सोना खरीदें या चांदी? लॉन्ग टर्म निवेश के लिए कौन है बेहतर, Deepak Wadhwa से समझिए पूरा गणित

सोना खरीदें या चांदी? ज़ी बिज़नेस के पॉडकास्ट 'Bucks Talk' में एक्सपर्ट दीपक वाधवा ने लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहतरीन टिप्स दिए हैं. तो जानिए 70-30 का वो फॉर्मूला जो आपके पोर्टफोलियो को मजबूत बनाएगा और समझिए क्यों सोना आज भी निवेश का सबसे बड़ा आधार है.
सोना खरीदें या चांदी? लॉन्ग टर्म निवेश के लिए कौन है बेहतर, Deepak Wadhwa से समझिए पूरा गणित

 भारतीय परिवारों में गोल्ड और सिल्वर पहली पसंद होते हैं   (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt) 

जब भी सुरक्षित इन्वेस्टमेंट की बात होती है, भारतीय परिवारों में सबसे पहले दो नाम सामने आते हैं सोना और चांदी. असल में सालों-साल से ये दोनों कीमती धातुएं प्रॉपर्टी बचाने और बढ़ाने का जरिया रही हैं. लेकिन जब निवेशक अपने पैसे को लंबे टाइम के लिए लगाना चाहते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर सोना खरीदें या चांदी?

ज़ी बिज़नेस के पॉडकास्ट शो ‘Bucks Talk’ में फाइनेंस कंटेंट क्रिएटर Deepak Wadhwa ने इस सवाल पर अपनी राय रखी और दोनों धातुओं में इन्वेस्टमेंट का बैलेंस तरीका बताया.

Gold vs Silver Investment Tips

एक बात तो साफ है कि जब भी इन्वेस्टमेंट की बात आती है, तो फिर भारतीय परिवारों में गोल्ड और सिल्वर पहली पसंद होते हैं. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह उलझन रहती है कि लंबी अवधि के लिए इन्वेस्टमेंट करना हो, तो किस पर दांव लगाना ज्यादा फायदेमंद होगा? जी हां ज़ी बिज़नेस के खास पॉडकास्ट शो ‘Bucks Talk’ में फाइनेंस कंटेंट क्रिएटर दीपक वाधवा ने इस सवाल का बहुत ही आसान और सटीक जवाब दिया है.

सोना और चांदी: निवेश का सही अनुपात क्या हो?

दीपक वाधवा का मानना है कि इन्वेस्टमेंट के लिए दोनों ही मेटल अच्छे हैं. तो अगर आपके पास इन्वेस्टमेंट के लिए ₹100 हैं, तो आप उसे दो तरीके से बांट सकते हैं.

1-पहला तरीका यह है कि आप 50-50 का फॉर्मूला अपनाएं, यानी आधा पैसा सोने में और आधा चांदी में लगाएं.

2-दूसरा और ज्यादा सुरक्षित तरीका यह है कि आप 70% पैसा गोल्ड में लगाएं और 30% पैसा सिल्वर में. तो फिर उनका कहना है कि चांदी पर भी पूरा भरोसा किया जा सकता है.

सिल्वर ने समय के साथ खुद को साबित किया है

चांदी की वैल्यू को समझाते हुए दीपक वाधवा ने एक दिलचस्प उदाहरण दिया है. वैसे उन्होंने बताया कि करीब 25-26 साल पहले जब उनकी शादी हुई थी, तब सोना ₹4000 प्रति तोला था और चांदी ₹8000 से ₹9000 प्रति किलो के आसपास थी.

आज के इस टाइम में चांदी की कीमत भी एक समय ₹4 लाख तक पहुंच गई थी (हालांकि अब वह ₹2.5 लाख के आसपास है). इससे यह साफ होता है कि चांदी ने भी समय के साथ अपनी ताकत और 'वर्थ' (वैल्यू) साबित की है.

गहनों में सोना और गिफ्टिंग में चांदी का बोलबाला

अक्सर सोना-चांदी के शब्द साथ में ही निकलता है, लेकिन दोनों के यूज में एक बड़ा फर्क होता है. दीपक वाधवा के अनुसार, गहनों के मामले में सोने का कोई मुकाबला नहीं है. जी हां महिलाएं बचत के तौर पर या पहनने के लिए हमेशा गोल्ड ज्वेलरी ही पसंद करती हैं. चांदी का यूज गहनों के तौर पर बहुत कम देखा जाता है.

चांदी का ज्यादातर उपयोग 'गिफ्टिंग' के लिए होता है. जैसे किसी शादी में चांदी का बर्तन देना या बच्चे के जन्म पर चांदी का गिलास देना. हम रोजमर्रा की लाइफ में चांदी की थाली में खाना नहीं खाते, असल में यह केवल शादी-ब्याह या खास मौकों पर गिफ्ट देने तक ही सीमित है.

INFO

इंडस्ट्रियल यूज और इकॉनमी का आधार

सोना हमेशा से इकॉनमी का 'मूलभूत आधार' रहा है. वहीं सिल्वर की अपनी अलग अहमियत है, जिसका एक बड़ा हिस्सा इंडस्ट्रियल यूज (औद्योगिक उपयोग) में जाता है. हालांकि दीपक वाधवा ने ये साफ किया कि उन्हें इसके तकनीकी इंडस्ट्रियल इस्तेमाल (जैसे चिप्स आदि में) के बारे में ज्यादा गहराई से जानकारी नहीं है, लेकिन बाजार में इसकी मांग बनी रहती है.

आधारसोनाचांदी
स्थिरताज्यादाकम
उतार-चढ़ावकमज्यादा
निवेशकों का भरोसाबहुत ज्यादाअच्छा
औद्योगिक मांगसीमितकाफी ज्यादा
पोर्टफोलियो में हिस्साज्यादाकम

निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • केवल कीमत देखकर फैसला न लें
  • अपने जोखिम उठाने की क्षमता समझें
  • निवेश का लक्ष्य साफ रखना चाहिए
  • पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखें

आखिरी फैसला: किसमें कितना निवेश करें?

दीपक वाधवा की सलाह साफ है कि गोल्ड तो हमेशा सोना ही रहने वाला है. वह कहते हैं कि पुरानी कहावत है कि हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती, लेकिन हमने कभी यह नहीं कहा कि हर चमकने वाली चीज चांदी नहीं होती."

सोना इकॉनमी का आधार है, तो इसलिए इसे अपने पोर्टफोलियो में ज्यादा रखें. चांदी की वैल्यू आगे बढ़ सकती है, इसलिए इसे कम मात्रा में शामिल करें. यानी दोनों में निवेश करना बेहतर है, बस मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 सोने और चांदी में निवेश का सही फॉर्मूला क्या है?

बेस्ट फॉर्मूला 70% सोना और 30% चांदी का है, आप चाहें तो 50-50 का बैलेंस भी रख सकते हैं

Q2 क्या चांदी ने वाकई अच्छा रिटर्न दिया है?

25 सालों में चांदी ₹9 हजार से बढ़कर लाखों तक पहुची है, इसने खुद को बेहतरीन निवेश साबित किया है

Q3 लोग चांदी के बजाय सोने के गहने क्यों खरीदते हैं?

सोना इकॉनमी का आधार और बचत का सबसे सुरक्षित तरीका है,चांदी का उपयोग ज्यादातर सिर्फ गिफ्ट देने तक सीमित है

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