मिल गया Gratuity का पैसा, तो क्या अब इस पर देना होगा टैक्स? जानिए क्या है इसका नियम

नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट पर मिलने वाली ग्रेच्युटी आपकी उम्मीद से कहीं ज्यादा हो सकती है.सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी के अलग-अलग नियम और कैलकुलेशन का सही फॉर्मूला यहां आसान भाषा में समझें.
मिल गया Gratuity का पैसा, तो क्या अब इस पर देना होगा टैक्स? जानिए क्या है इसका नियम

Gratuity का 20 लाख तक का फंड टैक्स फ्री होता है ( फोटो: एआई)

करी करते समय PF और सैलरी पर तो ध्यान जाता है, लेकिन एक बड़ा पैसा ऐसा होता है जो अंत में एक साथ मिलता है, वो है ग्रेच्युटी. जी हां कई लोग यह नहीं समझते कि यह कैसे बनती है, कब मिलती है और इस पर टैक्स लगता है या नहीं

अगर आपने यह समझ लिया तो आप अपना सही हक क्लेम कर पाएंगे और टैक्स में भी फायदा ले पाएंगे.

5 प्वाइंट में पहले समझ लें पूरी बात

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  • ग्रेच्युटी लंबी सेवा का रिवॉर्ड है
  • 5 साल की सर्विस के बाद मिलती है (कुछ मामलों में पहले भी)
  • फॉर्मूला: (Basic + DA × 15 × साल) ÷ 26
  • सरकारी कर्मचारियों के लिए पूरी तरह टैक्स फ्री
  • निजी कर्मचारियों के लिए ₹20 लाख तक टैक्स छूट

ग्रेच्युटी इतनी जरूरी क्यों है?

  • असल में यह आपकी लंबी नौकरी का इनाम है
  • यह एक तरह की forced saving नहीं
  • बल्कि reward based earning है
  • इससे रिटायरमेंट के टाइम में बड़ा फंड बन सकता है

ग्रेच्युटी की बेसिक बातें

  • कानून: Payment of Gratuity Act, 1972
  • पात्रता: 1 साल तक लगातार नौकरी
  • लागू: 10 या अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियां
  • अधिकतम सीमा: करीब ₹20 लाख (टैक्स छूट)gratuity

ग्रेच्युटी कब मिलती है?

  • नौकरी छोड़ने (Resignation) पर
  • मृत्यु या अपंगता की स्थिति में
  • यानी कि नौकरी खत्म होने पर

कौन लोग ग्रेच्युटी के लिए पात्र हैं?

  • नए रूल्स के हिसाब से 1 साल की निरंतर सेवा जरूरी
  • लेकिन खास मामलों में छूट
  • मृत्यु
  • अपंगता
  • fixed-term employees (प्रो-राटा बेसिस)

नए श्रम नियमों में फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को 1 साल में भी ग्रेच्युटी मिल सकती है

ग्रेच्युटी कैसे कैलकुलेट होती है?

फॉर्मूला

(लास्ट सैलरी × 15 × नौकरी के साल) ÷ 26

जहां

लास्ट सैलरी = बेसिक + DA
15 = 15 दिन की सैलरी
26 = काम के दिन

  • जितनी लंबी नौकरी
  • उतना बड़ा अमाउंट

आपके लिए इसका क्या मतलब है?

  • आपकी बेसिक सैलरी जितनी ज्यादा ग्रेच्युटी उतनी ज्यादा
  • लंबे समय तक नौकरी पर बड़ा फंड का तोहफा
  • सही कैलकुलेशन जानना आपके पैसे को बचाता है

क्या ग्रेच्युटी पर टैक्स लगता है?

  • यह सबसे बड़ा सवाल है
  • सरकारी कर्मचारी की पूरी ग्रेच्युटी टैक्स फ्री
  • निजी कर्मचारी ₹20 लाख तक टैक्स फ्री
  • इससे ज्यादा रकम पर टैक्स लगेगा

टैक्स कैसे कैलकुलेट होता है?

टैक्स छूट इन 3 में से जो कम होगा उस पर मिलेगी

  • वास्तविक ग्रेच्युटी
  • ₹20 लाख
  • फॉर्मूले से निकली राशि

टैक्स समझिए आसान भाषा में

  • अगर ग्रेच्युटी ₹15 लाख है
  • पूरा टैक्स फ्री
  • अगर ₹25 लाख है
  • ₹20 लाख टैक्स फ्री
  • ₹5 लाख पर टैक्स
    कैटेगरी (Category)नियम और जानकारी
    पात्रता 5 साल की सर्विस (नियमित) / 1 साल (फिक्स्ड-टर्म)
    कब मिलती है?रिटायरमेंट, इस्तीफा या नौकरी खत्म होने पर
    सैलरी का मतलब बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता
    अधिकतम टैक्स छूट₹20 लाख (प्राइवेट)
    भुगतान की अवधिकंपनी को 30 दिनों के भीतर पैसा देना अनिवार्य है
    नहीं मिलने पर?देरी होने पर कंपनी को ब्याज (Interest) भी देना पड़ सकता है

अब आपको क्या करना चाहिए?

  • अपनी सर्विस का टेन्योर चेक करें
  • बेसिक सैलरी को समझें
  • HR से ग्रेच्युटी कैलकुलेशन लें
  • टैक्स प्लानिंग पहले से करें

यह इतना जरूरी क्यों है?

  • क्योंकि बहुत लोग ग्रेच्युटी समझ नहीं पाते
  • कम अमाउंट लेकर निकल जाते हैं
  • या फिर टैक्स ज्यादा भर देते हैं

आगे क्या ध्यान रखें?

  • नए वेज नियमों से बेसिक बढ़ेगी
  • ग्रेच्युटी भी बढ़ेगी
  • फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को भी फायदा

आपके काम की बात

एक बात हर किसी को समझ लेना चाहिए कि ग्रेच्युटी छोटा फायदा नहीं है.असल में यह आपकी नौकरी का सबसे बड़ा रिवॉर्ड होता है.मतलब सही जानकारी यानी कि सही पैसा और गलत समझ यानी कि आपका नुकसान ही नुकसान.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या 5 साल से पहले ग्रेच्युटी मिलती है

हां 1 साल में अब मिलेगी

Q2 क्या यह हर कंपनी में मिलती है

10+ कर्मचारियों वाली कंपनियों में

Q3 क्या ग्रेच्युटी पर टैक्स लगता है

सीमा के बाद हां

Q4 क्या बेसिक सैलरी से फर्क पड़ता है

हां, सीधा असर पड़ता है

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