न सिर्फ रजिस्ट्रेशन में लगने वाला समय बचेगा, बल्कि कारोबारियों के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार करने में आसानी) भी बढ़ेगी. बता दें कि अभी की व्यवस्था में, जब कोई कारोबारी GST रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई करता है, तो उसे कई दिनों और कभी-कभी हफ्तों का इंतजार करना पड़ता है. एप्लिकेशन फाइल करने के बाद अधिकारी उसकी जांच-पड़ताल (वेरिफिकेशन) करते हैं, जिसमें काफी समय लगता है.
ये पूरी प्रक्रिया ऑटोमैटिक होगी. जैसे ही कोई कारोबारी अप्लाई करेगा, सिस्टम उसके फाइनेंशियल रिकॉर्ड और ई-इनवॉयस के डेटा के आधार पर तेजी से वेरिफिकेशन करेगा. अगर सब कुछ सही पाया गया, तो 3 दिन के अंदर GST नंबर जारी कर दिया जाएगा.
अब सबकी नजर GST काउंसिल की अगली बैठक पर टिकी है. GST काउंसिल की बैठक जल्द ही होने की संभावना है. माना जा रहा है कि इस बैठक में ये फैसला हो सकता है. बता दें कि GST काउंसिल वो सर्वोच्च संस्था है जिसमें केंद्र और सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होते हैं और GST से जुड़े सभी बड़े फैसले लेते हैं. अगर बैठक में काउंसिल से CBIC के इन प्रस्तावों को हरी झंडी मिल जाती है, तो देश के करोड़ों छोटे कारोबारियों के लिए ये एक बहुत बड़ी सौगात होगी. ये कदम न सिर्फ उनके कारोबार को बढ़ाएगा, बल्कि और ज्यादा कारोबारियों को GST के दायरे में आने के लिए प्रोत्साहित भी करेगा.