&format=webp&quality=medium)
नए लेबर कोड्स से ग्रेच्युटी के नियम बदल गए (फोटो सोर्स: एआई)
1 अप्रैल से लागू नए लेबर कोड्स के साथ नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव आया है.ग्रेच्युटी अब 5 साल की नौकरी के बाद ही नहीं, बल्कि 1 साल में भी मिल सकती है.
यह बदलाव खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए अहम है जो बार-बार नौकरी बदलते हैं या जिनकी सर्विस लंबी नहीं होती.
पहले जहां ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल की लगातार नौकरी जरूरी थी, अब यह शर्त ढीली कर दी गई है.
ग्रेच्युटी एक तरह का रिवॉर्ड या फाइनेंशियल सिक्योरिटी बेनिफिट है, जो कंपनी अपने कर्मचारी को उसकी सेवा के बदले देती है.
यह तय होती है:
इसे आप “जॉब का बोनस” भी मान सकते हैं
यह भी पढ़ें: दिवालिया हुई कंपनी तो Gratuity के पैसे का क्या होगा? IBC कानून में क्या है वो ताकत जो दिलाएगी कर्मचारियों को पूरी रकम
| नियम | पहले क्या था | अब क्या बदला |
| पात्रता (Eligibility) | 5 साल जरूरी | 1 साल में भी संभव |
| टैक्स-फ्री लिमिट | ₹10 लाख | ₹20 लाख |
| पेमेंट समय | तय नहीं | 30 दिन में अनिवार्य |
| देरी पर | स्पष्ट नियम नहीं | 10% ब्याज + पेनल्टी |
| लागू | सीमित | प्राइवेट + पब्लिक दोनों |
ग्रेच्युटी का फॉर्मूला वही रहेगा:
ग्रेच्युटी = अंतिम बेसिक सैलरी × (15/26) × कुल सर्विस (साल)
यहां:
15 = 15 दिन का वेज
26 = महीने के कामकाजी दिन
अगर आपकी सैलरी ₹50,000 है और आपने 1 साल काम किया है:
कैलकुलेशन:
50,000 × (15/26) × 1
नतीजा:
= ₹28,847 (लगभग)
अलग-अलग सैलरी पर ग्रेच्युटी (1 साल)
| मासिक सैलरी | 1 साल की ग्रेच्युटी |
| ₹20,000 | ₹11,538 |
| ₹30,000 | ₹17,308 |
| ₹40,000 | ₹23,077 |
| ₹50,000 | ₹28,847 |
| ₹70,000 | ₹40,385 |
1. जॉब बदलने वाले कर्मचारी
2. कॉन्ट्रैक्ट/शॉर्ट-टर्म कर्मचारी
3. प्राइवेट सेक्टर कर्मचारी
पहले:
5 साल पूरा नहीं- कोई ग्रेच्युटी नहीं
अब:
1 साल काम में भी फायदा

अब नौकरी छोड़ने पर “कुछ भी नहीं” वाली स्थिति खत्म
नए लेबर कोड्स के तहत ग्रेच्युटी का यह बदलाव नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ा राहत भरा कदम है. अब हर साल आपकी मेहनत का सीधा फायदा मिलेगा और नौकरी बदलने का नुकसान कम होगा.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या अब 1 साल में ग्रेच्युटी मिलेगी?
हां, नए नियमों में यह संभव किया गया है
Q2 क्या फॉर्मूला बदला है?
नहीं, वही पुराना फॉर्मूला लागू रहेगा
Q3 क्या टैक्स देना होगा?
₹20 लाख तक टैक्स-फ्री
Q4 क्या सभी कंपनियों में लागू होगा?
लागू होने का स्टेटस कंपनी/स्टेट पर निर्भर कर सकता है